14th June 2018 25

आधा अधूरा अतिक्रमण हटने से बदसूरत दिखने लगा बाजार


फुटपाथ बनाने की दिशा में नहीं की जा रही पहल

गलियों में नोटिसों को नहीं लिया जा रहा गंभीरता से

रुद्रपुर। हाईकोर्ट के आदेश पर जिला एवं नगर निगम प्रशासन ने जो आधा अधूरा अतिक्रमण हटाया है उससे किसी को कोई फायदा नहीं पहुंचा, बल्कि बाजार बदसूरत दिखाई देने लगा है। बेहतर तो होता कि नगर निगम एक साथ पूरा अतिक्रमण हटाकर बाजार में फुटपाथ बना देता, ताकि उसका पैदल चलने वालों को उसका लाभ मिल जाता। नगर निगम सिर्फ नोटिस भेज रहा है। नोटिस मिलने पर व्यापारी खुद का दायरा समेट रहे हैं, मगर उन्हें इस बात का भी दर्द है कि नगर निगम फुटपाथ बनाने की दिशा में कोई कदम नहीं बढ़ा रहा है। 

गौरतलब है कि हाईकोर्ट के आदेश पर जिला एवं नगर निगम प्रशासन ने विधवानी मार्केट, मुख्य बाजार एवं सिब्बल सिनेमा रोड पर अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया था। कहीं ज्यादा तो कहीं कम, लेकिन पीला पंजा सब जगह चला। हालांकि अभी मुख्य बाजार से काशीपुर बाईपास रोड को जाने वाली गलियों में पीला पंजा चलना बाकी है, लेकिन हाईकोर्ट के आदेश के बाद भी प्रशासन ने अभियान रोक दिया है। नगर निगम प्रशासन अतिक्रमणकारियों को नोटिस जरूर जारी कर रहा है। कुछ व्यापारियों ने खुद भी अपना पक्का निर्माण तोड़ा है, लेकिन मुख्य बाजार से काशीपुर बाईपास रोड को जाने वाली गलियों में इन नोटिसों का कोई प्रभाव देखने को नहीं मिला है। मुख्य बाजार व विधवानी मार्केट में बड़े बड़े शोरूम अतिक्रमण हटने के बाद बदसूरत से नजर आते हैं, लेकिन सवाल यह उठ रहा है कि इस अभियान का जो मकसद था क्या वह पूरा हुआ? क्या फुटपाथ बन पाए। अतिक्रमण हटाते वक्त नगर निगम के अफसरों ने कहा था कि वह फुटपाथ बनाएंगे। फिर जिलाधिकारी की मौजूदगी में हुई वार्ता में यह तय हुआ कि व्यापारी खुद फुटपाथ सड़क से नौ इंच ऊंचाई पर बनाएंगे, लेकिन व्यापारियों ने खुद भी फुटपाथ नहीं बनाया। विधवानी मार्केट में कुछेक दुकानदारों ने अपनी दुकानों के आगे सड़क से नौ इंच ऊपर तक जगह खाली कर दी है और उन्हें इंतजार है कि नगर निगम फुटपाथ बना दे, ताकि बाजार व्यवस्थित लगने लगे और प्रशासन की कवायद का कोई लाभ मिल सके।

यूं तो अभी मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने भी सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि शहरों को अतिक्रमण मुक्त करके उन्हें सुंदर बनाया जाए, लेकिन मुख्यमंत्री के इन निर्देशों पर भी अमल नहीं किया जा रहा है। स्थिति यह है कि जिन व्यापारियों ने नगर निगम से अतिक्रमण हटाते वक्त मोहलत मांग ली थी, उन्होंने अभियान थमने के बाद चुप्पी साध ली है। सवाल यह है कि यदि शहर को सुंदर बनाना निगम का मकसद था तो उस पर कार्य शुरू क्यों नहीं हुआ? यदि फुटपाथ बनाने का कार्य शुरू हो जाता तो शायद महानगर का बाजार सुंदर लगने लगता। आने वाले दिनों में बरसात आने वाली है। फिर तो फुटपाथ बनाने का कार्य वैसे भी नहीं होगा।


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