12th October 2018 554

कारनामा : आरोपी बना जांच अधिकारी, शिकंजे में पीडि़त फरियादी


पीडि़त फरियादी ने डाक निरीक्षक पर लगाया था रिश्वत लेने और मांगने का आरोप
पीडि़त पोस्ट मास्टर पर बनाया जा रहा था फर्जी नियुक्ति करने का दबाव
मामले में आलाधिकारियों ने डाक निरीक्षक को सौंपी पोस्ट मास्टर की जांच
रुद्रपुर। डाक विभाग में फर्जी नियुक्तियों के खिलाफ आवाज उठाने वाले की नौकरी पर बन आई है। पूरे मामले में आवाज उठाने वाले फरियादी को ही आलाधिकारियों ने सवालों के कटघरे में खड़ा कर दिया है। पीडि़त ने जिस डाक निरीक्षक पर रिश्वत लेकर फर्जी नियुक्ति करने का आरोप लगाते हुए अधिकारियों को लिखित शिकायत दी थी। अब उन्हीं अधिकारियों ने नया कारनामा कर डाला है। मामले में आरोपी डाक निरीक्षक की जांच तो ठंडे बस्ते में डाल दी गई और पोस्ट मास्टर को आरोपी घोषित करते हुए उसे 90 दिन के लिए पुट ऑन ड्यूटी कर दिया गया है। इन दिनों में आरोपी डाक निरीक्षक को उत्तम नगर डाक घर की पूरी जांच कर रिपोर्ट पेश करनी है। अब आप ही समझ सकते हैं कि जिस पर रिश्वत लेकर नियुक्ति का आरोप हो अगर वही जांच अधिकारी बन जाए तो जांच रिपोर्ट क्या आएगी।
पूरा मामला उत्तमनगर डाकघर से जुड़ा हुआ है। यहां वेद प्रकाश बतौर पोस्टमास्टर के पद पर तैनात हैं। वेद के साथ जमुना प्रसाद पोस्टमैन थे, जिन्हें कुछ समय पहले बरा स्थानांतरित कर दिया गया। पूरे मामले में वेद प्रकाश का कहना है कि पहले डाक निरीक्षक अशोक पाठक व मेल ओवरसीयर पनेरू और हिमांशु सरकार ने उनसे 40 हजार रुपये की रिश्वत बतौर जीएसटी व सीजीएसटी के रुप में मांगी गई। जब उन्होंने रिश्वत देने से इंकार किया तो वेद प्रकाश को पुटऑफ ड्यूटी या फिर सस्पेंड करने की धमकी दी गई। इधर, पोस्टमैन के तबादले के बाद डाक निरीक्षक ने विवेक कुमार की पोस्टमैन पद पर फर्जी नियुक्ति कर दी। एक रोज विवेक उत्तमनगर पोस्ट ऑफिस पहुंचा और वेद प्रकाश से चार्ज देने के लिए कहा। इस पर वेद प्रकाश ने विवेक से नियुक्ति पत्र मांग लिया। जिस पर विवेक ने सीधे डाक निरीक्षक अशोक पाठक से बात करा दी। अशोक पाठक ने बगैर किसी कागज के नियुक्ति करने के लिए कहा। जब वेद प्रकाश ने मना किया तो फोन पर अशोक पाठक ने गाली गलौज कर दी। दोबारा अपने मोबाइल से फोन कर वेद प्रकाश से गाली गलौज की और कहा कि उन्होंने नियुक्ति से एवज में 30 हजार रुपये लिए। इधर, कुछ दिन बाद ही विवेक हाथ से लिखा नियुक्ति पत्र लेकर पहुंच गया। जिस पर अशोक पाठक और ओवरसीयर के हस्ताक्षर और मुहर लगी थी। इसे फर्जी नियुक्ति पत्र बताते हुए वेद प्रकाश ने विवेक को चलता कर दिया। बीती 22 सितंबर को मेल ओवर सीयर किच्छा पनेरू, हिमांशु सरकार, बीपीएम भंगा कमलजीत, नवल, अंगद, ताहिर अली शाह आदि उत्तमनगर डाकघर पहुंचे और वेद प्रकाश को नौकरी से हटाने की बात कही, लेकिन कारण और कागज नहीं दिए। साथ ही कहा कि अगर नौकरी नहीं छोड़ी तो जेल भेज देंगे। 29 सितंबर को डाक निरीक्षक अशोक पाठक और मेल ओवर सीयर सात अन्य लोगों के साथ डाकघर पहुंचे और डाक घर का 7487 हजार रुपये कैश छीन लिया। धक्का मुक्की और गाली गलौज करते हुए उक्त लोग डाकघर का सारा रेकार्ड उठा कर ले गए। इस मामले में वेद प्रकाश ने किच्छा थाने में तहरीर देने के साथ प्रवर डाक अधीक्षक नैनीताल, सूचना एवं प्रसारण मंत्री, जीफ पोस्ट मास्टर जनरल देहरादून व डायरेक्टर जनरल डाक विभाग दिल्ली को लिखित शिकायत दी है। कुल मिलाकर अब इस मामले में आरएस तोमर प्रवर डाक अधिक्षक ने डाक निरीक्षक अशोक पाठक को मामले की जांच दे दी है। वहीं वेद प्रकाश का कहना है कि यह जांच उन्हें सस्पेंड करने की साजिश का ही एक हिस्सा है।


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