25th March 2019 535

पढिय़े...भीड़ से हारी भाजपा, हरदा का हौसला बरकरार


भाजपा की सभा से भीड़ नदारद, बड़े चेहरों से गुलजार रही सभा

हरीश रावत ने सभा में उमड़ी भारी भीड़ से कराया जीत का एहसास

अजय भट्ट के सभा में कांग्रेस की अपेक्षा चौथाई भीड़ भी नहीं जुटी

रुद्रपुर। रानीखेत विधानसभा से चार बार चुनाव लड़े और दो बार अजट भट्ट को हार का मुंह ताकना पड़ा। हालिया विधानसभा चुनाव भी अजय भट्ट हार गए, वह भी तब जब वह प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी का नेतृत्व कर रहे थे। अबकी बार उनकी साख दांव पर है। अजय भट्ट लोक सभा चुनाव के मैदान में हैं। नामांकन कराने के बाद वह जनसभा स्थल पर पहुंचे, लेकिन भीड़ नदारद थी। हालांकि बड़े चेहरे इस भीड़ में जरूर मौजूद थे। इधर, पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने जनसभा में भीड़ दिखा कर एक बार फिर न सिर्फ अपनी मौजूदगी का एहसास कराया, बल्कि यह भी दिखा दिया कि उनमें लोकसभा चुनाव जीतने का माद्दा भी है। 

इतना तो पहले ही तय माना जा रहा था कि दोनों बड़े नेता रुद्रपुर में ही नामांकन कराएंगे। इसकी सबसे बड़ी वजह यह है कि नैनीताल की अपेक्षा यहां वोटर ज्यादा है। सो, आज पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत व भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट ने लगभग एक ही समय पर रुद्रपुर कलेक्ट्रेट में अपना नामांकन कराया। नामांकन कराने के बाद अजय भट्ट गल्ला मंडी स्थित सभा स्थल पर पहुंचे। उनके साथ प्रदेश के बड़े चेहरे और तमाम विधायक मौजूद थे। प्रदेश में पूर्ण बहुमत की भाजपा सरकार है और नैनीताल ऊधमसिंहनगर से खुद भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट मैदान में हैं। ऐसे में माना यही जा रहा था कि भाजपा सभा और जुलूस में जुटने वाली भीड़ के जरिये जीत का एहसास कराएगी, लेकिन ऐसा हो नहीं सका। भाजपा की भीड़ में बड़े चेहरों की कमी नहीं थी, लेकिन इस भीड़ से आम जन नदारद थे। अब इसके पीछे की वजहों को तलाशने में जुटे लोग तरह तरह के कयास लगा रहे हैं। 

फिलहाल, अब बात करें पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत की तो बीते विधानसभा चुनाव उन्हीं के कार्यकाल में हुआ था। तब उन्होंने किच्छा और हरिद्वार ग्रामीण सीट से ताल ठोंकी थी। हालांकि इन दोनों ही सीटों से हरीश रावत की बड़ी हार का सामना करना पड़ा। हार का सामना सिर्फ हरीश रावत को नहीं करना पड़ा, बल्कि अजय भट्ट की अगुवाई में पूरे प्रदेश से ही कांग्रेस का सूपड़ा साफ हो गया। अब जिद्द पर मिले नैनीताल ऊधमसिंहनगर से लोकसभा टिकट पर चुनाव लड़ रहे हरीश रावत (हरदा) की इज्जत दांव पर है। हालांकि पहले उन्हें हरिद्वार से लडऩे के लिए राजी किया जा रहा था। इसके विपरीत हरदा ने नैनीताल ऊधमसिंहनगर की सुरक्षित सीट से चुनाव लडऩे का फैसला किया और टिकट भी ले आए। अब वक्त था कि हरदा साबित करें कि उन्हें सही सीट से टिकट दिया गया है, तो आज गांधी पार्क में आयोजित सभा में उमड़ी भीड़ ने उन्होंने यह तो साबित कर दिया कि वह चुनाव जीत सकते हैं। हरदा की सभा में भाजपा की अपेक्षा चार गुना ज्यादा भीड़ दिखी। हालांकि हरदा की सभा से कुछ बड़े चेहरों ने अपनी मौजूदगी दर्ज नहीं कराई। अब अगर हरदा सभा में उमड़ी भीड़ को वोट में बदल पाए तो वह अपनी जीत का रास्ता साफ कर लेंगे। इधर, अगर अजय भट्ट ने मौजूदा माहौल को समझने में देर लगाई तो वह अपनी सीट गवां सकते हैं और अगर वह हारे तो उनके राजनीतिक भविष्य पर भी संकट के बादल मंडरा सकते हैं। सभा में सांसद भगत सिंह कोश्यारी, विधायक राज कुमार ठुकराल, विधायक नवीन दुम्का, विधायक राम सिंह कैड़ा, विधायक यशपाल आर्या, विधायक संजीव आर्या, विधायक पुष्कर सिंह धामी, विधायक प्रेम सिंह राणा, विधायक सौरभ बहुगुणा, विधायक राजेश शुक्ला, जिलाध्यक्ष शिव अरोरा, जिलाध्यक्ष प्रदीप बिष्ट, वन निगम अध्यक्ष सुरेश परिहार, मेयर राम पाल सिंह, मेयर जोगेंद्र रौतेला, केएमवीएम उपाध्यक्ष रेनू अधिकारी। 

