13th June 2018 290

अंगुलियों के एहसास से भविष्य टटोलते हैं पंतोला जी


वर्ष 1993 में अचानक ही चली गई थी डाक्टर के आंखों की रोशनी

आंखे जाने के बाद उनके अंदर दफन ज्योतिष ज्ञान का अंकुर फूटा

कई बड़े अधिकारी डा.पतोला के ज्योतिष ज्ञान के मुरीद हुए

सर्वेश तिवारी, हल्द्वानी

वो आंखों से देख नहीं सकते है, लेकिन आपका भविष्य, भूत और वर्तमान और साफ साफ नजर आता है। वह भले ही किसी का सहारा लेकर अपना रास्ता तय करते हो, लेकिन आपको वो ऐसा रास्ता बताएंगे, जिस पर चलने के लिए आपको किसी भी मनुष्य की जरूरत नहीं होगी। कुछ लोग इसे अंध विश्वास कहते हैं, लेकिन जो मानते हैं वो डा.पंतोला के दिवाने हैं और उन्हें मानने वालों की शहर ही नहीं आस पास के जिलों में कोई कमी नहीं है। 

हम बात कर रहे हैं तीनपानी गौजाजाली में रहने वाले डा.हीरा बल्लभ पंतोला की। पंतोला जी आयुर्वेदिक चिकित्सक हैं और एक समय वह हल्द्वानी में अच्छी खासी प्रैक्टिस किया करते थे, लेकिन वर्ष 1993 में कुछ ऐसा हुआ कि आंखों की रोशनी ने उनका साथ छोड़ दिया। हालांकि आंखों की रोशनी क्यों गई, अभी इसकी वजह साफ नहीं है। खैर, आंखों की रोशनी जाने से डा.पंतोला को निराशा जरूर हुई, लेकिन वह टूटे नहीं। उन्हें अपने अंतरमन में कुछ जन्म लेता हुआ एहसास हुआ। ये एहसास उस दिव्य शक्ति का जन्म था जो डा.पंतोला के अंदर ज्योतिष ज्ञान के रूप में अधकचरा का मौजूद था। 

इसके बाद डा.पंतोला मां की भक्ति में तल्लीन हो गए। एक बार उन्होंने किसी की कुंडली देखी और भविष्य वाणी कर दी, जो सच साबित हुई। इसके बाद डा.पंतोला के क्लीनिक में लोगों का हुजूम उमडऩा शुरू हो गया। इस हुजूम में ऐसे लोग भी शामिल हुए जो समाज में खास दर्जा रखते हैं। 

कुंडली बांच कर लोगों का भविष्य, वर्तमान और भूतकाल बताने वाले डा.पंतोला समस्याओं का समाधान भी बताते हैं और लोगों की लगातार उमड़ती भीड़ उन पर भरोसे को और पुख्ता करती है। हालांकि ऐसा नहीं है कि जिनके पास कुंडली नहीं है उनका भविष्य डा.पंतोला नहीं बताते। वह अपने पास आने वाले व्यक्ति का हाथ पकड़ते हैं और अपनी अंगुलियां उस व्यक्ति की हथेली पर फिराते हैं। फिर जब वह बोलना शुरू करते हैं तो सुनने वाला आवाक हैरान रहकर बस सुनता ही रहता है। शहर में और आसपास जिलों में ऐसे तमाम लोग हैं जिन्हें डा.पंतोला के ज्योतिष ज्ञान पर पूरा भरोसा है और वह हमेशा ही अपनी समस्या लेकर डा.पंतोला के पास पहुंचते हैं। 

उन्हें पता है कब किस ओर करवट लेगी किस्मत

कंडली के जरिये डा.पंतोला आपके भविष्य, भूतकाल और वर्तमान का सटीक अनुमान लगाते हैं। ग्रहों की चाल आपके भविष्य और वर्तमान को किस तरह प्रभावित करते हैं, वह इसके बारे में भी अच्छी तरह जानते हैं और यह भी जानते हैं कि घातक ग्रहों की चाल से कैसे बचा जा सकता है। उनके पास आने वाले ऐसे लोगों की कमी नहीं है जिनके बारे में डा.पंतोला ने भविष्यवाणी की और वह सही साबित हुई। इतना ही नहीं उन्होंने कई लोगों को इस बात की भी भविष्यवाणी की कि कब उनकी किस्तम बदलेगी और हुआ भी ऐसा ही। आज डा.पंतोला के निवास पर भविष्य जानने, संवारने वालों का तांता लगा रहता है।  

बेटा और पुत्रवधू है डा.पंतोला की दो आंखें

आपके मन में यह सवाल तो जरूर उठ रहा होगा कि जब डा.पंतोला देख नहीं सकते तो वह किसी की कुंडली कैसे बांच सकते हैं। तो आपके मन में उठ रहे इस प्रश्न का जवाब डा.पंतोला का बेटा और उनकी पुत्रवधू है। जी हां, डा.पंतोला के जी के पास जब भी कोई अपनी समस्या या कुंडली लेकर आता है तो उनके पास सहयोगी के तौर पर या तो डा.पंतोला का बेटा मौजूद होता है या फिर उनकी पुत्रवधू। दोनों ही कुंडली बांचने और ग्रहों की स्थिति का गणित भली भांति समझते हैं। वह कुंडली में बन रहे योग के बारे में डा.पंतोला को बताते हैं और डा.पंतोला इसके आधार पर लोगों की समस्या का समाधान करते हैं। 



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