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मुख्यमंत्री सचिव ने उधम सिंह नगर पहुंच कर अधिकारियो के साथ जिले में चल रही योजनाओं के बारे में विभागवार समीक्षा बैठक की 

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मुख्यमंत्री सचिव ने उधम सिंह नगर पहुंच कर अधिकारियो के साथ जिले में चल रही योजनाओं के बारे में विभागवार समीक्षा बैठक की

 

रूद्रपुर। सचिव मुख्यमंत्री, आवास, वित्त विभाग उत्तराखंड शासन डॉ.सुरेन्द्र नारायण पाण्डे ने डॉ.एपीजे अब्दुल कलाम सभागार पहुॅचकर जनपद में चल रहे विकास कार्यों तथा योजनाओं के क्रियान्वयन की विभागवार समीक्षा की। बैठक में अनुपस्थित रहने एवं विलम्ब से आने पर वन, पंचायतीराज, पुलिस, विद्युत, परिवहन तथा वन विभाग के अधिकारियों का स्पष्टीकरण लेने एवं एक दिन का वेतन काटने के निर्देश मुख्य विकास अधिकारी को दिये।

उन्होंने जल जीवन मिशन के अन्तर्गत चल रहे कार्यों की समीक्षा के दौरान निर्देश दिये कि वाटर क्वालिटी की समय-समर पर जांच की जाये और क्वालिटी मैटेरियल टैस्टिंग के साथ ही थर्ड पार्टी इन्सपेक्शन भी किया जाये। उन्होंने जल जीवन मिशन के अन्तर्गत 26 जनवरी तक अधिक से अधिक कार्य पूर्ण करने तथा हर हाल में सभी कार्यों को मार्च तक पूर्ण करने के निर्देश दिये। उन्होंने जनपद में कुल कुओं की संख्या तथा वर्तमान में संचालित व बन्दु कुओं का डाटा एकत्र करने के भी निर्देश जल संस्थान के अभियंताओं को दिये।

उन्होंने मनरेगा के अन्तर्गत संचालित योजनाओं की समीक्षा के दौरान निर्देश दिये कि मनरेगा कम्पोनेन्ट के अन्तर्गत जनपद के लिए उपयुक्त विशेष कम्पोनेन्ट को चिन्हित करते हुए नेशनल अवार्ड प्राप्त करने की दिशा में प्रयास किया जाये। उन्होंने रेशम विभाग के अन्तर्गत आने वाली मजदूरी कार्यों को भी मनरेगा के अन्तर्गत कराने के निर्देश दिये।

उन्होंने शिक्षा विभाग की समीक्षा के दौरान निर्देश दिये कि एमडीएम के अन्तर्गत विद्यार्थियों को मानकानुसार गुणवत्तायुक्त भोजन में और जनपद के सभी अधिकारियों द्वारा भी समय-समय पर विद्यालयों का निरीक्षण किया जाये, बच्चों के साथ भोजन ग्रहण किया जाये ताकि बच्चों में आत्मविश्वास जागृत हो।

उन्होंने कृषि, उद्यान, मत्स्य आदि विभागों की समीक्षा के दौरान निर्देश दिये कि योजनाओं के क्रियान्वयन से पहले तथा क्रियान्वयन के बाद उत्पादन तथा उत्पादकता में वृद्धि, किसानों की आर्थिक वृद्धि एवं सामाजिक प्रभाव के बारे में साइंटिफिक आकड़े जुटाने के निर्देश सम्बन्धित अधिकारियों को दिये। उन्होंने किसान सम्मान निधि योजनान्तर्गत ई-केवाईसी हेतु राजस्व, ग्राम्य विकास, कृषि तथा पशुपालन विभाग की संयुक्त टीम गठित करते हुए निर्देश दिये कि जिन व्यक्तियों के नाम पोर्टल से हटाये जाने है, उन्हें नोटिस देते हुए नाम हटाया जाये और केवाईसी से हेतु अधिक संख्या वाले स्थानों पर कैम्प आयोजित किये जाये।

उन्होंने पीएम स्वनिधि, सीएम स्वरोजगार योजना, पीएमईजीपी सहित विभिन्न रोजगारपरक योजनाओं की समीक्षा के दौरान निर्देश दिये कि अधिक से अधिक युवाओं को रोजगार के अवसर प्रदान किये जाये, बैंकर्स से समन्वय स्थापित करते हुए ऋण मुहैया कराया जाये और विभिन्न योजनाओं में ऋण जमा हेतु भी बैंकर्स को सहयोग प्रदान किया जाये। उन्होंने वर्ष 2008 से अब तक रोजगारपरक योजनाओं में स्थापित यूनिटों का सत्यापन करते हुए अब तक संचालित तथा बन्द हो चुकी यूनिटों का डाटा तैयार करने के निर्देश जीएम डीआईसी को दिये।

