बुलंदी साहित्यिक सेवा समिति (पंजीकृत राष्ट्रीय स्तर)  द्वारा मातृ दिवस पर आयोजित हुआ कवि सम्मेलन

एस. वी.एम.इंटर कॉलेज हॉल गोपेश्वर में बुलंदी सन्स्था द्वारा मातृ दिवस पर विशेष कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया उक्त कार्यक्रम में जिले भर के नवोदित व वरिष्ठ कवियों ने अपनी रचनाओं के माध्यम से उपस्थिति दर्ज करवाई कार्यक्रम का संयोजन शहर की युवा कवयित्री प्रेरणा सेमवाल एवं शुर्भी के द्वारा किया गया। साथ ही कार्यक्रम का संचालन नेहा रावत ने किया कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में आदरणीय बाल चंद्र सिंह नेगी जी एवं विशिष्ट अतिथि आदरणीय राकेश गैरोला जी उपस्थित रहे। इस कवि सम्मेलन में चमोली जिले के समस्त नवोदित व वरिष्ठ कलमकारों ने अपनी रचना के माध्यम से उपस्थिति दर्ज करवाई l कार्यक्रम में शंभु प्रसाद भट्ट, सुमन किमोठी, सन्नू नेगी, संगीता बहुगुणा, भगत सिंह राणा (हिमद), श्रीधर सेमवाल , शुशीला भट्ट ,पवन सिंह, नेहा रावत (संचालिका), वंदना मेंदूली, हिमानी सती गौड़, सौरभ गौड़, ज्योति, राखी चौहान, अंशिका सेमवाल एवं बाल कलमकार कार्तिक , आन्या चौहान और प्राचि सेमवाल आदि ने सुन्दर काव्य पाठ किया। एवं कई अन्य नवोदित कलमकारों ने अपने जीवन का पहला काव्य पाठ भी बुलंदी के मंच से किया l जिसमें बाल कवयित्री आन्या चौहान ने कहा – मां शब्द नहीं जहान है,मां प्रकृति का वरदान है, एवं शंभु प्रसाद द्वारा – यह मेरा घर है तेरा घर, सुमन किमोठी-मां तुम जननी हो मां तुम जीवनदायनी हो, श्रीधर सेमवाल-तु किले हवै अपच्छ्याण, ममता शाह – मां ही बना जीवन का आधार है, संगीता बहुगुणा – माने तो अपना पूरा ही जीवन, लुटाती है अब सन्नू नेगी – बिन पानी के तरस रहे हैं बरसों से मेघा प्यारे, जैसी सुंदर भावविभोर पंक्तियां मातृ शक्ति के नाम की।

एवं कार्यक्रम की संयोजिका प्रेरणा सेमवाल जी की पंक्तियां “कलम मेरी सोचने लगी क्या ऐसा शब्द लिखूं , मां तुझे मैं धन्यवाद करूं” ने ढेर सारा प्यार पाया। व सुरभि ने पढ़ा – क्या न मांगू मैं तुझसे हक अपना जिसकी मै हक़दार हूँ

व पवन बिष्ट ने पढ़ा – त्याग तपस्या की माँ देवी तुम संघर्षों का प्रतिमान हो l

इससे पूर्व बीते वर्ष 12 दिसंबर को नगर पालिका परिसर गोपेश्वर में बुलंदी संस्था द्वारा चमोली जिले का सबसे बड़ा ऑफ़लाइन कवि सम्मेलन आयोजन भी किया गया था।

बुलंदी सन्स्था बना चुकी है 207 घण्टे का अनवरत विश्व रिकार्ड सबसे बड़े वर्चुअल कवि सम्मेलन करने का रिकॉर्ड बुलंदी संस्था के नाम है जिसे इंडिया वर्ल्ड रिकार्ड में भी दर्ज किया गया था l

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