21st July 2018 70

पढिय़ें... कौन कर देना चाहते थे गर्भ में बेटी का कत्ल


गैर कानूनी तरीके से खटीमा में अल्ट्रासाउंड करा कर जाना भ्रूण का लिंग

नशीली चाय पिला कर बहू को फेंक आए मायके की गली में

50 हजार लेकर किया समझौता, फिर बनाए आप्रकृतिक संबंध

रुद्रपुर। दहेज के लोभी ससुरालियों ने गर्भ में पल रही बेटी को मार डालने की साजिश रची और जब इसमें वह कामयाब नहीं हुए तो एक दिन बहू को नशीली चाय पिला कर बेहोश किया और फिर उसे मायके की गली में फेंक आए। हालांकि बाद में 50 हजार लेकर ससुरालियों और मायके वालों मे समझौता हो गया, लेकिन प्रताडऩा बंद नहीं हुई। इस पर महिला को मारपीट के साथ जबरन आप्रकृतिक संबंध के दर्द को भी सहना पड़ा। मामले में ससुरालियों के खिलाफ पीडि़ता ने गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया। हालांकि यह मुकदमा पुलिस को कोर्ट के आदेश पर दर्ज करना पड़ा है। 

रफीक ने अपनी बेटी हमीना की शादी वार्ड 19 पक्का खेड़ा में रहने वाले खलील अहमद पुत्र मोहम्मद हमुमुद्दीन से 6/10/2015 को किया था। हमीना की मानें तो पिता ने अपनी हैसियत से ज्यादा दान दहेज ससुरालियों को दिया था, लेकिन शादी के चार दिन बाद ही ससुराली दहेज के लिए उसे प्रताडि़त करने लगे। तीन लाख कैश और चार पहिया गाड़ी के लिए ससुरालियों को जुल्म लगातार बढ़ रहा था और इसी बीच हमीना गर्भ से हो गई। शंका होने पर ससुराली हमीना को अपने साथ खटीमा ले गए और वहां गैर कानूनी तरीके से ससुरालियों ने पेट में पल रहे भ्रूण का लिंग परीक्षण कराया और जब ससुरालियों को पता लगा कि पेट में पल रहा गर्भ बेटी है तो उन्होंने गर्भ में पल रही बेटी को मार डालने का साजिश रच डाली। हालांकि हमीना की जिद्द ने ससुरालियों को ऐसा नहीं करने दिया। आरोप है कि बीती 2/7/2016 को ससुरालियों ने चाय में नशीला पदार्थ खिलाकर उसे बेहोश कर दिया और कार में डालने के बाद उसे मायके की गली के बाहर फेंक कर चले गए। 21/9/2016 को हमीना ने मायके में एक बेटी को जन्म दिया। इसके 9 दिन बाद मायके और ससुराली पक्ष में पंचायत हुई। समझौते के मुताबिक मायके वालों ने 50 हजार रुपये ससुरालियों को बतौर दहेज दिया। जिसके बाद हमीना वापस ससुराल पहुंची, लेकिन ससुरालियों का जुल्म कम नहीं हुआ। हमीना का कहना है कि उसका पति खलील जबरदस्ती उसके साथ आप्रकृतिक संबंध बनाता रहा। इस बीच वह दोबारा गर्भवती हुई। बावजूद इसके जुल्म कम नहीं हुए। एक रोज ससुरालियों ने उसे लात घूंसों से बुरी तरह पीटा। गंभीर अवस्था में हमीना को अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां पता लगा कि गर्भ में पल रहे बच्चे को भी गंभीर चोटें आई हैं। 


पुलिस ने दरकिनार कर दी थी हमीना की तहरीर

हमीना की मानें तो जुल्म की इंतहा के बाद वह मामले को लेकर कोतवाली पुलिस के पास पहुंची थी। पुलिस ने उसकी पूरी बात सुनी और तहरीर ली। साथ ही भरोसा दिया कि वह इस मामले में आरोपियों पर कार्रवाई की जाएगा। हालांकि ऐसा हुआ नहीं। पुलिस ने तहरीर लेने के बाद भी आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज नहीं किया। जिसके बाद हमीना ने कोर्ट की शरण की और कोर्ट के दखल और आदेश के बाद पुलिस को पांच के खिलाफ मुकदमा दर्ज करना पड़ा। जिसमें महिला का पति खलील, ससुर मो.हमुमुद्दीन, जैपुन निशा, मो.दीन, शकील पुत्र मो.दीन व फातिमा पुत्री आजम हैं। 

क्या अल्ट्रासाउंड करने वालों पर गिरेगी गाज

पेट में पल रहे लिंग की जांच करना पूरी तरह गैरकानूनी है और हर साल सरकार इसके प्रचार प्रसार के लिए करोड़ों रुपये खर्च करती है। आपको लगभग सभी अस्पतालों में ऐसे संदेश देखने को मिल जाएंगे जिसमें यह लिखा होता है कि लिंग की जांच कराना और करना अपराध है। इसमें जेल या जुर्माना दोनों हो सकता है। तो क्या ऐसे में हमीना के आरोपों को पुलिस गंभीरता से लेगी। आखिरकार खटीमा में ऐसी कौन सी पैथोलॉजी है जहां इतने सख्त कानून के बावजूद लिंग का परीक्षण किया जा रहा है। हालांकि सबसे बड़ा सवाल है कि जिस पुलिस ने तहरीर पर गौर नहीं किया वह इस आरोप को सच कैसे मानेगी।   



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