12th July 2018 573

निगम ने पंजाबी मार्केट से साफ कराया इनक्रोचमेंट


वीर हकीकत राय गली, दुर्गा मंदिर गली व मटके वाली गली में व्यापारी खुद तोड़ रहे अतिक्रमण

रुद्रपुर। गुरुवार को पंजाबी मार्केट में प्रशासन ने चिह्नित अतिक्रमण को ध्वस्त किया। इस दौरान लोगों के पक्के मकान तोड़े गए। बाजार की गलियों में हड़कंप मचा हुआ है। मुख्य बाजार से काशीपुर बाईपास जाने वाली गलियों में लोगों ने खुद ही अपनी इमारतें ढहानी शुरू कर दी हैं। बाजार में हो रही तोडफ़ोड़ के कारण पूरा कारोबार चौपट हो गया है। सड़कें मलबा गिरने के कारण बंद हैं। लोग खुद ब खुद अपने निर्माण हटा रहे हैं।

पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत नगर निगम की टीम व भारी पुलिस फोर्स गुरुवार की सुबह पंजाबी मार्केट पहुंची। टीम ने बगैर किसी रहम के अतिक्रमण को ध्वस्त करने का कार्य शुरू कर दिया। किसी के टीन शेड हटे तो किसी की दीवार हटाई गई। एक दर्जन से अधिक दुकानों पर जेसीबी चली। इस बीच हंसराज डेयरी वालों ने बांड भर कर समय मांगा है। हालांकि उन्होंने अपनी बिल्डिंग तोडऩी प्रारंभ कर दी है, लेकिन उनके पुत्र का स्वास्थ्य ज्यादा खराब होने के कारण तोडफ़ोड़ रुक गई है। नगर निगम प्रशासन ने उन्हें समय दे दिया। इस दौरान बाजार में अफरा तफरी का माहौल रहा। वीर हकीकत राय गली, दुर्गा मंदिर गली व मटके वाली गली में व्यापारी खुद अतिक्रमण तोडऩे में जुटे रहे। इस दौरान गलियों को वाहनों को खड़े करके अवरुद्ध कर दिया गया। बाजार में चल रही तोडफ़ोड़ का सीधा प्रभाव कारोबार पर पड़ रहा है। दुकानें बंद हैं और ग्राहक बाजार में या तो पहुंच नहीं रहे हैं अथवा बाजार की हालात देखकर लौट जा रहे हैं। रुद्रपुर के इतिहास में पहली बार इस तरह अतिक्रमण को ध्वस्त किया जा रहा है और व्यापारी खुद को बेबस महसूस कर रहे हैं। अतिक्रमण हटाने के लिए सुरक्षा की दृष्टि से भारी संख्या में पुलिस फोर्स तैनात किया गया है।


कई दुकान व मकानों का अस्तित्व हो जाएगा खत्म

हाथों से छिनेगा रोजगार, किराए पर मकान लेने को मची मारामारी

रुद्रपुर। अतिक्रमण हटाओ अभियान के बाद कई दुकानों का अस्तित्व खत्म हो जाएगा तो कई मकानों में ऊपर जाने का रास्ता नहीं बचा है। बाजार में रह रहे परिवार किराए के मकान तलाश रहे हैं, लेकिन अचानक किराए के मकानों की मांग बढऩे से कालोनियों में आवास मिलने में दिक्कत आ गई है। अतिक्रमण हटने के बाद अनेक व्यापारियों के हाथों से रोजगार छिन जाएगा और उनके परिवार सड़क पर आ जाएंगे।

नगर निगम प्रशासन ने जिस तरह अतिक्रमण हटाओ अभियान शुरू किया है उससे कई दुकानों व मकानों का अस्तित्व ही खत्म होना तय है। खासतौर पर जिन्होंने कार्नर पर दुकानें बना रखी थी वह अतिक्रमण की जद में आने के कारण ध्वस्त हो जाएंगी। ऐसे में अनेक परिवारों के हाथ से कारोबार छिन जाएगा और वह बर्बादी के कगार पर पहुंच जाएंगे। बाजार में जिस तरह अफरा तफरी का माहौल है उसके चलते यहां रह रहे परिवार किराए के मकान तलाश रहे हैं, लेकिन अचानक बड़ी संख्या में किराए के मकानों की मांग बढऩे के चलते व्यापारियों को मकान मिलने तक में दिक्कत आ रही है। अतिक्रमण हटने के कारण बड़े बड़े शोरूम अब फिर से छोटी दुकानों की शक्ल में आ जाएंगे। व्यापारी वर्ग को खासा नुकसान झेलना पड़ेगा।

बेबसी में धरी रह गई स्मृतियां, आंसू बहा रहीं महिलाएं

रुद्रपुर। प्रशासन का सख्त रुख और राजनेताओं की असफलता के कारण बेबस व्यापारी खुद अपने दुकान व मकान तुड़वा तो रहे हैं, मगर उनके दिल रो रहे हैं। वजह यह है कि उनके लिए वह दुकान व मकान सिर्फ ईंट रेत से बने भवन नहीं, बल्कि उनके साथ उनके पूर्वजों की यादें जुड़ी हैं। आवास टूटने पर महिलाएं बिलख बिलख के आंसू बहा रही हैं। व्यापार मंडल के साथ ही अन्य राजनीतिक दल के नेता भी अब बाजार से नदारद हो गए हैं।

एक मकान से लोगों की स्मृतियां जुड़ी होती हैं। जब वह मकान किसी को खुद उजाडऩा पड़े तो उस पर क्या बीत रही होगी यह कोई भुक्तभोगी ही समझ सकता है। अब व्यापारियों को कोई आस दिखाई नहीं दे रही है, लिहाजा वह खुद ही अपने निर्माणों पर घन हथौड़े चलवा रहे हैं। महिलाएं बाकायदा अपने टूटते हुए भवनों को देखकर रो रही हैं और वह सत्तारूढ़ दल के नेताओं को कोस रही हैं। शुरू में व्यापार मंडल, सत्ता एवं विपक्ष के नेताओं ने अभियान का विरोध किया था, मगर अब विरोध के स्वर गायब हो गए हैं। लोग अंदर से टूट गए हैं और उन्हें उजडऩे से बचने का कोई रास्ता नहीं दिख रहा है, जिस कारण वह खुद ही अपना निर्माण तुड़वा रहे हैं।  


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