12th July 2018 333

कहां बह गई कार और दमकल की बैरिक पर कहां गिरा पेड़


देर रात शुरू हुई बारिश ने शहर का किया पानी पानी

बाजार चौकी की बैरिग में दो फीट पानी भरा, जरूरी फाइलें भीगीं

शहर का ड्रेनेज सिस्टम धड़ाम, जलभराव से जीवन अस्त व्यस्त

रुद्रपुर। रात शुरू हुई बारिश अपने साथ आफत लेकर आई। तेज बहाव में सड़क पर चलती कार बहकर नाले में जा गिरी तो दमकल की बैरिक पर रात उस वक्त पेड़ गिर पड़ा जब लोग वहां सो रहे थे। गनीमत रही कि कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ। हालांकि इस बारिश ने शहर के ड्रेनेज सिस्टम की पोल खोल कर रख दी। कहीं लोग रात घर में भरे पानी को बाहर निकालने में गुजर गई तो कहीं पुलिस की जरूरी फाइलें पानी में भीग कर बर्बाद हो गईं। कुल मिलाकर अभी बरसात का आगमन है और आगमन में ही आफत हो गई। सोचिए जब बरसात अपने शबाब पर होगी तो शहर का क्या होगा। 

रात करीब ढाई बजे शुरू हुई बारिश भोर होते तक जारी रही। सुबह करीब चार बज रहे थे। कार संख्या यूके06एजी7478 स्टेशन से गाबा चौक की ओर आ रही थी। बारिश की वजह से सड़क पानी से लबालब थी और बहाव तेज था। ऐसे में कार बहाव में फंस गई और नाले में जा गिरी। गनीमत रही कि चालक को इस घटना में कोई चोट नहीं आई। सुबह होने तक लोगों की मदद से कार को नाले से निकाल लिया गया। इधर, रात दमकल में बनी कर्मचारी बैरिक में दमकल कर्मी सुकून की नींद निकाल रहे थे कि इसी बीच एक तेज धमाका हुआ। जिससे बैरिक में सो रहे कर्मचारियों की नींद खुल गई और जब वह भाग कर बाहर आए तो देखा कि एक भारी भरकम पेड़ बैरिक के ऊपर गिरा पड़ा था। गनीमत रही कि पेड़ की वजह से बैरिक टूटी नहीं, वरना हादसा बड़ा हो सकता था। इधर, लगातार बारिश की वजह से फायर सर्विस की कालोनियों में दो फीट से ज्यादा पानी भर गया। रात दमकल कर्मी अपने आवास में परिवार के साथ सो रहे थे और जब जागे तो उनके घर पानी से लबालब हो चुके थे। ऐसे में लोगों ने बाल्टी से पानी निकालना शुरू किया तो कुछ ने कूलर की मोटर पानी निकालने में लगाई। हालांकि सुबह तक लोग इसी कवायद में लगे रहे। लोगों के बेड, कपड़े और तमाम राशन पानी की वजह से बर्बाद हो गया और जूते चप्पलें पानी के साथ बह गए। यहां जलभराव की चपेट में आठ कालोनियां आई हैं। कालोनियों के साथ ही बारिश का पानी दमकल विभाग में बने दफ्तरों में भी घुस गया।

बारिश का कहर यहीं नहीं थमा। सुबह बाजार चौकी पानी से लबालब थी। यहां बनी पुलिस कर्मियों की बैरिक में दो फीट से ज्यादा पानी भर गया। जिसके चलते अलमारियों में रखी पुलिस की जरूरी फाइलें भीग कर बर्बाद हो गई। पुलिस ने मौके पर दमकल के वाहन को बुला कर पानी निकालने की नाकाम कोशिश की। हालांकि बाद में बैरिक में भरे पानी को बाल्टियों से ही निकालना पड़ा। इसी तरह आदर्श कालोनी चौकी के आसपास जलभराव हो गया। जिससे चौकी आने जाने वाले लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा और यह सब केवल इसलिए हुआ क्योंकि शहर का ड्रेनेज सिस्टम पूरी तरह ध्वस्त हो चुका है। 

धमाकों के साथ टूट गए वाहनों के शीशे

बारिश की वजह से शहर का शायद ही कोई इलाका अछूता रहा होगा। जहां लोगों को अपने पैर जलभराव में न डालने पड़े हों। इन सबके बीच दमकल विभाग के सरकारी आवासों को हाल बेहद खस्ता था। जहां बरसात का पानी दो से ढाई फीट ऊपर तक भर गया था। दमकल कर्मियों ने अपने घरों के बाहर की अपनी कारें पार्क कर रखी थी। रात पानी कार के दरवाजों तक चढ़ गया। जिसकी वजह से कार में हवा का आवागमन बंद हो गया और इसका नतीजा यह रहा कि कार में गैस भर गई। गैस भरने की वजह से कई कारों से शीशे धमाके के साथ टूट गए। जिससे कर्मचारियों को हजारों रूपये की चपत लग गई। 

रम्पुरा और ट्रांजिट कैंप में भारी परेशानी

रम्पुरा और ट्रांजिट कैंप शहर को दो बेहद घनी आबादी वाले इलाके हैं। तंग गलियों वाले इन इलाकों में बरसात आफत लेकर आती है। रात बारिश की वजह से दोनों की इलाकों में बड़ा जलभराव हुआ। रास्तों पर लोगों का चलना दुश्वार हो गया और घरों में रहना। कई लोगों को तो जलभराव से निजात पाने के लिए खुद ही चोक नालियों को खोलने के लिए घरों से बाहर निकलना पड़ा। जिसके बाद लोगों को जलभराव से कुछ राहत मिली, लेकिन सड़कों पर स्थिति जस की तस बनी रही। मुख्य मार्गोंं पर दोनों ओर नालियां न होने और चोक होने की वजह से सड़कों पर बारिश का पानी कीचड़ में तब्दील हो गया। 






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