यूक्रेन में फंसे भारतीयों के लिए जारी किया गई नई एडवाइजरी , कहा: हर हाल में आज ही कीव छोड़े

नई दिल्ली:  भारत ने आज अपने सभी नागरिकों से यूक्रेन की राजधानी कीव को तत्काल छोड़ने का आग्रह किया है. यूक्रेन में भारतीय दूतावास की ताजा एडवाइजरी में कहा गया है, छात्रों सहित सभी भारतीय नागरिकों को आज तत्काल कीव छोड़ने की सलाह दी जाती है. जिसमें कहा गया है कि सभी भारतीय आज ही यूक्रेन की राजधानी कीव को हर हाल में छोड़ दें. वे कीव से निकलने के लिए ट्रेन, बस या किसी भी चीज का सहारा लें.

दूतावास ने कल ही छात्रों को कीव में रेलवे स्टेशन जाने के लिए कहा था. रेलवे स्टेशन सलाहकार ने कहा कि लोगों को पश्चिमी क्षेत्र में ले जाने के लिए यूक्रेन द्वारा विशेष निकासी ट्रेनों की व्यवस्था की गई है. “हम ईमानदारी से सभी भारतीय नागरिकों/छात्रों से शांत, शांतिपूर्ण और एकजुट रहने का अनुरोध करते हैं. रेलवे स्टेशनों पर एक बड़ी भीड़ की उम्मीद की जा सकती है, इसलिए, यह सलाह दी जाती है कि सभी भारतीय छात्र धैर्यवान रहें और विशेष रूप से आक्रामक व्यवहार का प्रदर्शन न करें. ”

इसके साथ ही सभी छात्रों को अपना पासपोर्ट , पर्याप्त नकदी, अच्छे और उचित कपड़े ले जाने के लिए कहा गया था. एडवाइजरी में छात्रों से ट्रेन के देरी या रद्द होने और लंबी कतारों की उम्मीद करने को कहा गया है. ऑपरेशन गंगा के तहत भारत वापस लाए जाने से पहले भारतीय छात्रों को हंगरी , पोलैंड, रोमानिया, स्लोवाक गणराज्य – यूक्रेन के साथ सीमा साझा करने वाले सभी देशों में ले जाया जा रहा है.

भारत सरकार ने ऑपरेशन गंगा के तहत यूक्रेन से भारतीयों को निकालने में सहायता के लिए एक समर्पित ट्विटर हैंडल भी बनाया है. ट्विटर अकाउंट हंगरी, पोलैंड, रोमानिया, स्लोवाक गणराज्य में हेल्पलाइन नंबर सूचीबद्ध करता है – सभी देश जो यूक्रेन के साथ सीमा साझा करते हैं. पूर्व सोवियत गणराज्य की नाटो से निकटता पर महीनों के तनाव के बाद रूस ने गुरुवार सुबह यूक्रेन के खिलाफ सैन्य अभियान शुरू किया, जिस वजह से वहां के हालात भयावह होते जा रहे हैं.

आपको बता दें कि रूस और यूक्रेन के बीच छिड़ी जंग के बीच अभी भी वहां तकरीबन 15 हजार से ज्यादा भारतीय छात्र यूक्रेन में फंसे हुए हैं. जिन्हें स्वदेश लाने के लिए ऑपेरशन गंगा जारी है. इसके तहत अब तक हजार से ज्यादा छात्र-छात्राओं समेत भारतीय नागरिकों को भारत लाया जा चुका है. वहीं बाकी बचे लोगों को लाने के लिए भी कवायद और तेज हो गई है.

Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement