



त्रिशूल चौक की भव्यता देखकर अभिभूत हुए स्वामी यतीन्द्रानंद गिरि
– महापौर विकास शर्मा की सराहना, बोले रूद्रपुर बन रहा उत्तराखण्ड का गौरव
रूद्रपुर । पूज्य महामंडलेश्वर यतींद्रानंद गिरि जी महाराज ने शुक्रवार को रूद्रपुर पहुंचकर शहर के चर्चित त्रिशूल चौक का अवलोकन किया और वहां स्थापित भव्य त्रिशूल की भव्यता की मुक्तकंठ से सराहना की। उन्होंने त्रिशूल स्थापना को सनातन संस्कृति और धार्मिक आस्था से जुड़ा ऐतिहासिक कार्य बताते हुए महापौर विकास शर्मा की जमकर प्रशंसा की।
महामंडलेश्वर स्वामी यतीन्द्रानंद गिरि हरिद्वार से बरेली जाते समय कुछ समय के लिए रूद्रपुर के त्रिशूल चौक पर रुके। उनके आगमन पर महापौर विकास शर्मा के नेतृत्व में भाजपा कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों ने फूल मालाओं से उनका भव्य स्वागत किया तथा आशीर्वाद प्राप्त किया। इस दौरान स्वामी जी ने चौक पर स्थापित विशाल त्रिशूल का अवलोकन कर उसकी कलात्मकता और आध्यात्मिक महत्व की सराहना की।
स्वामी यतीन्द्रानंद गिरि ने कहा कि जब से विकास शर्मा रूद्रपुर के महापौर बने हैं तब से शहर का स्वरूप लगातार बदल रहा है। उन्होंने कहा कि रूद्रपुर का नाम स्वयं भगवान रूद्र यानी भगवान शिव से जुड़ा हुआ है और ऐसे में भगवान शिव के त्रिशूल की स्थापना इस नगर की धार्मिक पहचान को और अधिक सशक्त बनाती है। उन्होंने कहा कि इस भव्य त्रिशूल ने केवल रूद्रपुर ही नहीं बल्कि पूरे कुमाऊं क्षेत्र के प्रवेश द्वार की शोभा बढ़ाने का कार्य किया है।
उन्होंने कहा कि कुमाऊं देवभूमि का महत्वपूर्ण क्षेत्र है और यहां आने वाले श्रद्धालुओं तथा पर्यटकों का मुख्य मार्ग रूद्रपुर से होकर गुजरता है। ऐसे में त्रिशूल चौक आने वाले लोगों के लिए आकर्षण का प्रमुख केंद्र बन गया है। स्वामी जी ने कहा कि उत्तराखण्ड सरकार को मानस खंड यात्रा का प्रवेश द्वार रूद्रपुर को घोषित करने पर भी विचार करना चाहिए, जिससे धार्मिक पर्यटन को नई दिशा मिलेगी।
महामंडलेश्वर ने कहा कि जिस प्रकार रूद्रपुर में अतिक्रमण हटाने, सौंदर्यीकरण और विकास कार्यों को गति दी जा रही है वह सराहनीय है। उन्होंने कहा कि यह शहर भविष्य में उत्तराखण्ड का गौरव बनकर उभरे, यही उनकी शुभकामना है। उन्होंने प्रदेश सरकार की भी प्रशंसा करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सनातन संस्कृति और धार्मिक विरासत के संरक्षण के लिए लगातार कार्य कर रहे हैं तथा हर अच्छे कार्य में उनका सहयोग मिल रहा है।
इस दौरान स्वामी यतीन्द्रानंद गिरि ने कहा कि भारत सरकार को वैश्विक कूटनीति के माध्यम से कैलाश पर्वत को पुनः भारत में लाने के प्रयास करने चाहिए, क्योंकि कैलाश सनातन संस्कृति और आस्था का प्रमुख केंद्र है।
महापौर विकास शर्मा ने कहा कि पूज्य स्वामी यतीन्द्रानंद गिरि का रूद्रपुर आगमन शहर के लिए गौरव की बात है। उन्होंने कहा कि स्वामी जी के आशीर्वाद से उन्हें और अधिक ऊर्जा एवं प्रेरणा मिली है। महापौर ने कहा कि त्रिशूल चौक लगातार प्रसिद्धि प्राप्त कर रहा है और यह लोगों के आकर्षण का केंद्र बन चुका है। कुमाऊं की ओर जाने वाले पर्यटक यहां रुककर त्रिशूल चौक की भव्यता का आनंद ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह उनका सौभाग्य है कि उन्हें शहर में इस प्रकार का धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व का कार्य कराने का अवसर मिला। आने वाले समय में भी शहर के सौंदर्यीकरण और धार्मिक पहचान को मजबूत करने के लिए लगातार कार्य किए जाएंगे।
इस अवसर पर भाजपा मंडल अध्यक्ष सुनील ठुकराल, पार्षद चिराग कालरा, पार्षद गिरीश पाल, पार्षद पवन राणा, पार्षद शुभम दास पार्षद प्रतिनिधि मानवेंद्र राय, भाजपा जिला मीडिया प्रभारी विजय तोमर, आशीष यादव आकाश यादव, किशन सुखीजा, भाजयुमो जिला अध्यक्ष बिट्टू चौहान, भाजयुमो नगर अध्यक्ष अशोक नेगी, शिवम गुप्ता, छात्र नेता चंदन भट्ट, छात्र संघ उपाध्यक्ष चेतन भट्ट, अशोक विश्वास, ओबीसी आयोग सदस्य कमलेश, नरेश उप्रेती, मोर सिंह यादव, हरेंद्र शर्मा, शिवांश अग्रवाल सहित बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता और स्थानीय लोग मौजूद रहे ।।

