19th September 2018 82

विस मानसून सत्र : अतिक्रमण को लेकर कांग्रेस का हंगामा


कांग्रेसी बोले, अवैध अतिक्रमण की आड़ में ढहाया जा रहे वैध निर्माण

देहरादून। उत्तराखंड विधानसभा में मानसून सत्र के दूसरे दिन सत्र शुरू होते ही कांग्रेस ने अतिक्रमण के मामले को नियम 310 के तहत लेने की मांग को लेकर जमकर हंगामा किया। इस दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष में खूब तकरार हुई। हंगामा करते हुए कांग्रेसी विधायक वेल में आ गए। कांग्रेसी विधायकों ने कहा कि सरकार नागरिकों को संरक्षण नहीं दे रही बल्कि उन्हें उजाडऩे का काम कर रही है। हालांकि पीठ ने कहा वह इसे नियम 58 में सुनेंगे। इसके बाद प्रश्नकाल शुरू हुआ।

बता दें कि विधानसभा में मंगलवार से शुरू हुआ मानसून सत्र का आज दूसरा दिन है। सत्र की कार्यवाही शुरू होते ही आज कांग्रेस विधायकों ने नियम 310 में अतिक्रमण के मुद्दे पर चर्चा कराने की मांग की। कांग्रेस ने कहा कि सरकार की मशां ठीक नहीं है और अवैध अतिक्रमण की जगह वैध अतिक्रमण हटाये जा रहे हैं। इस पर सत्ता पक्ष ने कहा कि मामला कोर्ट के विचाराधीन है, इसको सदन में उठाना न्यायोचित नहीं है। इस दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष में तकरार भी हुई। पीठ ने इस मामले पर कहा कि नियम 58 के तहत इस मामले को सुना जाएगा। 

इसके बाद प्रश्नकाल शुरू हुआ। प्रश्नकाल के दौरान पुरोला विधायक राजकुमार ने संसदीय कार्य मंत्री प्रकाशपंत से सवाल पूछते हुए कहा कि क्या मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष की राशि राज्य सरकार की समेकित निधि से वहन की जाती है। इस दौरान नेता प्रतिपक्ष डॉ इंद्रा ह्रदयेश ने कहा अतिक्रमण के चलते रिफ्यूजी भी प्रभावित हुए है। विपक्ष का आरोप है कि सत्तापक्ष ने विवेकाधीन कोष में सत्ता और विपक्ष के अलग अलग मानक बनाए हैं। वहीं कांग्रेस विधायक करन माहरा ने नियम 300 के तहत सदन कार्यस्थगन का प्रस्ताव को दिया और पुलिस के सिपाहियों की 8 घण्टे की ड्यूटी कराए जाने का मामला उठाया। उन्होंने कहा कि कोर्ट ने भी 8 घण्टे ड्यूटी करने का आदेश दिया है। जबकि प्रदेश में सिपाही 12 घण्टे से ज्यादा ड्यूटी कर रहे हैं। इधर विधानसभा में वन मंत्री लीसे को लेकर अपने ही विधायकों से घिरते नजर आए। सल्ट विधायक सुरेंद्र जीना ने हरक सिंह रावत से पूछा सवाल। इस पर मंत्री के जाबाब से बीजेपी विधायक संतुष्ट नहीं दिखे। जबकि संसदीय कार्य मंत्री प्रकाश पंत वन मंत्री के बचाव में उतर आए और कहा कि सुरेंद्र सिंह जीना गलत जवाब दे रहे हैं। पूरे मामले को विधानसभा अध्यक्ष ने गंभीर बताया और विधनसभा अध्यक्ष ने पीठ से दिए निर्देश कि मंत्रिगण सवालों के सही जाबाब दें। इसके अलावा सत्र में नगर निकायों के आरक्षण का मुद्दा भी गूंजा। झबरेडा विधायक देशराज कर्णवाल ने निकायों में अनुसचित जाती को आरक्षण बढ़ाने की उठाई मांग। इस पर शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक ने जाबाब देते हुए कहा कि संवैधानिक व्यवस्था ने अनुसार तय अनुपात में आरक्षण लागू किया गया है। 



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