20th July 2018 23

पढिय़े...चमोली जिले में दो जगह कहां फटा बादल


5 मजदूर मलबे में दबे, दो लोगों के शव मलबे से निकाले

तीन आवासीय भवन ध्वस्त, आपदा प्रबंधन की टीम रवाना

देहरादून। उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश लोगों के लिए परेशानी का सबब बनती जा रही है। बीती देर रात चमोली जिले में चीन सीमा क्षेत्र से लगे नीती घाटी में जलम और तमक गांव में बादल फटने से भारी तबाही हो गई। बादल फटने से बीआरओ के टेंटो में पांच मजदूर दब गए। मलबे से दो मजदूरों के शव निकाल लिए गए हैं। बादल फटने की सूचना मिलते ही इस दुर्गम क्षेत्र में आपदा प्रबंधन की टीम रवाना हो गई है।    

बता दें कि पहाड़ों पर लगातार हो रही बारिश से बादल फटने की घटनाएं रुकने का नाम नहीं ले रहीं। बीती रात फिर चमोली जिले में दो जगह बादल फटने से भारी तबाही हुई है। जोशीमठ के एसडीएम योगेंद्र सिंह ने बताया की सुबह 7 बजे ग्रामीणों ने उन्हें सूचना दी कि जिले के सुदूरवर्ती दो गांव जलम और तमक में हुई बादल फटने की घटनाओं से सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) के टेंटो में पांच मजदूर मलबे में दब गये हैं। साथ ही तीन आवासीय भवन ध्वस्त हो गये हैं। उन्होंने बताया कि इन सुदूरवर्ती गांवों के लिए जोशीमठ पुलिस, एसडीआरएफ, बीआरओ और आपदा प्रबंधन की टीम रवाना हो गई है। आपदा प्रबंधन की टीम पहुंचने से पहले ग्रामीणों ने मलबा हटाकर दो शव निकाल लिए हैं। 

उधर बारिश से चारधाम यात्रा मार्गों के बंद होने व खुलने का सिलसिला जारी है। बदरीनाथ हाईवे लामबगड़ के पास गत रात से बंद है। बदरीनाथ यात्री मार्ग खुलने का इंतजार कर रहे हैं। उत्तरकाशी में गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग थेरांग और गंगनानी के मध्य नागदेवता के पास मलबा भूस्खलन होने से बंद हो गया है। ऐसे में उत्तरकाशी, भटवाडी, गंगनानी, गंगोत्री में ट्रैफिक को रोका गया है। सीमा सुरक्षा संगठन (बीआरओ) के मजदूर सड़क खोलने में जुटे हैं। 

उत्तराखंड समेत पांच राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी

देहरादून। उत्तराखंड में पहाड़ी क्षेत्रों में हो रही बारिश से कई नदियां उफान पर हैं। जगह जगह भूस्खलन हो रहा है। भूस्खलन की वजह से कई रास्ते बंद हो गए हैं। इसी बीच मौसम विभाग ने अलर्ट जारी कर कहा है कि उत्तराखंड समेत पांच राज्यों में भारी बारिश हो सकती है। 

बता दें कि एक ओर जहां बारिश ने राज्य के पहाड़ी क्षेत्रों में तबाही मचा रखी है वहीं मैदानी क्षेत्र इससे अछूता है। पहाड़ों पर हो रही बारिश से जगह जगह भूस्खलन हो रहा है। भूस्खलन के चलते पिथौरागढ़, बागेश्वर, उत्तरकाशी, पौड़ी, चमोली और देहरादून में 62 मार्ग मलबा आने से बाधित हैं। पिथौरागढ़ और चमोली में 78 परिवार राहत शिविरों में रह रहे हैं। इसी बीच मौसम विभाग ने आने वाले दो दिन तक उत्तराखंड, दिल्ली एनसीआर, मध्य प्रदेश, ओडिशा, राजस्थान में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है।


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