उन्होंने गोबरधन योजना की समीक्षा के दौरान निर्देश दिये कि जनपद में गौशालाओं के प्रभावी संचालन तथा गौशालाओं के आत्मनिर्भर बनाने हेतु कृष्णा गौशाला हरिद्वार का विजिट कराने के निर्देश दिये। उन्होंने मत्स्य विभाग की समीक्षा के दौरान निर्देश दिये कि जनपद में मछली की मांग, उत्पादकता, आपूर्ति, मत्स्य मार्केट आदि का विस्तार से सर्वे करने के निर्देश दिये। उन्होंने सेवायोजन विभाग की समीक्षा के दौरान निर्देश दिये कि कौशल विकास योजनान्तर्गत औद्योगिक मांग तथा स्वरोजगार के दृष्टिगत प्रशिक्षण प्रदान किया जाये। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा के दौरान निर्देश दिये कि मातृ-शिशु मृत्युदर, टीकाकरण, लिंगानुपात आदि का राष्ट्रीय तथा राज्य पोर्टल पर जनपद की स्वस्थिति का आंकलन करने के निर्देश दिये। उन्होंने जनपद में जैनरिक दवाओं को भी बढ़ावा देने के निर्देश दिये। उन्होंने आयुष्मान योजनान्तर्गत पंजीकृत अस्पतालों का भी निरीक्षण कराने के निर्देश दिये। उन्होंने पूर्ति विभाग की समीक्षा के दौरान निर्देश दिये कि शहरी क्षेत्रों में दुकाने खोलने हेतु आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश पूर्ति विभाग के अधिकारियों को दिये।

डॉ.पाण्डे ने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि जनपद भ्रमण का मुख्य उद्देश्य है कि फील्ड कर्मचारियों तथा अधिकारियों से अनुभव के आधार पर फीड बैक लिया जाये। उन्होंने निर्देश दिये कि जनहित में योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की दिक्कत है या योजनाओं में किसी प्रकार का परिवर्तन की आवश्यकता है तो उसके बारे में जरूर बतायें ताकि योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ पात्र व्यक्तियों को मिल सके। उन्होंने सीएम सौर ऊर्जा योजना के प्रति जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कराने के निर्देश दिये।

उन्होंने निर्देश दिये कि अधिकारियों में स्व कम्पटीशन की भावना हो और वह नेशनल तथा राज्य स्तर पर विभाग के उत्कृष्ट जिले से तुलना करते हुए अपने जिलें को नेशनल स्तर पर उत्कृष्ट बनाने की दिशा में रणनीति बनाकर कार्य करें ताकि अच्छे परिणाम प्राप्त हो सके। उन्होंने निर्देशित करते हुए कहा कि सभी अधिकारियों द्वारा आपसी समन्वय से जनपद में चल रहे विकास कार्यों का निरीक्षण किया जाये और यदि निरीक्षण के दौरान किसी भी प्रकार की कमी सामने आती है या सुझाव हो तो सम्बन्धित विभाग के साथ ही डीएम एवं सीडीओं को भी अवश्य अवगत कराये ताकि समय से निस्तारण किया जाये।

इसके साथ ही डॉ.पांडे ने विगत माहों में अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव, सचिव द्वारा जनपद की समीक्षा बैठकों एवम भ्रमण के संबंध में निर्गत दिशादृनिर्देशों के अनुपालन, भारत सरकार के प्रमुख थ्संहेीपच कार्यक्रम, राज्य सरकार के प्रमुख थ्संहेीपच कार्यक्रम, केन्द्र सहायतित परियोजनाएं, वाह्य सहायतित परियोजना, राज्य सैक्टर, जिला योजना, वन भूमि के लम्बित प्रस्ताव, सी0एम0 हेल्पलाईन- 1905, जनपद की महत्वपूर्ण लंबित योजनाओ, परियोजनाओ की विस्तार से समीक्षा की।

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी विशाल मिश्रा ने जनपद में अनियोजित विकास, जल भराव, कृषि से सम्बन्धित समस्या सहित विभिन्न विभागों में रिक्त पदों आदि की समस्या से अवगत कराया।

मुख्य विकास अधिकारी ने सुझाव दिये कि निर्माण कार्यों में ओपन एरिया सैडबैक मानक रिवाइज करने, जनपद ऊधम सिंह नगर तथा हरिद्वार के लिए दलहन उत्पादन हेतु पोलिसी बनाने, ऐंसे आईटीआई जिनमें मैकेनिकल की ट्रेड संचालित है के लिए निष्प्रोज्य वाहन उपलब्ध कराने के लिए पोलिसी बनाने, आयुष्मान कार्ड हेतु निगेटिव लिस्ट बनवाने, जिला पर्यटन विकास अधिकारी, जिला अल्पसंख्यक अधिकारी, कला एवं संस्कृति अधिकारी की तैनाती, शहरी क्षेत्रों में खाद्यान्न दुकान आवंटन हेतु स्पष्ट पोलिसी बनाने, फसल बीमा योजना में प्रोसीजर लिबरल बनाने एवं मानकों में संशोधन करने, बीपीएल को एसीसीसी पड़ा जाये आदि से सम्बन्धित परिवर्तन आदि के सुझाव दिये।

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी विशाल मिश्रा, अपर जिलाधिकारी जय भारत सिंह, परियोजना निदेशक हिमांशु जोशी, एससी जल संस्थान मृदुला सिंह, उप जिलाधिकारी मनीष बिष्ट, गौरव पाण्डे, जिला समाज कल्याण अधिकारी अमन अनिरूद्ध, जिला प्रोबेशन अधिकारी व्यौमा जैन, मुख्य उद्यान अधिकारी भावना जोशी, जिला युवा कल्याण अधिकारी बीएस रावत आदि उपस्थित थे।


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