जानें आखिर क्यों लगा कनाडा में 50 साल बाद एमरजेंसी एक्ट..

ओटावा: कनाडा में ट्रक वालों का विरोध प्रदर्शन उग्र होता जा रहा है. ऐसे में कनाडा में बेहद कम प्रयोग में आने वाला आपातकालीन कानून  लगभग 50 साल बाद लागू कर दिया गया है. इसमें सरकारी आदेश ना मानने पर जेल और $80,000 अमेरिकी डॉलर के फाइन का भी प्रावधान है. विरोध प्रदर्शनकारी कोविड स्वास्थ्य नियमों  को मानने से इंकार कर रहे हैं. इन विरोध प्रदर्शनों की अगुवाई ट्रक  चालक कर रहे हैं.  इस बीच प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रुडो  ने आपातकाल कानून का प्रयोग किया है. कनाडा पुलिस ने इससे पहले 11 लोगों को बहुत से हथियारों के गिरफ्तार किया था. इन लोगों ने अमेरिका से लगते बॉर्डर को ब्लॉक कर रखा था.

कनाडा के इतिहास में केवल दूसरी बार इन आपात शक्तियों का प्रयोग शांतिकाल में किया गया है.  लेकिन इसके बावजूद कनाडा की राजधानी ओटावा की सड़कों पर अभी भी कई ट्रकों के बेड़े रास्ता जाम कर खड़े हैं और उन्होंने दो बॉर्डर क्रासिंग भी रोक रखे हैं.

ट्रुडो ने कहा कि अभी सेना तैनात नहीं की जाएगी. लेकिन ब्लॉकेड हटाने के लिए अधिकारियों को प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार करने की अधिक अनुमति होगी और अब उनके ट्रक भी ज़ब्त किए जा सकेंगे साथ ही प्रदर्शनों के लिए फंडिंग भी रोकी जाएगी.

कनाडा में विरोध प्रदर्शनों के बीच हिंसा के खतरे की तलवार लटक रही है. केंद्रीय पुलिस ने कहा है कि उन्होंने 11 विरोध प्रदर्शनकारियों को बंदूकों, हैंडगन और बॉडी आर्मर और असलों के साथ कोटस, अल्बर्टा और स्वीट ग्रास, मोंटाना से गिरफ्तार किया है. इससे एक दिन पहले ओंटारियो में एक और अहम अमेरिका-कनाडा का बॉर्डर खोला गया था.

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