14th March 2019 161

मसूद अजहर पर संयुक्त राष्ट्र की चीन को चेतावनी


संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने कहा, खुले हैं दूसरी कार्रवाई के विकल्प 

चीन ने चौथी बार ग्लोबल आतंकी घोषित होने से रोका मसूद अजहर को 

नई दिल्ली। पुलवामा हमले के बाद संयुक्त राष्ट्र की सुरक्षा परिषद में फ्रांस, ब्रिटेन और अमेरिका ने जैश सरगना मसूद अजहर को ग्लोबल आतंकी घोषित करने के लिए 27 फरवरी को प्रस्ताव पेश किया था जिसके पास होने से ठीक 60 मिनट पहले आखिरी पलों में चीन ने यह कहते हुए अड़ंगा लगा दिया कि जांच के लिए और वक्त चाहिए। इस मामले में सुरक्षा परिषद के 15 सदस्य देशों के पास आपत्ति दर्ज कराने के लिए 13 मार्च तक का वक्त दिया गया था। जिस पर चीन ने एक बार फिर अड़ंगा लगा दिया। चीन के बार बार मसूद अजहर को ग्लोबल आतंकी घोषित करने से बचाने पर सुरक्षा परिषद के सदस्यों ने चीन को चेतावनी दे दी है। सुरक्षा परिषद के सदस्यों ने चीन से कहा है कि अगर वो मसूद अजहर को लेकर अपने रुख को नहीं बदलेगा तो दूसरी कार्रवाई के विकल्प खुले हैं। सुरक्षा परिषद के एक दूत ने चीन को असामान्य कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि यदि चीन इस कार्य में बाधा पैदा करना जारी रखता है तो जिम्मेदार सदस्य देश सुरक्षा परिषद में अन्य कदम उठाने पर मजबूर हो सकते हैं। ऐसी स्थिति उत्पन्न नहीं होनी चाहिए। दूत ने अपनी पहचान गोपनीय रखने की शर्त पर यह कहा।

बता दें कि मसूद अजहर को ग्लोबल आतंकी घोषित करने के प्रस्ताव पर चीन ने एक बार फिर अडंगा लगा दिया है। इस फैसले से कुछ घंटे पहले चीन ने वीटो का इस्तेमाल कर पाकिस्तान के दुलारे मसूद को बचा लिया। इस तरह भारत समेत फ्रांस, अमेरिका और ब्रिटेन की मसूद अजहर को ग्लोबल आतंकी घोषित करने की कोशिशों को झटका लगा है। चीन ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में कहा कि हम बिना सबूतों के कार्रवाई के खिलाफ  है और हमें जांच के लिए और वक्त चाहिए। ये दस साल में चौथी बार है जब चीन ने यूएनएससी में मसूद अजहर को बचाया है।

सुरक्षा परिषद में एक अन्य दूत ने एक प्रश्न के उत्तर में कहा कि चीन ने चौथी बार सूची में अजहर को शामिल किए जाने के कदम को बाधित किया है। उन्होंने कहा कि चीन को अपना वह काम करने से रोकना नहीं चाहिए, जो सुरक्षा परिषद ने उसे सौंपा है। संयुक्त राष्ट्र प्रतिबंध समिति में होने वाला विचार विमर्श गोपनीय होता है और इसलिए सदस्य देश सार्वजनिक रूप से इस पर टिप्पणी नहीं कर सकते। इसलिए दूतों ने भी अपनी पहचान गोपनीय रखे जाने का आग्रह किया। चीन के बार बार मसूद अजहर को ग्लोबल आतंकी घोषित करने से बचाने पर सुरक्षा परिषद के सदस्यों ने चीन को चेतावनी दे दी है। सुरक्षा परिषद के सदस्यों ने चीन से कहा है कि अगर वो मसूद अजहर को लेकर अपने रुख को नहीं बदलेगा तो दूसरी कार्रवाई के विकल्प खुले हैं। सुरक्षा परिषद ने चीन को असामान्य कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि यदि चीन इस कार्य में बाधा पैदा करना जारी रखता है तो जिम्मेदार सदस्य देश सुरक्षा परिषद में अन्य कदम उठाने पर मजबूर हो सकते हैं।

दूत ने कहा कि चीन का यह कदम आतंकवाद के खिलाफ लडऩे और दक्षिण एशिया में क्षेत्रीय स्थिरता को बढ़ावा देने के उसके स्वयं के बताए लक्ष्यों के विपरीत है। उन्होंने पाकिस्तान की जमीन पर सक्रिय आतंकवादी समूहों और उसके सरगनाओं को बचाने के लिए चीन पर निर्भर रहने को लेकर पाकिस्तान की भी आलोचना की।

अमेरिकी कांग्रेस के सदस्य ब्रैड शेरमैन ने चीन के इस कदम को अस्वीकार्य करार दिया और कहा कि चीन ने एक बार फिर संयुक्त राष्ट्र को उस जैश ए मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर पर प्रतिबंध लगाने से रोक दिया, जिसने फरवरी में भारत में पुलवामा हमला किया था। मैं चीन से अपील करता हूं कि वह संयुक्त राष्ट्र को अजहर पर प्रतिबंध लगाने दे। हेरिटेज फाउंडेशन के जेफ स्मिथ और अमेरिकन इंटरप्राइज इंस्टीट्यूट के सदानंद धूमे समेत अमेरिकी थिंक टैंक के कई सदस्यों ने भी चीन के इस कदम की निंदा की।



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