13th July 2018 63

महबूबा ने दी भाजपा को धमकी


कहा, पीडीपी को तोडऩे की कोशिश हुई तो घाटी में पैदा होंगे कई सलाउद्दीन

पीडीपी ने अपने विधायकों की बगावत को भाजपा की साजिश करार दिया

नई दिल्ली। जम्मू कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री और पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने केंद्र सरकार को धमकी देते हुए कहा है कि अगर पीडीपी को तोडऩे की कोशिश हुई तो घाटी में कई सलाउद्दीन पैदा होंगे। 1987 के चुनाव में गडबड़ हुई तो यासिन मलिक और हिजबुल मुजाहिदीन के प्रमुख सईद सलाउद्दीन पैदा हुए। इस बार पीडीपी को तोडऩे की कोशिश और लोगों के हक में डाका डाला गया तो हालात उससे भी ज्यादा खराब होंगे।

जम्मू और कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री और पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने केंद्र की मोदी सरकार को चेतावनी देते हुए कहा है कि राज्य में बीजेपी ने पीडीपी को तोडऩे की कोशिश की तो कश्मीर में कई और सलाउद्दीन पैदा होंगे और राज्य के हालात 90 के दशक जैसे हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि जम्मू कश्मीर में 1987 में चुनाव के साथ गड़बड़ हुई थी तो यासिन मलिक और हिजबुल मुजाहिद्दीन के प्रमुख सैय्यद सलाउद्दीन पैदा हुए थे। महबूबा ने कहा कि अगर इस बार बीजेपी ने पीडीपी को तोडऩे की कोशिश की और कश्मीर के लोगों के हक पर डाका डाला गया तो हालात उससे भी ज्यादा खराब होंगे।

इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए जम्मू कश्मीर के बीजेपी अध्यक्ष रवींद्र रैना ने कहा कि महबूबा मुफ्ती का बयान बहुत ही आपत्तिजनक  है। बीजेपी पीडीपी को तोड़कर सरकार बनाने की कोशिश नहीं कर रही है। उन्होंने कहा कि हम राज्य को शांति, सुशासन और विकास की ओर ले जाना चाहते हैं।

बता दें कि महबूबा मुफ्ती का बयान ऐसे समय में आया है जब बीजेपी के सहयोगी, पूर्व अलगाववादी सज्जाद लोन का पीपुल्स कॉन्फ्रेंस पीडीपी में एक राजनीतिक नियंत्रण स्थापित कर इसके बागी विधायकों का समर्थन हासिल करने का प्रयास कर रहे हैं। पीडीपी के कम से कम पांच विधायकों ने सार्वजनिक तौर पर पूर्व मुख्यमंत्री और पार्टी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती के खिलाफ बयान दिया था। बागी नेता इमरान अंसारी ने दो दिन पहले ही अलग मोर्चा बनाने की बात कही थी। उन्होंने पीडीपी और नेशनल कॉन्फ्रेंस पर दिल्ली को ब्लैकमेल करने का आरोप भी लगाया था।

पीडीपी अपने विधायकों की बगावत को बीजेपी की साजिश बता रही है। वहीं अब खुद मुफ्ती ने भी बीजेपी की चाल को नाकाम करने के लिए रुठे हुए विधायकों को मनाना शुरु कर दिया है। महबूबा मुफ्ती की सरकार गिराने के बाद बीजेपी जोड़तोड़ से खुद कुर्सी पर काबिज होने के सपने देख रही है। अपने इस ख्वाब को पूरा करने के लिए उसने पीडीपी के विधायकों को तोड़ महबूबा मुफ्ती के खिलाफ  चक्रव्यूह रचा है लेकिन मुफ्ती ने भी इसे भेदने की रणनीति तैयार कर ली है। 

मुफ्ती ने राज्य में विधायक बचाओ अभियान चलाया है और अब वह अपने रुठे हुए विधायकों को मनाने की कोशिश कर रही है ताकि पार्टी को टूट से बचाया जा सके।  दरअसल इमराज रजा अंसारी, आबिद अंसारी, मोहम्मद अब्बास वानी और जावेद वेग ने बगावती तेवर अख्तियार कर रखे हैं। इन विधायकों का कहना है कि पार्टी के 14 और विधायक हमारे समर्थन में है लेकिन अभी इनमें से किसी भी विधायक ने पीडीपी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा नहीं दिया है।





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