20th August 2018 49

ब्राह्मण महासभा ने दी श्री बाजपेयी को श्रधांजलि


देश के  पूर्व प्रधानमंत्री व भारतरत्न स्व . पण्डित अटलबिहारी वाजपेयी जी को ब्राह्मण महासभा की ओर से गल्लामण्डी में श्रधांजलि अर्पित की जिसमें वहाँ मौजूद सभी वक्ताओ ने उनके जीवन की विभिन्न घटनाओं पर चर्चा की महासभा के अध्यक्ष मुकेश वशिष्ठ ने बताया कि श्री वाजपेयी जी के समान कुशल वक्ता उनके संसदीय कार्यकाल में   कोई नही था उनका मान सम्मान पक्ष ही नही विपक्ष भी करता था वो एक सर्वमान्य नेता थे आजके फोटो सेशन वाले नही 
अटल जी को हिंदी भाषा से काफी लगाव है। इस लगाव का असर उस वक्त भी देखा जा सकता था जब 1977 में जनता सरकार में विदेश मंत्री के तौर पर काम कर रहे अटल बिहारी वाजपेयी ने संयुक्त राष्ट्रसंघ में अपना पहला भाषण हिंदी में देकर सभी के दिल में हिंदी भाषा का गहरा प्रभाव छोड़ दिया था।

संयुक्त राष्ट्र में अटल बिहारी वाजपेयी का हिंदी में दिया भाषण उस वक्त काफी लोकप्रिय हुआ। यह पहला मौका था जब यूएन जैसे बड़े अतंराष्ट्रीय मंच पर भारत की गूंज सुनने को मिली थी। अटल बिहारी वाजपेयी का यह भाषण यूएन में आए सभी प्रतिनिधियों को इतना पसंद आया कि उन्होंने खड़े होकर अटल जी के लिए तालियां बजाई।

' वसुधैव कुटुंबकम' का संदेश देते अपने भाषण में उन्होंने मूलभूत मानव अधिकारों के साथ साथ रंगभेद जैसे गंभीर मुद्दों का जिक्र किया था। महासभा के उपाध्यक्ष सी पी शर्मा ने भी अपने विचार रखते हुए बताया की भारत ने एक अनमोल रत्न खो दिया है जिसकी भरपाई कभी नहीं हो पाएगी डिग्री कॉलेज के प्रोफेसर डॉ वाए के शर्मा ने कहा कि उत्तराखंड प्रदेश और यहाँ के विकास को गति देता सिडकुल स्व वाजपेयी जी की ही देन है इस दौरान मुकेश वशिष्ठ , सत्यनारायण शर्मा, मिंटू शर्मा, बी डी भट्ट , वी डी शर्मा, विश्वनाथ  शर्मा, संजीव शर्मा , पदम् शर्मा, राहुल तिवारी , हरीश भट्ट, गजानन्द शर्मा , रामकिशन शर्मा, मुकेश शर्मा, मोनू शर्मा, हरिशंकर तिवारी, पुष्पेंद्र, अतुल पाठक आदि ब्राह्मण समाज के लोग उपस्थित रहे


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