10th November 2017 75

हमेशा सुखी रहने के लिए माता पिता अपने बच्चों से पूछते रहें ये सवाल


आप सवाल पूछने में संकोची तो नहीं हैं? यदि ऐसा है तो अपना यह व्यवहार बदल लें और सवाल पूछने में देर न करें। यह आदत व्यावसायिक क्षेत्र के साथ पारिवारिक जीवन में भी बड़ी काम आएगी। किसी काम या बात की पूरी जानकारी निकालने के बाद भी जीवन में कुछ प्रश्न ऐसे खड़े होते हैं, जिनके उत्तर समय रहते दूसरों से ले लेने चाहिए।

यदि आप माता या पिता हैं तो बच्चों की भलाई के लिए उनसे कोई सवाल जरूर पूछते रहें। कुछ सवाल तो जीवनसाथी से भी होते रहने चाहिए। सवाल पूछने में बुराई नहीं है लेकिन, सवाल पूछने का भी तरीका होता है। दो तरीके से पूछे जाते हैं। पहला अहंकार के साथ और दूसरा सरलता के साथ। यदि अहंकार से सवाल पूछ रहे हैं तो उत्तर शायद परेशान करे और समाधान भी नहीं मिलेगा। सवाल पूछते समय अहंकार रहित होकर सरलता से पूछिए और उत्तर पूरी श्रद्धा से सुनिए।

अपने तर्क को हटाइए, गिराइए या रोक लीजिए। ज्ञान को थोड़ा विश्राम दे दीजिए फिर उत्तर सुनिए। जब तसल्ली से उत्तर सुन लें तब अपने ज्ञान, तर्क व जानकारी का उपयोग कीजिए। पता नहीं कौन सा उत्तर आपके लिए प्रेरणा बन जाए, भविष्य के लिए बहुत बड़ा मार्गदर्शन बन जाए। दुनिया में कोई यह दावा नहीं कर सकता कि उसके पास हर प्रश्न का उत्तर है।

बहुत से उत्तर तो उस सवाल से ही जुड़े होते हैं। यदि आप सवाल की चाबी लगाएंगे नहीं तो उत्तर का ताला खुलेगा भी नहीं। सभी के पास अपने अपने उत्तर होते हैं। सवाल पूछने की क्रिया का लाभ यह है कि इससे अहंकार गिरता है। सरलता से पूछेंगे, श्रद्धा से सुनेंगे तो आपकी जानकारी बढ़ जाएगी। इसलिए सवाल करने में देर न करते हुए जवाब सुनते समय पूरी तरह सरल हो जाएं।


सौजन्य से पं. विजयशंकर मेहता



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