2nd October 2018 74

किसानों पर तनीं सत्ता की बंदूकें


हिंसक हुआ किसानों का आंदोलन, यूपी गेट पर किसानों ने तोड़े बैरीकेड
पुलिस ने किया लाठी चार्ज, आंसू गैस के गोले छोड़े, 30 किसान घायल
किसानों को रोकने के लिए वॉटर कैनन का भी किया गया इस्तेमाल
नई दिल्ली/गाजियाबाद। विभिन्न मांगों को लेकर हरिद्वार से आ रही किसान क्रांति पदयात्रा को दिल्ली यूपी बॉर्डर पर रोक दिया गया। पदयात्रा के मद्देनजर मंगलवार सुबह से उत्तर प्रदेश गेट पर दिल्ली में घुसने के सभी रास्ते सील कर दिये गये थे लेकिन किसानों ने पुलिस की बैरिकेटिंग तोड़ दी और दिल्ली की ओर कूच कर गये।
बता दें कि बिजली रेट में कमी और कर्जमाफी समेत 15 सूत्रीय मांगों को लेकर नौ दिन पहले भारतीय किसान यूनियन के बैनर तले हरिद्वार से शुरू हुई किसान क्रांति पदयात्रा दिल्ली यूपी बॉर्डर के पास मंगलवार सुबह पहुंच गई। आज सुबह जब किसानों ने पुलिस बैरिकेडिंग को पार करने की कोशिश की तो किसानों और पुलिस के बीच जमकर नोकझोंक हो गई। नोकझोंक के दौरान किसान उग्र हो गए और बैरिकेडिंग पर ट्रैक्टर चढ़ाने के साथ ही बैरिकेड उठाकर भी फेंकने लगे। बैरिकेड तोडऩे के बाद हजारों की संख्या में किसानों ने दिल्ली में प्रवेश कर लिया। पुलिस ने जब हालात बेकाबू होते देखे तो पानी की बौछार करना शुरू कर दिया। इसके बाद भी जब किसान नहीं माने तो पुलिस ने भीड़ को तितर बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले और रबर बुलेट का इस्तेमाल किया। इसके बाद भी जब किसान अपनी जिद पर अड़े रहे और बैरिकेड तोड़कर दिल्ली की सरहद में घुसने की कोशिश करने लगे तो पुलिस ने उन लाठीचार्ज कर दिया और किसानों को खदेडऩे की कोशिश की। लाठीचार्ज में 30 किसान घायल हो गए।
मेरठ से आये एक किसान हरमिक सिंह ने कहा कि हम सरकार से कोई भीख नहीं मांग रहे हैं। हम अपना अधिकार मांग रहे हैं। उन्होंने बताया कि किसान बिजली की ऊंची दरों और आसमान छूती ईंधन की कीमतों के कारण संकट में हैं। उन्होंने कहा कि आपको 500 रूपये का गैस ठीक लगता है क्या?
उधर यूपी गेट पर रोके जाने से नाराज भारतीय किसान यूनियन के पदाधिकारी नरेश टिकैत ने अधिकारियों से पूछा है कि उन्हें क्यों रोका जा रहा है। उनकी रैली पूरे अनुशासन के साथ बढ़ रही है। अगर हम अपनी समस्याएं अपनी सरकार के सामने नहीं रखेंगे तो किससे कहेंगे। क्या हम पाकिस्तान या बांग्लादेश चले जाएं।
यूपी सीमा पर निषेधाज्ञा लागू
उत्तर प्रदेश से लगने वाली सीमा पर स्थित पुलिस चौकियों में निषेधाज्ञा लागू होने के कारण पांच या अधिक लोगों के एकत्र होने, किसी तरह की सार्वजनिक बैठक आयोजित करने, एम्प्लीफायर, लाउडस्पीकर और इसी तरह के किसी अन्य उपकरणों के इस्तेमाल पर रोक लगा दी गयी है।
किसानों को मनाने में जुटे राजनाथ
किसानों को मनाने के लिए गृहमंत्री राजनाथ सिंह उनके प्रतिनिधिमंडल से वार्ता कर रहे हैं। करीब एक घंटे पहले ही यूपी गेट पहुंचने पर उनके प्रतिनिधिमंडल को पहले पुलिस अधिकारियों ने समझाने का प्रयास किया था। किसानों के न माननेे पर उन्हें गृहमंत्री से मिलवाने के लिए ले जाया गया है। वहीं किसान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मिलकर अपनी मांगे रखने पर अड़े हुए हैं। किसानों दिल्ली के राजघाट जाने पर अड़े हुए हैं। सोमवार शाम यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी किसानों के प्रतिनिधिमंडल से मिलकर उन्हें समझाने का प्रयास किया था, लेकिन वह भी असफल रहे थे।



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