खटीमा 09 मार्च 2023- उत्तराखण्ड अल्पसंख्यक आयोग के उपाध्यक्ष मज़हर नईम नवाब ने बताया कि 02 मार्च को आयोग के सभागार देहरादून में उत्पीड़न के मामलों की सुनवाई की गई। जिसमें श्री हलीम मोहम्मद, पुत्र श्री पीर मोहम्मद, निवासी- ग्राम नौसर तहसील खटीमा, जिला ऊधम सिंह नगर के शिकायती प्रकरण में सुनवाई की गयी। सुनवाई में शिकायतकर्ता श्री हलीम मोहम्मद, श्री वीर सिंह, पुलिस उपाधीक्षक, खटीमा एवं श्री संदीप पिलखववाल, प्रभारी निरीक्षक, 17 मील चौकी, खटीमा उपस्थित हुए। प्रकरण में प्रार्थी द्वारा अवगत कराया गया कि प्रभारी निरीक्षक 17 मील चौकी खटीमा एवं अन्य पुलिसकर्मियों द्वारा दिनांक 11.01.2023 को प्रार्थी के घर पर आकर प्रार्थी के पिता एवं परिवारवालों के साथ अभद्र व्यवहार कर मारपीट की गयी तथा अकारण प्रार्थी के पिता को मारपीट कर अपने साथ 17 मील चौकी ले गये तथा बन्द रखा। पुलिस चौकी में भी अभद्रता करते हुए प्रार्थी के पिता को पूरी रात बन्द रखकर अगले दिन शाम को छोड़ा गया। प्रार्थी एवं प्रार्थी का परिवार उक्त घटना से अत्यन्त डरा हुआ है तथा उक्त पुलिसकर्मी द्वारा धमकी दी गयी है कि यदि कोई कार्यवाही की तो झूठे मुकदमें में फंसा दूगां, जिस हेतु प्रार्थी द्वारा मा० आयोग से प्रार्थी व प्रार्थी के परिवार की जान माल की सुरक्षा हेतु अनुरोध किया गया है। इस सम्बन्ध में पुलिस उपाधीक्षक, खटीमा द्वारा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, ऊधमसिंह नगर की जांच आख्या सं0- एसटी-28 (आईजी -03) / 2022 दिनांक 28.02.2023, मा० आयोग के समक्ष प्रस्तुत कर अवगत कराया गया कि प्रकरण में उ0नि० संदीप पिलखववाल आदि पुलिस कर्मियों द्वारा आवेदक के आवास पर जाकर आवेदक के पिता व अन्य से आवश्यक पूछताछ किये जाने पर पुलिसकर्मियों से मारपीट कर वर्दी फाड़ देना भी प्रकाश में आया है। इस सम्बन्ध में उ0नि० संदीप पिलखववाल द्वारा थाना खटीमा में मु0 भी पंजीकृत कराया गया है। तत्क्रम में श्री संदीप पिलखववाल, प्रभारी निरीक्षक, 17 मील चौकी, खटीमा द्वारा अवगत कराया गया कि श्री जयचन्द पुत्र श्री अछेवर निवासी ग्राम नौसर द्वारा आवेदक के पिता पीर मौहम्मद व अन्य आदि द्वारा जबरन खेत जोतने का प्रयास कर झगड़ा करने की सूचना पर वह अन्य पुलिसकर्मियों के साथ मौके पर पहुंचकर शिकायतकर्ता व स्थानीय ग्राम के ग्राम प्रधान आदि से जानकारी करना व आवेदक के पिता पीर मौहम्मद को आवश्यक बातचीत / पूछताछ हेतु बुलाये जाने पर मौके पर न पहुंचने के कारण आवास पर गये थे, जहां पर आवेदक के पिता पीर मौहम्मद एवं माता / बहन आदि द्वारा पुलिसकर्मियों पर हमला कर वर्दी फाड़ी गयी । आवेदक एवं आवेदक के परिवारवाले झगड़ालू किस्म के लोग है तथा आये दिन दबंगई के बल पर ग्रामवासियों व सरकारी जमीनों पर जबरन कब्जा करने का प्रयास करते रहते हैं घटना के दिन मौके पर गांव के प्रधान श्री महेन्द्र प्रसाद, शिकायतकर्ता श्री जयचन्द व गांव के अन्य काफी लोग मौजूद थे, जो घटना के चश्मदीद साक्षी है, जिनसे घटना की सत्यता की जानकारी की जा सकती है।
अतः मा० आयोग द्वारा पत्रावली का परिशीलन कर निर्णय लिया गया कि प्रश्नगत प्रकरण में शिकायत पुलिस विभाग के विरूद्ध की गयी है तथा शिकायतकर्ता एवं पुलिस विभाग की जांच आख्या में विरोधाभास होने के कारण वास्तविक स्थिति स्पष्ट नहीं हो पा रही है, जिसके दृष्टिगत प्रकरण में जिलाधिकारी, ऊधम सिंह नगर को निर्देशित किया गया है कि प्रकरण में अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) ऊधमसिंह नगर की अध्यक्षता में एक जांच समिति का गठन किया जाए, जिसमें एक अल्पसंख्यक समुदाय के अधिकारी को भी अनिवार्य रूप से नामित कर तथा शिकायतकर्ता का पक्ष भी सुनते हुए निष्पक्ष जांच कर जांच आख्या 15 दिन के अन्दर मा० आयोग को उपलब्ध करायी जाए। तद्नुसार प्रकरण मा० आयोग स्तर से निक्षेपित किया जायेगा। दिये गये निर्देशों का पालन किया जाना सुनिश्चित किया जाये जिससे संबंधित रिपोर्ट मा० आयोग के समक्ष प्रस्तुत करते हुए दिये गये प्रार्थना पत्र का निस्तारण संभव होगा।
पीड़ित के साथ अभद्रता मामले में सख्त आयोग, 15 दिन में जांच कर कार्यवाही के निर्देश





