12th July 2018 369

कोश्यारी ने लांघी संवेदनहीनता की सीमा: बेहड़


जनता के आंसू पौंछने को समय नहीं निकाल पाए सांसद

रुद्रपुर।  शहर में चल रहे अतिक्रमण अभियान को लेकर भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोलने वाले पूर्व स्वास्थ्य मंत्री तिलक राज बेहड़ ने इस मामले में अब पूर्व मुख्यमंत्री और क्षेत्रीय सांसद भगत सिंह कोश्यारी की भूमिका पर सवाल उठाए हैं। जहां बीते रोज बेहड़ ने खुला आरोप लगाते हुए कहा था कि प्रदेश कि सरकार व भाजपा के जनप्रतिनिधियों ने जिला व नगर निगम प्रशासन को अतिक्रमण के ध्वस्तीकरण कि खुली छूट दे रखी है तो वहीं आज उन्होंने कोश्यारी पर आरोप लगाया कि उन्होंने संवेदनहीनता की सीमाएं लांघ दी हैं। 

बेहड़ ने कहा कि सांसद जनता का सेवक और चौकीदार होने के साथ ही अभिभावक भी होता है। जिस रुद्रपुर की जनता ने कोश्यारी को बीते लोकसभा चुनाव में 55000 से भी अधिक वोटों से आगे कर उनकी जीत का मार्ग प्रशस्त किया आज उसी रुद्रपुर कि जनता के आंसू पोंछने का समय भी क्षेत्रीय सांसद नहीं निकाल पाए। बेहड़ ने आरोप लगाया कि कोश्यारी के पास जिला प्रशासन से मीटिंग करने का समय है, सरकारी विश्राम गृहों में अपना स्वागत कराने का समय है मगर रुद्रपुर में उजाड़े जा रहे हजारों व्यापारियों की दुर्दशा जानने का समय नहीं है। 

बेहड़ ने सवाल किया कि क्या जिला प्रशासन कोश्यारी के कद से भी ऊंचा हो गया है?  अगर कोश्यारी उन्हें व्यापारियों के अतिक्रमण को सख्ती व निर्ममता से तोडऩे की जगह कुछ राहत देने को कहते तो व्यापारी वर्ग के जख्मों पर मरहम नहीं लगता। उन्होंने कहा कि ऐसा लगता है कि भाजपा के सभी जनप्रतिनिधियों ने जिला व निगम प्रशासन को रुद्रपुर की जनता के उत्पीडऩ की खुली छूट दी हुई है। वैसे भी बीते चार साल का कोश्यारी का कार्यकाल निराशाजनक रहा है। रुद्रपुर में कोई विकास योजना देना तो दूर कोश्यारी ने कभी यहां की त्रस्त जनता से रूबरू होने का भी समय नहीं निकाला। आज रुद्रपुर का व्यापारी, उनका परिवार, उनकी घर कि महिलाएं व बच्चे अपनी आंखों के आगे अपने बुजुर्गों के बनाए प्रतिष्ठान उजड़ते देख रहे हैं मगर यहां भाजपा के जनप्रतिनिधि उनकी तकलीफों पर एसिड छिड़कने का काम कर रहे हैं। 

 उन्होंने कहा कि भाजपा के नुमाइंदे निर्लज्ज हो चुके हैं। अतिक्रमण से हो रही तबाही पर व्यापारियों का मजाक उड़ाते हुए बयान दिए जा रहे हैं। कतिपय भाजपा नेता कह रहे हैं कि अतिक्रमण हटने से बाजार खुला होगा और ग्राहकों की आमद बढ़ेगी। बेहड़ ने कहा कि वह पूछना चाहते हैं कि जब बाजार ही नहीं होगा तो ग्राहक कहां से आएंगे। क्या इसी खुले बाजार में यही जनप्रतिनिधि खुले दिल से पाने चुनावों में वोट मांगेंगे। 

बेहड़ ने कहा कि बर्बाद होते व्यापारियों का उपहास उड़ाकर रुद्रपुर को चंडीगढ़ बनाने का दावा करने वाले सांसद कोश्यारी सहित सभी जनप्रतिनिधियों को अब अपनी डबल इंजन की राज्य व केंद्र सरकार से यहां के लिए प्रोजेक्ट पास करवाएं। अपने कार्यकाल के दौरान कोश्यारी ने यहां किसी कि सुध नहीं ली मगर अब सांसद होने के नाते भी वह अपनी जिम्मेदारी से दूर भाग रहे हैं। हाई कोर्ट के आदेश को नहीं टाला जा सकता मगर जनता के आंसू पोंछने तो रुद्रपुर के बाजार में क्षेत्रीय सांसद आ ही सकते थे। अब जनता स्वयं तय करेगी कि जिन नेताओं को रिकॉर्ड मतों से उन्होंने विजयी बनाया है और उनके बुरे वक्त में उनका मजाक बनाने वाले इन नेताओं के साथ कैसा सलूक किया जाना चाहिए।  


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