3rd July 2018 355

पढ़िए क्यों सीएम रावत पर भड़की महिलाएं, पत्थर मारने को तक बोल डाला


लोगों के घर उजड़ रहे थे, तब कहां थे

धूमाकोट पहुंचे मुख्यमंत्री पर भडक़ी महिला

केवल वोट के लिए आते हैं जनप्रतिनिधि

कोटद्वार। लगता है कि मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत को जनता पसंद नहीं कर रही है। अभी कुछ दिन पूर्व जनसभा में विधवा शिक्षिका उत्तरा पंत का मामला ठंडा भी नहीं हुआ था कि धूमाकोट बस हादसे में घायल और मतृक के परिजन से मुलाकात करने पहुंचे मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत को जनता के भारी आक्रोश का सामना करना पड़ा। एस महिला तो इतना आक्रोशित हो गई कि मुख्यमंत्री को पत्थर से मारने तक की बात कह डाली।

 बताया जाता है कि पौड़ी के धूमाकोट में हुए एक बस हादसे में 48 लोगों की मौत हो गई थी। दुर्घटना के बाद भारी भरकम सरकारी अमले के साथ पहुंचे मुख्यमंत्री धूमाकोट पहुंचे थे। इस दौरान एक ग्रामीण महिला अचानक मुख्यमंत्री पर भडक़ उठी। महिला ने कहा कि जब लोगों के घर उजड़ गए तब आ रहे हो।  भागों यहां से वरना हम पत्थर मारेंगे। फिर तुम्हे जो मर्जी है कर लेना। महिला ने कहा और दिन क्यों नहीं  घूमते हो, तुम लोग।इधर बस वोट बनाने के लिए आ जाते हो।

क्षेत्रीय लोगों का कहना था कि जब जनता समध्याओं से जूझ रही होती है, तब न न कोई जनप्रतिनिधि इन्हें ठीक करने के लिए आता है और न ही कोई सरकारी नुमाइंदा। किंतु जब इस तरह के हादसे शासन प्रशासन की लापरवाही के कारण घटित हो जाते हैं तब जरूर सांतवना दिखाने के लिए सारे जनप्रतिनिधि और शासन प्रशासन के लोग भारी भरकम अमले के साथ सवंदेना जताने आ पहुंचे हैं और मामला शांत होते ही फिर कोई उन समध्याओं को हल करने की न तो सधु लेता है और न ही जनता का रूख करता है। वे आते हैं तो अगली बार चुनाव के मौसम में। माना जा रहा है कि जनता का यह विरोध झेलने के बाद मुख्यमंत्री के आदेश पर तत्काल थानदेार और एआरटीओ को सस्पेंड तो कर दिया लेकिन जनता क्षेत्र से गायब डाक्टरों और खराब सडक़ों के लिए जिम्मेदार पीडब्लूडी के अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई करने की मांग कर रही है। 


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