8th January 2017 562

दागी विधायकों पर दाव नहीं लगाएगी भाजपा


रावत ने विधायक के पिता के नाम पर रखा है मेडिकल कालेज का नाम

कुमाऊं के दो भाजपा विधायकों पर लगे हैं दाग

दागी विधायकों का चिट्ठा पहुंचा अमित शाह तक

रुद्रपुर। भाजपा में भी दागियों की कमी नहीं है। कुमाऊं के ऐसे दो भाजपा विधायकों का काला चिट्ठा राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह तक पहुंचा दिया गया है, जो कांग्रेस सरकार की उस वक्त मदद करने के लिए सशर्त तैयार थे, जब हरीश रावत सरकार पर संकट के बादल मंडराए थे। सीएम रावत ने एक विधायक को खुश करने के  लिए तो उसके पिता के नाम पर एक मेडिकल कालेज का नाम रखने की अधिसूचना भी जारी कर दी थी। लिहाजा भाजपा के मौजूदा इन दोनों विधायकों पर पार्टी दाव नहीं लगाएगी, ऐसा माना जा रहा है।

भाजपा में उत्तराखंड विधान सभा चुनाव को लेकर प्रत्याशियों की स्क्रीनिंग का काम चल रहा है। मौजूदा विधायकों से लेकर नए चेहरों तक के जनाधार का लेखा जोखा खंगाला जा रहा है। कुमाऊं में भाजपा जिताऊ प्रत्याशियों की स्क्रीनिंग कर रही है। भाजपा संगठन और आरएसएस से भी सुझाव मंगाए गए हैं। प्रत्याशियों का ऐलान करने से पहले दावेदारों का पार्टी के प्रति समर्पण एवं उनकी वफादारी का आंकलन भी किया जा रहा है। इसमें कुमाऊं के मौजूदा दो मौजूदा भाजपा विधायकों के काला चिट्ठा भी पार्टी के शीर्ष नेताओं ने गंभीरता से लिया है। ये वह दो विधायकों हैं जो लालच में कांग्रेस की उस वक्त मदद करने को तैयार हुए थे जब हरीश रावत की सरकार अल्पमत में आ गई थी। मार्च 2016 में बजट सत्र के दौरान कांग्रेस के ही नौ विधायकों ने सरकार से बगावत कर दी थी। सरकार अल्पमत में आई तो भाजपा ने अपने विधायकों की निगरानी शुरू कर दी थी। भाजपा के साथ आरएसएस अपने विधायकों की हर गतिविधि पर नजर रख रही थी। इस बीच कुमाऊं के दो विधायक हरीश रावत सरकार को संकट से उबारने के लिए सशर्त तैयार हो गए थे। चर्चा रही कि बाजपुर के एक कांग्रेसी नेता की मार्फत बातचीत हो रही थी। सरकार संकट में थी लिहाजा मुख्यमंत्री हरीश रावत ने बिना देर लगाए ही मेडिकल कालेज का नाम विधायक के पिता के नाम पर रखने की अधिसूचना तक जारी कर दी थी।

विधायकों की सभी शर्ते पूरी करने के लिए मुख्यमंत्री तैयार हैं इसकी नजीर मेडिकल कालेज का नाम रखकर हरीश रावत ने पेश भी कर दी थी। पिछले साल हरीश रावत सरकार के संकट को दूर करने के खेल में भागीदार बनने का जो खेल भाजपा विधयाकों ने खेलना चाहा था अब वही उनके लिए संकट का कारण बनता नजर आ रहा है। एक भाजपा के दिग्गज नेता ने इन दोनों भाजपा विधायकों का काला चिट्ठा पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष तक पहुंचा दिया है। सबूत के तौर पर वह अधिसूचना भी अमित शाह तक पहुंचाई गई जिसमें हरीश रावत सरकार ने मेडिकल कालेज का नाम रखने की घोषणा की है। माना रहा है कि भाजपा का शीर्ष नेतृत्व ऐसे दागियों पर विधानसभा चुनाव में दाव लगाने से परहेज करेगी।  उत्तराखंड भाजपा के साथ आरएसएस से भी शीर्ष नेतृत्व ने दोनों विधायकों के संबंध में आउटपुट मांगा है। सूत्रों का दावा है कि आरएसएस ने दोनों विधायकों की सत्यनिष्ठा पर सवाल लगाते हुए शीर्ष नेतृत्व को अपनी रिपोर्ट भेज दी है। भाजपा में आरएसएस की रिपोर्ट को निष्पक्ष माना जाता है लिहाजा भाजपा इन दो विधायकों के पर कतर सकती है। 



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