17th April 2018 222

सीएम के सपनों को साकार कर रहें है पाण्डेय


सीएम के ड्रीम प्रोजेक्ट में बढ़  चढ़कर भागेदारी कर रहे हैं प्रदेश के युवा

प्रथम, द्वितीय, तृतीय आने वाले प्रतियोगियों को मिलेंगे 15,10 और पांच हजार रुपये 

 20 अप्रैल को मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत करेंगे सम्मानित 

देहरादून। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पद चिह्नों पर चल रहे हैं, प्रदेश के युवाओं को कौशल विकास में श्रेष्ठ बनाना चाहते हैं। इनके सपनों को साकार करने का काम कर रहे हैं। कौशल विकास मिशन के निदेशक युवा आईएएस डा. पंकज कुमार पाण्डेय। युवाओं को शिक्षित करने के लिए इन दिनों विशेष आयोजन चल रहे हैं, जो 18 अप्रैल तक चलेंगे। 15 से 18 अप्रैल तक चलने वाला यह आयोजन युवाओं के लिए मील का पत्थर साबित होगा। 

युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने का यह अभियान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत का ड्रीम प्रोजेक्ट है, जिसको यथार्थ में परिणित करने का काम प्रभावशाली आईएएस डा. पंकज कुमार पाण्डेय को सौंपा गया है। वह इस काम को इतने प्रभावकारी ढंग से संचालित कर रहे हैं जो न हुआ है न होगा कि सुक्ति को चरितार्थ कर रहा है।

डा. पंकज कुमार पाण्डेय कहते हैं कि वह सीएम और पीएम के सपनों को साकार करने में तब तक विराम नहीं लेंगे जब तक एक लाख युवाओं को कौशल विकास से परिपूर्ण नहीं कर देते। यह उनके लिए कठिन लक्ष्य तो है पर असंभव नहीं, इसीलिए असंभव को संभव कर दिखाने की उन्होंने ठान ली है और इसे वह पूरा करके ही रहेंगे।

पहली बार राज्य औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान निरंजनपुर में इसी संदर्भ में विशेष आयोजन किया गया है, जिसमें राज्य स्तरीय वैल्डिंग प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। साथ ही साथ ऑटो बॉडी रिपेयर एवं कारपेंटिंग में भी प्रतियोगिता आयोजित की गई। जहां वैल्डिंग प्रतियोगिता देहरादून के अनुज कुमार ने जीती, वहीं दूसरी प्रतियोगिता में ऊधमसिंह नगर के सूरज ने अपना कीर्तिमान स्थापित किया। इन विजेताओं को मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत द्वारा 20 अप्रैल को सम्मानित किया जाएगा।


पहली बार हुई इस तरह की प्रतियोगिता

कौशल विकास मिशन के निदेशक डा. पंकज कुमार पाण्डेय के नेतृत्व में पहली बार इस तरह की प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। उत्तराखंड कौशल विकास मिशन द्वारा यह प्रतियोगिता 11 वर्गों में आयोजित की गई है। प्रतियोगिता में प्रथम, द्वितीय, तृतीय आने वाले प्रतियोगियों को 15,10 और पांच हजार रुपये की राशि सम्मान स्वरूप दी जाएगी, ताकि कौशल विकास को और महत्वपूर्ण आयाम मिल सके।

उत्तराखंड में पहली बार आयोजित यह प्रतियोगिता कई क्षेत्रों में आयोजित की गई है। योजना के रचनाकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चाहते हैं कि भारत के युवा रोजगार के साथ साथ औरों को सेवायोजन प्रदान करें, इसीलिए कौशल विकास योजना का शुभारंभ किया गया है। डा. पाण्डेय के नेतृत्व में कौशल विकास के कामों को मूर्त रूप दिया जाना जहां युवाओं के लिए महत्वपूर्ण है, वहीं उत्तराखंड के लिए यह किसी उपलब्धि से कम नहीं है।


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