5th September 2017 279

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात के बाद चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने कहा पंचशील सिद्धांत पर भारत चीन मिलकर करेंगे काम


पड़ोसी के साथ साथ विकासशील और उभरते देश हैं भारत चीन

गर्मजोशी से मिले मोदी व जिनपिंग, एक घंटे से ज्यादा चली वार्ता

विवादों को बातचीत से सुलझाने पर बनी दोनों देशों के बीच सहमति

शियामिन। डोकलाम गतिरोध खत्म होने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच मंगलवार को यहां पहली विधिवत द्विपक्षीय मुलाकात हुई। मुलाकात के दौरान पीएम मोदी ने भी जिनपिंग को शुक्रिया कहा, उन्होंने कहा कि ब्रिक्स को प्रासंगिक बनाने में यह शिखर सम्मेलन बेहद सफल हुआ है। जिनपिंग ने कहा कि चीन भारत के साथ मिलकर पंचशील के सिद्धांत के तहत काम करने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि चीन और भारत प्रमुख पड़ोसी हैं, दोनों विकासशील और उभरते देश हैं। शी जिनपिंग ने कहा कि हम विश्व के 2 सबसे बड़े और उभरते देश हैं। भारत और चीन के बीच स्वास्थ्य, स्थिर रिश्ते दोनों देशों के लोगों के लिए जरूरी हैं।

बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ब्रिक्स सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए चीन में हैं। यहां चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग और पीएम नरेंद्र मोदी के बीच द्विपक्षीय वार्ता हुई। विदेश सचिव  ने बताया कि चिनपिंग और मोदी के बीच 1 घंटे से ज्यादा देर तक बातचीत हुई। डोकलाम विवाद के बाद दोनों देशों के प्रमुखों की यह पहली मुलाकात थी, इसलिए सबकी निगाहें इस वार्ता पर टिकी हुई थी। वार्ता शुरू होने से पहले मोदी और चिनपिंग बड़ी गर्मजोशी से मिले।

विदेश सचिव एस जयशंकर ने वार्ता के बाद बताया कि दोनों देशों के बीच बॉर्डर पर शांति बनाने पर बात हुई। दोनों देश बॉर्डर पर शांति बनाने के लिए सहमत हैं। आपसी भरोसा बढ़ाने पर बात हुई। विवादों को दोनों देश बातचीत के जरिए मुद्दे सुलझाएंगे, इस पर भी सहमति बनी है। इस बात पर दोनों देश सहमत है कि बदलते दौर में एक साथ मिलकर चलना जरूरी है। ब्रिक्स को और प्रासंगिक बनाने को लेकर भी मोदी और जिनपिंग में बातचीत हुई।

एस जयशंकर ने बताया कि वैश्विक आतंकवाद पर ब्रिक्स सम्मेलन में प्रमुख रूप से चर्चा हुई है, लेकिन आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की मुलाकात में इस पर कोई चर्चा नहीं हुई। एस जयशंकर ने बताया कि दोनों नेताओं के बीच ब्रिक्स देशों से जुड़े कई मुद्दों पर बात हुई। दोनों नेताओं के बीच काफी सकारात्मक रवैये में बातचीत हुई। वार्ता के शुरुआत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ब्रिक्स सम्मेलन की सफलता के लिए राष्ट्रपति शी जिनपिंग को बधाई दी और कहा कि ब्रिक्स को प्रासंगिक बनाने में यह शिखर सम्मेलन बेहद सफल हुआ है। वहीं चीनी राष्ट्रपति ने कहा कि चीन और भारत प्रमुख पड़ोसी हैं, दोनों विकासशील और उभरते देश हैं। चिनपिंग ने कहा कि चीन भारत के साथ मिलकर पंचशील के सिद्धांत के तहत काम करने के लिए तैयार है। चीन भारत के स्वस्थ और स्थिर संबंध दोनों देशों के लोगों के हितों की पूर्ति करने में सहायक व जरूरी हैं। वहीं पीएम मोदी ने कहा कि ब्रिक्स को और प्रासंगिक बनाने की जरूरत है। इस दौरान गोवा के ब्रिक्स सम्मेलन का भी उन्होंने जिक्र किया। जिनपिंग से मुलाकात के बाद प्रधानमंत्री मोदी म्यांमार के लिए रवाना हो गए।

मोदी के एक्शन का रिएक्शन, पाकिस्तान में गिराए गए आतंकियों के ऑफिस

नई दिल्ली। ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आतंकवाद के खिलाफ मुहिम को जबरदस्त सफलता मिली है। ब्रिक्स में आतंकवाद पर प्रस्ताव लाने के बाद पाकिस्तान भी अब दबाव में आ गया है। पाकिस्तान ने खतरनाक आतंकी संगठन जमात उत दावा और फलाह इंसानियत के खिलाफ  कार्रवाई की है। जमात उत दावा के लाहौर में दर्जन भर दफ्तरों को बुलडोजर से गिरा दिया गया। यहां तक की उसके सामान को नाले में फेंक दिया गया। जमात उत दावा के खिलाफ इस कार्रवाई को भारत के लिए बड़ी कूटनीतिक सफलता के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि, ब्रिक्स के आतंकवाद पर इस घोषणापत्र में कहीं से भी पाकिस्तान का नाम नहीं लिया गया, लेकिन उन सभी आतंकी संगठनों की लिस्ट बना ली गई जिनकी जड़े पाकिस्तान में हैं। तालिबान और अल कायदा पर भी पाकिस्तान घिर गया और अब एक दिन बाद लाहौर में हाफिज सईद के आतंकी संगठन जमात उत दावा और फलाह इंसानियत के दफ्तरों पर बुलडोजर को आतंकी संगठनों के खिलाफ कार्रवाई के रूप में देखा जा रहा है। खुद आतंकी संगठन को भी लगता है कि भारत ने ब्रिक्स के जरिए पाकिस्तान पर जो दबाब बनाया है उसी की वजह से जमात के ऑफिसों पर कार्रवाई हुई। यही वजह है कि आतंकी अब्दुल रहमान मक्की भारत के खिलाफ जहर उगल रहा है।


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