



बाजपुर। राजकीय कन्या इंटर कालेज बाजपुर की राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वय सेवक छात्राओं को सहजयोग परिवार उत्तराखंड द्वारा सहजयोग ध्यान की जानकारी दी गई। जानकारी देते हुए सहजयोग उत्तराखंड के पूर्व स्टेट कोऑर्डिनेटर धर्मेंद्र बसेड़ा ने बताया कि ध्यान किया नहीं जा सकता हम ध्यान की स्थिति में चले जाते हैं यह एक स्वतः होने वाली प्रक्रिया है,व्यक्ति के विचार या तो भूतकाल में रहते हैं या भविष्य काल में। जब हम अत्यधिक भूतकाल या भविष्य काल के विचारों में चले जाते हैं तो शरीर में तनाव आ जाता है और हमें शारीरिक, मानसिक,और आध्यात्मिक असंतुलन आ जाता है श्री माताजी निर्मला देवी द्वारा बताएं सहजयोग ध्यान करने से हम स्वयं ही निर्विचार अवस्था को प्राप्त कर जाते हैं और वर्तमान की स्थिति में आ जाते हैं ।
सकारात्मक सोच के लिए सहजयोग ध्यान बहुत कारगर है। श्री माताजी निर्मला देवी ने 5 मई 1970 से गुजरात नरगोल से सहजयोग की शुरुआत की थी आज विश्व के 200 से ज्यादा देश सहजयोग ध्यान का लाभ प्राप्त कर रहे हैं यह एक स्वतः होने वाली प्रक्रिया है जिसमें हम शरीर में उपस्थित तीनों नाड़ीयों इडा, पिंगला, सुषुम्ना व सात चक्रों में कुंडलिनी जागरण से संतुलन प्राप्त करते हैं। अंत में छात्र छात्राओं को कुंडलिनी जागरण की अनुभूति कराई गई।इस अवसर पर कार्य क्रम अधिकारी श्रीमती शशिबाला, सुनीता व स्वय सेवक मौजुद थे।