



रुद्रपुर। जिले के कप्तान मंजूनाथ टीसी ने जिलेभर के बैंक अधिकारियों के साथ सुरक्षा एवं बचाव के संबंध में लीड डिस्ट्रिक्ट मैनेजर तथा समस्त मुख्य शाखा बैंक प्रबन्धकों के साथ गोष्ठी आयोजित की गयी। गोष्ठी में बैंकों की सुरक्षा एवं अपराधियों द्वारा बैंकों में घुसकर बैंक अधिकारियों एवं कर्मचारियों को शस्त्रों से भय दिखाकर लूट की घटना कारित किये जाने, इसके अतिरिक्त बैंक से पैसा निकालकर ले जाने वाले व्यक्तियों को लूट लिये जाने, अपराधियों द्वारा बैंकों से सम्बन्धित अपराध कारित करने में अपनाये गये तरीकों से स्पष्ट है कि सुरक्षा हेतु निर्धारित मानकों का प्रभावी रूप से कियान्वयन न किये जाने के कारण बैंक सम्बन्धी घटनायें घटित होने के सम्बन्ध में चर्चा की गयी। बैंकों की सुरक्षा के सम्बन्ध में निर्धारित किये गये मानकों के अनुरूप सम्यक् रूप से कार्यवाही अमल में लाये जाने के सम्बन्ध में तथा बैंकों की सुरक्षा के दृष्टिगत निम्न बिन्दुओं पर कार्यवाही करने के सम्बन्ध में दिशा-निर्देश निर्गत किये गये।
1. समस्त बैंकों के वरिष्ठ अधिकारियों को बैंक की सुरक्षा व्यवस्था के सम्बन्ध में Pro-Active Role का निर्वहन करना होगा।
2- बैंक के समस्त स्टाफ को बैंक की सुरक्षा के प्रति प्रेरित करते हुये सुरक्षा व्यवस्था में उनकी भागीदारी सुनिश्चित की जानी चाहिए।
3-समस्त बैंकों में चौनल गेट लगे होंगे। चौनल गेटों पर डॉग चौन को इस प्रकार लगाया जाय ताकि एक समय में एक ही व्यक्ति प्रवेश कर सके। यदि कोई व्यक्ति भागने का प्रयास करें तो वह आसानी से भाग न पाये।
4.बैंक के समस्त अधिकारियों एवं कर्मचारियों की सीट पर अलार्म सिस्टम हो ताकि किसी आकस्मिकता की स्थिति में उसका प्रयोग कर्मचारियों द्वारा किया जा सके।
5- सुरक्षा के दृष्टिगत बैंक के अन्दर एवं बाहर सी०सी०टी०वी० कैमरों की व्यवस्था सुनिश्चित करायी जाय। प्रवेश द्वार पर तीनों तरफ से उच्च गुणवत्ता वाले सी०सी०टी०वी० कैमरे लगाये जायें। बैंक / ए०टी०एम० केन्द्रों में सी०सी०टी०वी० कैमरे उच्च क्षमता वाले नाईटविजन युक्त लगाये जाय। सी०सी०टी०वी० बैकअप एक ही स्थान पर न रखकर बैंक की किसी अन्य शाखा अथवा डी०वी०आर० बैंक में किसी सुरक्षित स्थान पर रखा जाय। भ्पककमद सी०सी० कैमरा या सी०सी०टी०वी० कैमरे में चिप लगाने का भी प्राविधान है जिसमें कुछ समय की रिकार्डिंग को सुरक्षित किया जा सकता है।
6-प्रत्येक बैंक में सशस्त्र सुरक्षा गार्ड नियुक्त होना अनिवार्य होगा। यह सुनिश्चित किया जाए कि सुरक्षा हेतु नियुक्त सुरक्षा गार्ड मानसिक एवं शारीरिक रूप से स्वस्थ्य हो ।
7-बैंक के सुरक्षा गार्डाे के चरित्र एवं पूर्ववृत्तों का सत्यापन स्थानीय पुलिस एवं अभिसूचना इकाई के माध्यम से कराया जाय।
