19th September 2018 892

रुद्रपुर में भी पंजाबियों में उबाल


प्रदेश में अतिक्रमण हटाने के नाम पर उत्पीडऩ का लगाया आरोप
रुद्रपुर। उत्तरांचल पंजाबी महासभा ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन उपजिलाधिकारी को  सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से प्रदेश में अतिक्रमण विरोधी अभियान के तहत हटाये गये पंजाबी समाज के लोगों के पुनर्वास की मांग की गई।
उत्तरांचल पंजाबी महासभा के अध्यक्ष हरीश जलहोत्रा ने कहा कि उच्च न्यायालय के निर्देशानुसार उत्तराखंड में अतिक्रमण हटाया जा रहा है। अभियान के अंतर्गत बहुतायत पंजाबी बंधुओं की दुकानें व मकान पूर्ण रूप से ध्वस्त हो गए हैं, जिसमें अधिकांश पीडि़त परिवार पंजाबी समुदाय से हैं, जिनके पास जीवन यापन करने के लिए रोजगार की जगह एवं सिर छिपाने के लिए घर भी नहीं बचा है। उन्होंने कहा कि 1934 के नक्शे के आधार पर 2018 में की गई इस कार्रवाई से सभी में आक्रोश है, जबकि सरकारी विकास प्राधिकरण नगर निगम, नगर पालिका एवं नगर पंचायत के अधिकारी इसके निर्माण की स्वीकृति देते रहे हैं।
उन्होंने कहा कि सारा दोष अधिकारियों का है जो तथाकथित निर्माण होते समय अपनी आंखें बंद कर लेते हैं। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार टिहरी बांध विस्थापितों एवं देहरादून में चकराता रोड के दुकानदारों को पुनर्वास हेतु अन्य जगह पुर्नस्थापित किया गया था, उसी प्रकार पंजाबी समाज के लोगों को  भी स्थान उपलब्ध कराया जाए एवं जिनके घर इस अभियान के चलते टूट गए हैं उनके रहने हेतु आवास उपलब्ध कराये जाय।
उन्होंने मुख्यमंत्री से पंजाबी परिवारों को राहत प्रदान करने की मांग की। इस दौरान उत्तरांचल पंजाबी महासभा के महामंत्री सुधांशु गावा, कोषाध्यक्ष पंकज कालड़ा, मनीष गगनेजा, राजेश कामरा, रितेश मनोचा, हर्ष रावल, सुनील ठुकराल, हिमांशु, सोनू खुराना, मोहित बत्रा, अमित अरोरा बॉबी, राजेश अरोरा, सुमित बांगा थे।


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