17th May 2017 145

जम्मू कश्मीर में पत्थरबाजी पर पाकिस्तान की खुली पोल


कश्मीर में पत्थरबाजों को पाक से मिलता है पैसा

स्टिंग में हुआ खुलासा फाइनेंसर ने खुफिया कैमरे के सामने कबूला सच

नई दिल्ली। पाकिस्तान कश्मीर घाटी में गड़बड़ी पैदा करने और युवाओं को उकसाने का काम किस तरह कर रहा है, यह खुलासा एक टीवी चैनल के स्टिंग वीडिय से हुआ है। इस वीडियो में खुद अलगाववादी संगठन हुर्रियत कॉन्फ्रेंस का एक नेता नईम खान स्वीकार करता दिख रहा है कि कैसे पाकिस्तान हवाला के जरिए फंडिंग करता है।

स्टिंग वीडियो में पथराव से लेकर, स्कूलों में आगजनी और विधायक पर हमले को लेकर भी ब़ड़े खुलासे सामने आए हैं। स्टिंग में अलगाववादी नेता ने यह बात कबूली है कि पाक से करोड़ों रुपए दुबई और सऊदी के रास्ते कश्मीर भेजे जाते हैं। अलगाववादी नेता से रिपोर्टर ने पैसा देने वाले व्यक्ति के रूप में बात की। रिपोर्टर से मिलने दिल्ली पहुंचे सैयद शाह अली गिलानी की हुर्रियत कॉन्फ्रेंस के नेता नईम खान ने बताया है कि कश्मीर में अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट नहीं होने के कारण बड़ी राशि दिल्ली के बल्लीमारन और चांदनी चौक से हवाला के जरिए आती है।

ज्ञात हो कि पिछले दिनों एक और स्टिंग में इस बात का खुलासा हुआ था कि पाकिस्तान कश्मीर के पत्थरबाजों को कैशलेस फंडिंग कर रहा है। एक चैनल ने खुफिया सूत्रों के हवाले से दावा किया था कि पाकिस्तान इन पत्थरबाजों को पैसा देने के लिए उसी वस्तु विनिमय प्रणाली का सहारा ले रहा है, जिसके जरिए लोग पहले व्यापार करते थे। कई ट्रक अक्सर पाक अधिकृत कश्मीर (पीओके) के मुजफ्फराबाद से श्रीनगर में सामान लेकर आते जाते हैं। इन्हीं ट्रकों पर लदे सामान के जरिए पाकिस्तान कश्मीर के पत्थरबाजों को पैसा देता है।

पिछले दिनों घाटी के कई स्कूलों में तोडफ़ोड़ और आगजनी की घटनाएं सामने आई हैं। नईम के मुताबिक, इसमें अलगाववादियों का हाथ है। नईम ने बताया कि बिना अलगाववादियों के समर्थन के यह काम कोई नहीं कर सकता। उसने यह दावा किया कि अलगाववादियों ने अब तक घाटी में 35 स्कूलों को जलाया।

नईम ने जो खुलासे किए वो चौंकाने वाले थे। नईम खान कैमरे पर ये कहते हुए कैद हुआ कि पाकिस्तान पिछले 6 साल से कश्मीर में बड़ा प्रदर्शन खड़ा करने के लिए हाथ पैर मार रहा है। पाकिस्तान की ओर से घाटी में हिंसा को बढ़ावा देने के लिए किस स्तर पर पैसा धकेला जा रहा है, इस पर नईम खान ने कहा कि पाकिस्तान से आने वाला पैसा सैकड़ों करोड़ से ज्यादा है, लेकिन हम और ज्यादा की उम्मीद करते हैं।

एक के बाद एक बेचैन करने वाले खुलासों की कड़ी में ये तो सिर्फ  एक छोटा सा ही हिस्सा है। हुर्रियत नेता ने ये भी साफ किया कि किस तरह इस्लामाबाद काले धन की धुलाई को भी अंजाम दे रहा है। ऑन रिकॉर्ड किसी भी कश्मीरी अलगाववादी नेता ने पहली बार ये खुलासा किया है।

नईम खान ने कहा कि फंड हर तीन या छह महीने में आता है। कभी कभी रकम सऊदी अरब के रास्ते आती है। कभी ये किस्तें कतर के जरिए आती हैं। जांच में पाया कि किस तरह राष्ट्रीय राजधानी के दिल में, बल्लीमारान और चांदनी चौक की संकरी गलियों में अलगाववादियों से हमदर्दी रखने वाले इस हवाला कारोबार को अंजाम देते हैं।

नईम खान ने कहा कि सारा पैसा दिल्ली से घूमकर आता है। हम से जुड़ाव रखने वाले अपना कमीशन काटने के बाद फंड की डिलीवरी करते हैं। दिल्ली के रास्ते आने वाले फंड में काफी बढ़ोतरी हुई है क्योंकि इस तरह की डिलीवरी को सरहद पार से होने वाली स्मंगलिंग से सुरक्षित माना जाता है।

हुर्रियत की अंदर की जानकारी रखने वाले शख्स ने स्कूलों को जलाने में भी अपने गुट की भूमिका का खुलासा किया। कश्मीर में सर्दियों के चार महीनों में 31 स्कूलों को आग लगाई गई। लगभग 110 सरकारी इमारतों को भी नुकसान पहुंचाया गया। नईम खान ने बड़ी शेखी के साथ इन हमलों को अपने समर्थन का जिक्र किया। नईम खान ने कहा कि आपको अव्यवस्था के लिए अफरातफरी की जरूरत होती है। ये मतलब नहीं रखता कि इसके मायने चाहे रेलवे स्टेशन, पुलिस स्टेशन, स्कूल, पंचायत इमारतें जलाना हो। अल्लाह हमें महफूज रखे, अस्पतालों को इससे अलग रखा जाना चाहिए। गड़बड़ी के लिए हमें कुछ खास चीजें करनी होती है। नईम खान ने आंखों में चमक के साथ कहा कि उन्हें जलाया गया, क्योंकि हम वहां मौजूद थे। हमारे समर्थन के बिना कुछ भी संभव नहीं था।

नईम ने कहा कि अलगाववादियों ने साफ तौर पर अपना रोडमैप बना रखा है। कश्मीर घाटी को उबाले रखना उनके एजेंडे में सबसे ऊपर आता है। उनके कपटी मंसूबे की एक एक कर परतें इंडिया टुड़े अंडरकवर रिपोर्टर्स के सामने खुलती गईं।



Visitors: 294227
© 2018 Vasundhara Deep News. All rights reserved.