8-प्रायः कैश ट्रांजक्शन के समय सुरक्षा गार्द को बाक्स पकड़ा दिया जाता है एवं सुरक्षा गार्ड से बैंक सम्बन्धी अन्य कार्य भी लिये जाते हैं जो कि सुरक्षा की दृष्टि से अत्यन्त आपत्तिजनक है। सुरक्षा गार्ड से केवल सुरक्षा का कार्य ही लिया जाय। यह भी सुनिश्चित किया जाए कि सुरक्षा गार्ड बैंक के बाहर प्रवेश द्वार पर सतर्क रहकर अपनी डियूटी को सम्पादित करें।
9-कैश ट्रांजक्शन के दौरान जब भी सुरक्षा गार्द चले, उसकी राइफल उसके बैल्ट से डॉग चौन से बंधी हो। समस्त सुरक्षा गार्डाे की वर्दी में डोरी के साथ सीटी लगी होनी चाहिये। कैश का ट्रांजक्शन यथा सम्भव बैंक की कैश वैन से ही किया जाय। बैंक ट्रान्जेक्शन की सूचना नजदीकी थाना प्रभारी को समय से दी जाए।
10.कैश ट्रांजक्शन गोपनीय हो और कैश को लाने व ले जाने वाले कर्मचारियों / अधिकारियों को भी उसी समय बताया जाय। किसी भी दशा में कैश लाने अथवा ले जाने के लिये पूर्व से कर्मचारियों की डियूटी निर्धारित न की जाय। यदि एक बैंक से दूसरे बैंक को अधिक धनराशि का हस्तानान्तरण किया जाना हो तो उसकी सूचना निकटतम् थाने / चौकी को देकर आवश्यक पुलिस सहयोग प्राप्त किया जा सकता है।
11- सुरक्षा गार्ड को उपलब्ध शस्त्र के संचालन का पूर्ण ज्ञान हो, उसे शस्त्र के संचालन का प्रशिक्षण प्रदान किया जाय। सुरक्षा गार्द को उपलब्ध कराया गया शस्त्र क्रियाशील दशा में हो, पुराने कारतूसों का प्रयोग शस्त्र की उपयोगिता की जॉच हेतु स्थानीय पुलिस के सहयोग से प्राप्त किया जाय।
12- निकटतम थाने / चौकी / बीट कानि० एवं पुलिस नियंत्रण कक्ष के दूरभाष नम्बर बैंक के अधिकारियों के पास अनिवार्य रूप से उपलब्ध होने चाहिए। यदि किसी बैंक अधिकारी के पास थाना / चौकी एवं पुलिस नियंत्रण कक्ष के नम्बर उपलब्ध न हो तो उसे प्राप्त करना सुनिश्चित करें।
13- बैंक हेतु निर्धारित क्षमता से अधिक धनराशि बैंक में न रखी जाय।
14- बैंक में नियुक्त प्रत्येक कर्मचारी की सीट पर थाने / चौकी के नम्बर उपलब्ध हो ताकि किसी प्रकार की आकस्मिक स्थिति में उसका उपयोग किया जा सके।
15. बैंक के अन्दर अथवा बाहर किसी व्यक्ति की गतिविधि संदिग्ध प्रतीत होने पर उसकी सूचना तत्काल निकटतम थाने/चौकी को उपलब्ध करायी जाय।
16-बैंक में आने वाले प्रत्येक व्यक्ति को मास्क / हेल्मेट उतारकर ही बैंक में प्रवेश करने दिया जाय अन्यथा नही।
उक्त संदर्भ में सभी को निर्देशित किया गया की सभी अपने-अपने बैंकों में सुरक्षा के दृष्टिगत 07 दिवस के अन्दर सी०सी०टी०वी० कैमरें तथा अलार्म लगवायें तथा 15 दिवस के अन्दर सुरक्षा गार्ड नियुक्त करना सुनिश्चित करें। सी०सी०टी०वी० कैमरे एवं बैंक सुरक्षा गार्ड का सम्बन्धित थाना / चौकी प्रभारियों के माध्यम से 07 दिवस के बाद सत्यापन कराया जायेगा। अनियमित्ता पाये जाने पर सम्बन्धित बैंक के विरूद्ध उत्तराखण्ड पुलिस अधि० के अन्तर्गत कार्यवाही की जायेगी।


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