धार्मिक आयोजन नई पीढ़ी को संस्कृति से जोड़ने का माध्यमः विकास शर्मा – श्रीमद् भागवत कथा का हवन-भंडारे के साथ हुआ समापन

धार्मिक आयोजन नई पीढ़ी को संस्कृति से जोड़ने का माध्यमः विकास शर्मा
– श्रीमद् भागवत कथा का हवन-भंडारे के साथ हुआ समापन

रूद्रपुर। आदर्श कॉलोनी स्थित ओमकार मंदिर प्रांगण में श्रीमद्भागवत कथा का समापन आस्था, श्रद्धा और भक्ति से परिपूर्ण वातावरण में हवन और विशाल भंडारे के साथ हुआ। श्रीकृष्ण प्रणामी सेवा समिति द्वारा आयोजित इस दिव्य आयोजन में सात दिनों तक श्रद्धालुओं ने कथा वाचन के माध्यम से श्रीकृष्ण की लीलाओं, भक्ति मार्ग की महिमा और जीवन के आध्यात्मिक रहस्यों का श्रवण किया।

समापन कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे महापौर विकास शर्मा ने व्यासपीठ को नमन करते हुए सभी के लिए सुख समृद्धि की कामना की। उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत केवल एक ग्रंथ नहीं, बल्कि हमारे जीवन का आध्यात्मिक मार्गदर्शन है। उन्होंने कहा धार्मिक आयोजनों का महत्व केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं है, यह समाज में समरसता, सौहार्द और संस्कृति की जीवंतता बनाए रखने का प्रभावी माध्यम भी हैं। महापौर ने कहा कि श्रीमद्भागवत जैसी कथाएं न सिर्फ आत्मिक शांति देती हैं, बल्कि युवा पीढ़ी को भारतीय परंपरा, संस्कृति और नैतिक मूल्यों से जोड़ने का मजबूत जरिया भी बनती हैं। उन्होंने उत्तराखंड सरकार, विशेषकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा संस्कृति संरक्षण के लिए किए जा रहे प्रयासों की भी सराहना की और कहा कि सरकार देवभूमि के आध्यात्मिक मूल्यों की रक्षा के लिए कटिबद्ध है। महापौर ने भागवत कथा के सफल आयोजन के लिए आयोजकों को बधाई दी और कार्यक्रम की सराहना की।

समापन अवसर पर विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें सैकड़ों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण कर पुण्य लाभ प्राप्त किया। इस अवसर पर समिति के अध्यक्ष बजरंग लाल गर्ग, महामंत्री राजेंद्र गोयल, कोषाध्यक्ष चंदन अग्रवाल, संरक्षक श्यामलाल बंसल, तथा समिति के अन्य प्रमुख सदस्य रणवीर गुप्ता, देवीदयाल गुप्ता, सुरेश गर्ग, नरेंद्र बंसल, गोविंद गर्ग, विजय अग्रवाल, इंदरमल श्यामपुरिया, पूरणमल श्यामपुरिया, मनीष गोयल, सुषमा गुप्ता, पुष्पा गर्ग, सुषमा अग्रवाल, प्रेमलता, विमला, पूजा बंसल, राधा रानी आदि समेत तमाम लोग मौजूद रहे।

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