11th July 2018 141

कहां मची बारिश से भारी तबाही, सात की मौत


मकान का मलबा गिरने से पांच व दो की नदी में बहने से गई जान

पिथौरागढ़ बागेश्वर को जोडऩे वाला झूला पुल बहा

कई मार्ग बंद, विद्युत पोल ध्वस्त होने से सप्लाई बाधित

देहरादून में पांच मवेशी भी मरे, कई झोपडिय़ां बही

पिथौरागढ़ में जेसीबी समेत दो वाहन चढ़े बाढ़ की भेंट

रेस्क्यू में जुटीं एसडीआरएफ  और प्रशासन की टीम 

देहरादून। देश में असम, महाराष्ट्र के बाद अब बारिश ने उत्तराखंड में अपना रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है। राज्य में एक ओर जहां पहाड़ों में लगातार हो रही बारिश से जगह जगह से तबाही हो रही है वहीं दूसरी ओर राज्य का मैदानी इलाका बारिश न होने से कोसों दूर है। देहरादून में बीती रात से लगातार हो रही बारिश से एक मकान ध्वस्त हो गया जिससे एक ही परिवार के चार लोगों की मौत हो गई, जबकि दो घायल हो गए हैं। इसके अलावा एक व्यक्ति की मलबे में दबने से मौत हो गई साथ ही एक युवक के बहने की भी आशंका है। एसडीआरएफ और प्रशासन की टीम लगातार रेस्क्यू में जुटी है। 

बता दें कि राज्य के पर्वतीय क्षेत्रों में बीती रात से लगातार हो रही बारिश से देहरादून के सीमाद्वार स्थित शास्त्रीनगर में एक मकान के ध्वस्त हो गया। मकान के मलबे में दबकर संतोष साहनी (35) वर्ष, पुत्र रामचंद्र साहनी उनकी पत्नी सुलेखा देवी (30) वर्ष, दो बेटे धीरज कुमार (5) वर्ष नीरज कुमार (3) वर्ष निवासी शास्त्रीनगर खाला, वसंत विहार की मौत हो गई। जबकि प्रमोद साहनी (35) वर्ष पुत्र सखीलाल साहनी व जगदीश साहनी (70) वर्ष गंभीररूप से घायल हो गए। घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मृतकों के शवों को मलबे से निकाल लिया गया है। मृतक मूल रूप से बिहार के रहने वाले हैं। उधर सहसपुर क्षेत्र में भी एक व्यक्ति अब्दुल अजीज (65) की मलबे में दबने से मौत हो गई। वहीं सहसपुर के छरबा गांव में उफनाए बरसाती नाले की चपेट में आकर एक वृद्ध व्यक्ति तेज बहाव में बह गया। सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने उसे नदी से बाहर निकाल लिया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। पुलिस ने पोस्टमार्टम कर शव परिजनों को सौंप दिया। मोथरोवाला क्षेत्र में दौड़वाला के पास रिस्पना नदी में राजेश पुत्र बलदेव तेज बहाव में बह गया। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस ने रेस्क्यू चलाकर उसे नदी से बाहर निकाला लेकिन तब तक उसकी भी मौत हो चुकी थी।

इसके अलावा बिंदाल में जलभराव होने से पांच मवेशियों की मौत हो गई। जबकि चार झोपडिय़ां तेज बहाव के कारण बह गईं। पुलिस कंट्रोल रूप से मिली सूचना के मुताबिक दून स्कूल की दीवार, गढ़वाल यूनिवर्सिटी की पुलिया भी टूटकर क्षतिग्रस्त हो गई। ओएनजीसी से मदद मांगने पर सीआईएसएफ की दमकल की गाडिय़ां मौके पर पहुंचकर पानी निकालने में जुटी हुई हैं।

इधर कुमाऊं में पिथौरागढ़ के तल्लाजोहार में क्षेत्र में बारिश ने जमकर तांडव मचाया। नाचनी में स्थित रामगंगा नदी पर बना पिथौरागढ़ और बागेश्वर को जोडऩे वाला झूला पुल बह गया है। इसके अलावा नदी के तेज बहाव में यहां एक जेसीबी और दो कारें बह गई हैं। नाचनी में बिजली के कई पोल बह गए हैं, जिस कारण नाचनी, मुनस्यारी और मदकोट में बिजली गुल है। झूलाघाट में भी महाकाली उफान पर है। नदी अपने साथ टीन गरडर बहा कर लाई। जिससे नदी पर बने पुल पर खतरा मंडरा रहा है। राम गंगा का रौद्र रूप देखकर लोगों में दहशत है। रात से लोग डरे सहमे हैं। भारी बारिश के चलते पर्वतीय क्षेत्रों में कई मार्ग बंद हो गए। नदी के लगातार बढ़ रहे जल स्तर से किनारे रह रहे लोगों ने सुरक्षित स्थानों पर शरण ली है। बागेश्वर जिले में सरयू नदी का जलस्तर काफी बढ़ गया है। यहां भी नदी में कई वाहन बह गए हैं। अगर बारिश इसी तरह जारी रही तो तबाही और ज्यादा बड़ सकती है। एसडीआरएफ  और प्रशासन की टीम लगातार रेस्क्यू में जुटी है। बारिश के कारण बिजली के कई पोल भी ध्वस्त हो गए हैं। मुनस्यारी मदकोट तल्ला जोहार का कई स्थानों से संपर्क टूट गया है। मुनस्यारी थल सहित क्षेत्र के सभी मार्ग बंद हो गए हैं। 







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