5th December 2018 16

पढिय़े... ईसरो को अब किस क्षेत्र में मिली बड़ी कामयाबी


ईसरो ने लॉन्च किया सबसे भारी सेटेलाइट जीसेट 11 

फ्रांस के एरियन 5 उपग्रह की मदद से अंतरिक्ष में सफलतापूर्वक भेजा गया

इंटरनेट में आएगी स्पीड क्रांति, 16 गीगाबाइट प्रति सेकेंड तक हो सकती इंटरनेट की गति

बेंगलुरु। बुधवार सुबह भारतीय स्पेस एजेंसी इसरो ने अंतरिक्ष में एक भारी भरकम छलांग लगा दी है। इसरो ने दक्षिण अमेरिका के फ्रेंच गुयाना में यूरोपियन स्पेस सेंटर से जीसेट 11 उपग्रह को सफलतापूर्वक लॉन्च कर दिया है। इस उपग्रह को फ्रांस के एरियन 5 उपग्रह की मदद से अंतरिक्ष में भेजा गया है। यह अब तक का सबसे वजनी सेटेलाइट है। इसका वजन 5854 किलो है। जीसेट 11 भारत के ग्रामीण इलाकों में ब्रॉडबैंड सेवाओं के विस्तार में अहम योगदान देगा। 

आपको बता दें कि इसरो का यह अब तक का सबसे ज्यादा वजनी सैटेलाइट है जिसका वजन 5,845 किलोग्राम है। भारतीय समयानुसार देर रात 2.07 और 3.23 बजे के बीच इस सैटेलाइट को लॉन्च किया गया। इसे इसरो की एक बड़ी कामयाबी माना जा रहा है। इससे भारत में इंटरनेट की गति बढ़ाने में मदद मिलेगी। कहा जा रहा है कि ये कामयाबी टेलिकॉम सेक्टर के लिए वरदान साबित हो सकता है, क्योंकि इसकी मदद से इंटरनेट की गति 16 गीगाबाइट प्रति सेकेंड तक हो सकती है। वैज्ञानिकों ने बताया कि शुरुआत में उपग्रह भू समतुल्यकालिक स्थानांतरण कक्षा में ले जाया जाएगा और उसके बाद उसे भू स्थैतिक कक्षा में स्थापित किया जाएगा। यह सेटेलाइट देश के टेलीकॉम सेक्टर खासकर ग्रामीण भारत के लिए यह वरदान साबित होगा।

गौरतलब है कि जीसेट 19 और जीसेट 29 सैटेलाइट्स को पहले ही लॉन्च कर चुका है। इनके अलावा जीसेट 20 को अगले साल लॉन्च किया जाना है।

क्या हैं इस सैटेलाइट की खूबियां

इस सैटेलाइट की लाइफ 15 साल है, इसमें एक सोलर पैनल भी लगा है।

इंटरनेट की स्पीड 14 जीबीपीएस तक करने की क्षमता।

नेक्सट जेनरेशन प्लेटफॉर्म तैयार करने वाली क्षमताएं।

100 जीबी की स्पीड देगा जीसेट 11

उच्च क्षमता वाला यह थ्रोपुट संचार उपग्रह हर सेकंड 100 गीगाबाइट से ऊपर की ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी देगा। साथ ही यह देश में उन्नत दूरसंचार और डीटीएच सेवाएं भी प्रदान करेगा। यह देश में पहले से मौजूद इनसैट या जीसैट सेटेलाइट सिस्टम की तुलना में यूजर्स को ज्यादा स्पीड देगा। यह नई पीढ़ी के एप्लीकेशन को प्रदर्शित करने के लिए प्लेटफॉर्म भी उपलब्ध कराएगा।

करीब 9 महीने लेट हुआ मिशन 

पहले जीसैट 11 को इसी साल मार्च अप्रैल में भेजा जाना था लेकिन जीसैट 6ए मिशन के नाकाम होने के बाद इसे टाल दिया गया। 29 मार्च को रवाना जीसैट 6ए अंतरिक्ष की कक्षा से गायब हो गया था। चूंकि जीसेट 11 में कुछ पुर्जे जीसेट 6ए से भी लिए गए थे। ऐसे में आशंका थी कि जीसैट 11 में यही दिक्कत सामने आ सकती है, इसलिए इसकी लॉन्चिंग को रोक दिया गया था। इसके बाद कई टेस्ट किए गए और पाया गया कि सारे सिस्टम ठीक हैं।

अगले साल लॉन्च होगा जीसेट 20

इसरो के अनुसार भारत में डेटा सर्विस को और तेज बनाने के लिए जीसेट श्रेणी के 4 उपग्रहों को अंतरिक्ष में भेजने की योजना बनाई गई है। चार में से दो उपग्रह जीसैट 19 और जीसैट 29 पहले ही लांच हो चुके हैं। जीसैट 11 को बुधवार को लांच किया गया है। इस क्रम में जीसैट 20 अगले साल लांच किया जायेगा।


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