11th April 2018 241

बीजेपी हैगे सटबटुआं, कांग्रेस हैगे जालि


मैसेज में झोड़े के माध्यम से पलायन को लेकर राजनीतिक दलों पर तंज

सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा कुमाऊंनी भाषा का मैसेज

जीवन राज, हल्द्वानी।

पहाड़ों में इन दिनों झोड़े गाने का अंतिम दौर चल रहा है। जो उत्तराखंडी संस्कृति की पहचान है। लेकिन आज पहाड़ के कई गांव खाली हो चुके हैं। इससे अब पहाड़ों में कुछ एक गांवों मेें झोड़े गाने का प्रचलन आज भी जिंदा है। 

रोजगार की तलाश में पहाड़ों से मैदानी क्षेत्रों में आये युवाओं द्वारा इन दिनों सोशल मीडिया पर एक झोड़ा खूब शेयर किया जा रहा है। जिसमें राजनीतिक दलों के शासन, प्रदेश से युवाओं को दूसरे राज्यों में पलायन करना, पहाड़ों में बढ़ाता जानवरों का आतंक, बढ़ते पलायन से मकानों का खाली होना, घर में सिर्फ मां बाप का रहना, खेतीबाड़ी का बंजर होना और घर के खाली होने को लेकर राजनीतिक दलों पर तंज कसे गये है। सिर्फ छह लाइन के इस झोड़े में पहाड़ की पीड़ा से लेकर उत्तराखंड के विकास की पोल खोल दी है। सोशल मीडिया में इन दिनों प्रदेश के युवाओं द्वारा झोड़े का यह मैसेज खूब वायरल किया जा रहा है। जिसके बोल है। 

बीजेपी हैगे सटबटुआं, कांग्रेस हैगे जालि, यों पार्टियों ले करी है छो, उत्तराखंडा खालि। सुअरों क जोर मोहना, राधिका ठुमाठुम नाचली। वानरों लै उत्पात मचायो, राधिका ठुमाठुम नाचली॥ च्यल ब्वारियां दिली न्है गेईं, घर रैगो छ बुड़। खेती बाड़ी य बांजी हैगे छौ, खाली रै गेई कुड़॥

अर्थात बीजेपी तो इधर उधर की करने वाली हो गई है और कांग्रेस उससे भी ज्यादा। इन राजनीतिक दलों ने प्रदेश खाली कर दिया है। जंगली सुअरों ने पहाड़ों में फसल नष्ट कर दी है राधिका ठुमका लगाकर नाच रही है। वहीं बंदरों ने उत्पाद मचा रखा है। राधिका ठुमका लगाकर नाच रही है। बेटा और बहू रोजगार की तलाश में दिल्ली चले गये हैं। घर में सिर्फ बूढ़े पिता रहे गये है। खेती बाड़ी सब बंजर पड़ गई और मकान खाली हो चुके हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा यह झोड़ा प्रदेश की पोल खोल रहा है। जो इन दिनों युवाओं की जुबां पर चढ़ा हैं।


Visitors: 294665
© 2018 Vasundhara Deep News. All rights reserved.