29th January 2017 377

आरक्षण को लेकर फिर सड़को पर उतरे जाट हरियाणा में हाई अलर्ट


हिसार, रोहतक, सोनीपत, पानीपत जिलों में पुलिस ने की नाकेबंदी

नई दिल्ली। तय कार्यक्रम के अनुसार रविवार सुबह से ही अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के नेताओं ने जसिया में डेरा डाल दिया है। इसके साथ ही प्रशासन भी चौकस हो गया है। जाट आंदोलन के नजरिए से संवेदनशील जिले हिसार, रोहतक, सोनीपत, पानीपत में पुलिस ने नाकेबंदी कर दी है। इसके साथ ही इन सभी जगहों पर धारा 144 लगा दी गई है। इसके अलावा आंदोलन के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए हरियाणा सरकार ने केंद्र से पैरा मिलिट्री फोर्स की 20 और कंपनियां मांगी हैं। अद्र्धसैनिक बलों की 37 कंपनियां यहां पहले से मोर्चा संभाल चुकी हैं। गौरतलब है कि अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के अध्यक्ष यशपाल मलिक ने शनिवार को ही गुडग़ांव में कहा था कि प्रदेश सरकार ने हमारी कोई मांग नहीं मानी। इसलिए 29 जनवरी से जाट आरक्षण को लेकर सभी जाट नेता धरने पर बैठेंगे। हालांकि, उन्होंने धरना शांतिपूर्वक रहने की बात कही थी। सीआईडी से जाट जागृति सेना के नेताओं के तेवर की जानकारी मिलने के बाद रोहतक और सोनीपत प्रशासन ने मुनक नहर पर 15 सीआरपीएफ कंपनियों का पहरा बढ़ा दिया। प्रशासन का दावा है कि फिलहाल नहर के आसपास 20 सीआरपीएफ कंपनियां और करीब 250 पुलिस जवान तैनात कर दिए गए हैं। गौरतलब है कि शनिवार को रोहतक से जाट जागृति सेना ने दिल्ली की हवापानी रोकने की धमकी दी थी। संगठन ने चेतावनी दी कि अगर सरकार उनकी मांगें नहीं मानती है तो आने वाला समय न सिर्फ हरियाणा, बल्कि देश की राजधानी दिल्ली के लिए भी सुकून भरा नहीं होगा। उन्होंने कहा कि युवा जाट मुनक नहर पर कजा करेंगे। पिछले वर्ष भी नहर की सुरक्षा के लिए हरियाणा पुलिस के 300 जवान तैनात थे, लेकिन दंगाइयों को देख ये सभी भाग खड़े हुए थे।


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