18th March 2018 53

गर्मीं के साथ गहराने लगा पेयजल संकट


गौला का जलस्तर 70 क्यूसेक के आस पास

56 नलकूपों के जरिए शहर में की जा रही पेयजल आपूर्ति

दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही पानी की डिमांड


हल्द्वानी। गर्मीं की शुरुआत हो चुकी है लिहाजा पानी की किल्लत बढऩे लगी हैं। जैसे जैसे पारा ऊपर चढ़ेगा वैसे वैसे पानी का संकट गहराते चले जाने के आसार हैं। क्योंकि पिछले साल सर्दियों में कतई बारिश नहीं हुई जिससे नदियों के जलस्तर में एक इंच भी बढ़ोतरी नहीं हुई। जिसका असर पूरे हल्द्वानी को पानी की सप्लाई करने वाली गौला नदी का जलस्तर घटने लगा है, वर्तमान में गौला का जलस्तर 70 क्यूसेक के आसपास है। लेकिन बढ़ती गर्मी के साथ जलस्तर प्रतिदिन घटेगा जिससे आम जनता को पानी की बूंद बूंद को तरसना पड़ सकता है। जल संस्थान के अधिकारियों के मुताबिक पानी की आपूर्ति फिलहाल 56 नलकूपों के जरिये भी की जा रही है। जबकि कुछ जगहों पर पेयजल की आपूर्ति सिंचाई विभाग के नलकूपों से भी की जाएगी। लेकिन इस क्षेत्र में कई जगह मोटरों के फूंकने से पेयजल संकट गहरा गया है। जिलाधिकारी ने क्षेत्र में निर्माण कार्र्यों पर रोक लगा दी है।

एक आंकड़े के मुताबिक हल्द्वानी के लिए पानी की सामान्य डिमांड पिछले कुछ सालों में 58 एमएलडी तक रही है, लेकिन इस समय 62 से 64 एमएलडी तक जा रही है, जो तपती गर्मी में 75 एमएलडी तक पहुंचने के आसार बन चुके हैं। इसे निपटना जल संस्थान के लिए चुनौती भरा होगा। अधिकारियों के मुताबिक पिछले 10 सालों में अन्य शहरों की अपेक्षा हल्द्वानी में विकास की गति तेज हुई है, खासकर सबसे ज्यादा अद्र्धनगरीय क्षेत्रों में जनसंख्या बढ़ी है, जिसका अच्छा खासा असर पेयजल आपूर्ति पर पड़ा है।

 स्थानीय लोगों के अनुसार पानी की आपूर्ति के लिहाज से उठाए जा कदम नाकाफी हैं, क्योंकि पेयजल की जो लाइन पिछले कई सालों चल रही हैं वो जैसे कि तैसी पड़ी हैं, यही नहीं बल्कि ओवर हेड टैंकों से भी कई पेयजल लाइन जुड़ी नहीं हैं जिससे पानी की किल्लत होना लाजमी है। वहीं गर्मी के साथ साथ जैसे जैसे गौला नदी का जल स्तर घटेगा। वैसे वैसे पानी की किल्लत बढ़ती चली जायेगी। आगामी दिनों में पानी की समस्या को देखते हुए यदि कोई ठोस कदम नहीं उठाये गए तो हल्द्वानी की जनता को बूंद बूंद के लिए तरसना होगा।



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