13th July 2018 28

बिजनौर या अंबेडकरनगर से लोकसभा चुनाव लड़ सकती हैं मायावती


उत्तर प्रदेश। कयास लगाए जा रहे हैं कि समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी का गठबंधन बन गया तो मायावती अपने पुराने क्षेत्र बिजनौर के नगीना सुरक्षित सीट या फिर अंबेडकरनगर से लोकसभा चुनाव लड़ सकती हैं, हालांकि सूत्रों का कहना है कि यह सब कुछ दोनों दलों के बीच गठबंधन बनने पर निर्भर करता है।

बता दें कि 1989 में मायावती ने बिजनौर से चुनाव लड़ा था और वहां से चुनकर संसद पहुंची थीं। दलित मुस्लिम गठजोड़ की बदौलत मायावती ने इस सीट से जीत हासिल की थी और यह सीट पारंपरिक तौर पर बसपा की मानी जाती है। इसी तरह वह अंबेडकरनगर से भी दलित मुस्लिम एकता की बदौलत चुनाव जीत चुकी हैं। विधानसभा चुनाव 2012 और लोकसभा चुनाव 2014 में बसपा को मिली करारी हार से पार्टी समर्थकों में हताशा का माहौल है। कहा जा रहा है कि इस बार मायावती अपने समर्थकों का उत्साह बढ़ाने के लिए खुद भी चुनावी मैदान में उतर सकती हैं। बता दें कि 1998, 1999 और 2004 में लोकसभा सांसद रह चुकी हैं। वह राज्यसभा सांसद भी रह चुकी हैं, लेकिन पिछले साल उन्होंने इस्तीफा दे दिया था।

बहरहाल, कांग्रेस ने मायावती के नेतृत्व में महागठबंधन के चुनाव लडऩे की वकालत की है। कांग्रेस के बड़े नेता और पूर्व राज्यपाल अजीज कुरैशी ने लखनऊ में बुधवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि अगर राहुल गांधी के नाम पर सहमति नहीं बन पाती तो मायावती के नेतृत्व में महागठबंधन को 2019 का चुनाव लडऩा चाहिए और अगर तीनों दल एक साथ एक मंच पर आ गए तो मोदी को हटाने का रास्ता साफ  हो जाएगा।

हालांकि औपचारिक तौर पर बसपा की तरफ  से मायावती के चुनाव लडऩे को लेकर कोई बात सामने नहीं आई है, लेकिन गोरखपुर और फूलपुर लोकसभा उपचुनाव नतीजों के बाद सपा बसपा के बीच गठबंधन के पूरे आसार नजर आ रहे हैं, क्योंकि यूपी की सियासत में बड़ा असर रखने वाली दोनों पार्टियों को इस बात का अहसास है कि मायावती अखिलेश की एकजुटता का जनता में सकारात्मक संदेश गया है।


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