अबकी बार फिर मोदी सरकार और चौकीदार

रुद्रपुर। इतना तो साफ है कि मोदी सरकार अपने विकास कार्यों को गिनाने से ज्यादा हवाई सर्जिकल स्ट्राइक को चुनाव में मुद्दा बना रही है। इसके साथ ही राहुल गांधी के चौकीदार चोर है वाले स्लोगन के विपरीत मैं भी चौकीदार कैंपेन शुरू कर दिया है। इस कैंपेन का असर आज सभा में भी दिखा। भाजपा कार्यकर्ता हाथों में मैं भी चौकीदार की तख्तियां लिए दिखाई दिए। इसके अलावा मैं भी चौकीदार वाले स्टीकर भी सभा में खूब बांटे गए। इन स्टीकर्स को किसी ने अपने मोबाइल पर लगाया तो किसी ने अपनी शर्ट और कुर्ते पर। मोदी के चेहरे वाले कटआउट का भी सभा में खूब जोर दिखा और पोस्टर्स में दिखा अबकी बार फिर से मोदी सरकार। इसके अलावा सभा में नेताओं ने भाषणबाजी भी खूब की। लगभग नेताओं के भाषण में पुलवामा हमले के बाद भारत द्वारा लिए गए प्रतिशोध का जिक्र था और वह इसी के जरिये जनता से भाजपा के पक्ष में वोट डालने की अपील करते सुनाई दे रहे थे। नेता कह रहे थे कि देश को मजबूर नहीं, मजबूत सरकार की जरूरत है और यह मजबूत सरकार मोदी के नेतृत्व वाली सरकार है। नेताओं ने हवाई सर्जिकल स्ट्राइक से पहले हुए सर्जिकल स्ट्राइक का जिक्र करना भी नहीं भूले। 

कैड़ा ने समर्थन के बदले मांगा आशीर्वाद

रुद्रपुर। भीमताल विधानसभा से जीत दर्ज करने वाले निर्दलीय विधायक राम सिंह कैड़ा ने भाजपा की सभा में पहुंच कर सबको चौंका दिया। उनके पहुंचने से यह माना जाने लगा है कि अब नैनीताल में भाजपा का जनाधार और मजबूत होगा। बहरहाल, सभा में पहुंचे विधायक कैड़ा ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि वह मोदी सरकार से प्रेरित नहीं है, बल्कि मोदी सरकार की कार्यशैली से प्रेरित हैं। वह भाजपा सरकार की विकास वाली सोच से प्रेरित हैं और इसी सोच से प्रेरित होकर उन्होंने आज भाजपा को अपना समर्थन दिया। हालांकि उन्होंने यह जरूर कहा कि इस समर्थन के बदले वह भाजपा और अजय भट्ट से आशीर्वाद जरूर चाहते हैं। साथ ही यह भी कहा कि मैं उम्मीद करता हूं कि मुझे आशीर्वाद मिलेगा। अब इस आशीर्वाद के भी कई मायने निकालने जा रहे हैं। खैर, उन्होंने विकास की परिभाषा को स्पष्ट करते हुए कहा कि उनकी विधानसभा में 40 40 पुरानी सड़कें पड़ी थी, लेकिन वह तमाम सरकारों में बन नही पाई। जब भाजपा की सरकार आई तो वही सड़के चमाचमा हो गईं। कहा, अगर हर विधायक अपने अपने क्षेत्र की जिम्मेदारी ले ले तो अजय भट्ट को चुनाव जीतने से कोई नहीं रोक सकता। 



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