spot_imgspot_img
Homeउत्तराखंडनाबालिग लड़की को शादी का झांसा देकर दुराचार करने वाले आरोपी को...

नाबालिग लड़की को शादी का झांसा देकर दुराचार करने वाले आरोपी को 20 साल का कठोर कारावास, पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज

spot_imgspot_img
Spread the love

रुद्रपुर। नाबालिग लड़की को शादी का झाँसा देकर उसका अपहरण कर कई दिनों तक उसके साथ दुराचार करने वाले किशोर को विशेष पॉस्को न्यायाधीश रीना नेगी ने 20 वर्ष के कठोर कारावास और 7000 रूपये जुर्माने की सज़ा सुना दी। सहायक ज़िला शासकीय अधिवक्ता विकास गुप्ता ने बताया कि एक युवक ने झनकईया थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी कि 02.09.2021 की रात उसकी 17 वर्षीय नाबालिग बहिन घर से लापता हो गई। 05.09.2021 को रूद्रपुर पुलिस ने फोन कर बताया कि उसकी बहन रूद्रपुर कोतवाली में बैठी है परिजनों के पहुँचने पर पुलिस ने बहन को उनकी सुपुर्दगी में दे दिया। अगले दिन लड़की का सरकारी अस्पताल खटीमा में मेडिकल परीक्षण कराया गया और उसके बाद लड़की के मजिस्ट्रेट के समक्ष कोर्ट् में बयान कराये गये, जिसमें लड़की ने बताया कि एक लडका बीते एक महीने से उसको फ़ोन कर प्यार की बातें करता था और उसके साथ शादी करने की बात कहता था। 02.09.2021 की रात को लडके ने उसे फ़ोन कर रेलवे स्टेशन पर बुलाया और उसे बहला फुसलाकर अपने साथ नानकमतता में एक कमरे में ले गया। जहां शादी का झाँसा देकर उसके साथ जबरन शारीरिक संबंध बनाए, फिर उसे रूद्रपुर ले गया। जहां एक किराए के कमरे में रख कर कई दिनों तक उसके साथ जबरन शारीरिक संबंध बनाए। जब उसने शादी करने की ज़िद की तो कहा कि वह उसे अपने साथ बिहार अपने घर ले जायेगा और वहीं पर शादी करेगा, मैंने बिहार जाने से मना कर दिया। अगले दिन सुबह जब वह नहाने के बाद कमरे में आयी, तो लडका ग़ायब हो चुका था। मैंने मकान मालिक को बताया तो वह उसे लेकर रूद्रपुर कोतवाली ले गए, जहां उसने पुलिस को सारी बात बताई। पुलिस ने लड़के के विरूद्ध धारा 363, 366, 376 आईपीसी एवं 5/6 पॉस्को एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है। आरोपी किशोर अपचारी के विरूद्ध किशोर न्यायालय, एफटीसी, विशेष न्यायाधीश पॉस्को रीना नेगी की कोर्ट् में मुक़दमा चला, जिसमें एडीजीसी विकास गुप्ता ने 6 गवाह पेश कर आरोप सिद्ध कर दिया। जिसके बाद न्यायाधीश ने किशोर अपचारी को दोषी करार देते हुए धारा 6 पॉस्को एक्ट के तहत 20 वर्ष के कठोर कारावास और 5000 रूपये जुर्माने, धारा 363 व 366 आईपीसी के तहत तीन-तीन वर्ष के कठोर कारावास और 1000-1000 रूपये जुर्माने की सज़ा सुनाते हुए कहा कि जुर्माने की राशि का 90 प्रतिशत पीड़िता को मिलेगा। न्यायाधीश ने कहा कि पीड़िता को धारा 357 दण्ड प्रक्रिया संहिता के तहत एक लाख रुपये प्रतिकर दिलाये जाने हेतु डीएलएसए ऊधमसिंहनगर को लिखा जाये।


Spread the love
Stay Connected
16,985FansLike
2,458FollowersFollow
61,453SubscribersSubscribe
Must Read
Related News
error: Content is protected !!