UKSSSC Paper Leak : सरकारी कर्मियों के बाद नेताओं की गिरफ्तारी की बारी

देहरादून। उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग स्नातक स्तरीय भर्ती परीक्षा (वीपीडीओ) की भर्ती में हुए घपले में सरकारी कर्मचारियों के बाद अब नेताओं की गिरफ्तारी की बारी है। अब जांच में कुछ सफेदपोशों के नाम सामने आए हैं। नेताओं पर हाथ डालने से पहले एसटीएफ मजबूत साक्ष्य जुटा रही है।
उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के पेपर लीक प्रकरण में अब तक गिरफ्तार हुए 13 कर्मचारियों में चार सरकारी कर्मचारी शामिल हैं। एसटीएफ जांच में सामने आया है कि पेपर लीक कर उसे परीक्षाथियों तक पहुंचाने में कई सफेदपोश भी शामिल हैं। सूत्रों के मुताबिक गढ़वाल मंडल के दो जिला पंचायत सदस्यों के खिलाफ पेपर लीक में अहम साक्ष्य मिले हैं। इसमें एक महिला शामिल है।
इस केस का खुलासा होते ही दोनों नेता परेशान हैं। सूत्रों की माने तो कुछ अन्य नेताओं का नाम भी इसमें आया है। उनकी भूमिका की जांच जा रही है। एसएसपी एसटीएफ अजय सिंह ने बताया कि जांच में सभी तथ्यों पर साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। कुछ नेताओं के पेपर लीक में शामिल होने के इनपुट मिले हैं।
उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के पेपर लीक प्रकरण में एसटीएफ ने रामनगर कोर्ट के कनिष्ठ सहायक को गिरफ्तार कर लिया। एसटीएफ अब तक कुमाऊं के तीन न्यायालयों के कर्मचारियों को पकड़ चुकी है। अब कुछ सरकारी कर्मचारी समेत सफेदपोश लोग भी राडार पर हैं।
एसटीएफ ने हिमांशु दत्त कांडपाल (25) पुत्र प्रयाग दत्त निवासी कांडागूट अल्मोड़ा को गिरफ्तार किया। हिमांशु हाल में रामनगर कोर्ट में बतौर कनिष्ठ सहायक तैनात है। एसएसपी एसटीएफ अजय सिंह के मुताबिक, पूछताछ में पता चला कि हिमांशु पूर्व में गिरफ्तार मनोज जोशी का साला है।
मनोज जोशी चयन आयोग में पीआरडी के जरिए नौकरी कर चुका है। इस केस में जयजीत ने पेपर लीक किया था, जिसे मनोज जोशी ने महेंद्र चौहान, दीपक शर्मा और कई लोगों संग मिलकर परीक्षार्थियों को बेचकर रकम जुटाई थी। एसएसपी एसटीएफ अजय सिंह ने बताया कि कुछ और लोग भी राडार पर हैं। इन सबके खिलाफ साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।
भर्ती में चयनित अभ्यर्थी भी जांच के दायरे में आए
भर्ती घपले में कई चयनित अभ्यर्थी भी एसटीएफ के राडार पर आ गए हैं। इन्होंने इस परीक्षा में या तो नकल की या लीक हुए पेपर से परीक्षा पास की। अब एसटीएफ जल्द ही ऐसे अभ्यर्थियों के खिलाफ कार्रवाई करने जा रही है। डीजीपी अशोक कुमार के अनुसार, अब जांच का दायरा बढ़ा दिया गया है।
इस मामले में वो लोग भी आरोपी हैं, जिन्होंने नकल कर परीक्षा पास की या लीक पेपर से परीक्षा में सफलता पाई। इस मामले में कुछ और बड़े लोगों के भी शामिल होने की आशंका है। जल्द ही उनके खिलाफ भी कार्रवाई होगी। डीजीपी बोले-पेपर लीक मामले में किसी भी आरोपी को नहीं बख्शा जाएगा।

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