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टिहरी में भारी बारिश से भूस्खलन, मुयाल गांव में तीन परिवारों को सुरक्षित किया शिफ्ट, 25 परिवारों पर मंडरा रहा खतरा

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टिहरी में भारी बारिश से भूस्खलन, मुयाल गांव में तीन परिवारों को सुरक्षित किया शिफ्ट, 25 परिवारों पर मंडरा रहा खतरा

टिहरी गढ़वाल। उत्तराखंड में लगातार हो रही भारी बारिश अब पहाड़ी क्षेत्रों में तबाही का कारण बन रही है। टिहरी जिले के भिलंगना ब्लॉक स्थित मुयाल गांव के जंदोली तोक में देर रात हुई मूसलाधार बारिश के बाद भारी भूस्खलन हो गया। भूस्खलन से कई मकानों, प्राथमिक विद्यालय और पेयजल लाइनों को नुकसान पहुंचा है। प्रशासन ने एहतियात के तौर पर तीन प्रभावित परिवारों को पंचायत भवन में शिफ्ट कर दिया है।

रविवार तड़के लगातार बारिश के बीच सविता देवी के घर के सामने का आंगन अचानक धंस गया। देखते ही देखते भारी मात्रा में मलबा नीचे स्थित मकानों तक पहुंच गया। घटना से पूरे गांव में अफरा-तफरी मच गई और ग्रामीण जान बचाने के लिए अपने घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों की ओर भागने लगे।

सूचना मिलते ही आपदा प्रबंधन और तहसील प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने प्रभावित परिवारों को घरों में न रहने की सलाह देते हुए पंचायत भवन के अतिरिक्त कक्षों में अस्थायी रूप से ठहराया। प्रशासन ने क्षेत्र का निरीक्षण कर नुकसान का आकलन भी शुरू कर दिया है।

मकान, स्कूल और पेयजल लाइनें क्षतिग्रस्त

ग्राम प्रधान जितेंद्र थपलियाल ने बताया कि भूस्खलन में बलवीर लाल, मुकंद लाल और संजय लाल के मकानों को नुकसान पहुंचा है। इसके अलावा गांव का प्राथमिक विद्यालय तथा दो पेयजल लाइनें भी क्षतिग्रस्त हो गई हैं। उन्होंने कहा कि जंदोली क्षेत्र लंबे समय से भूस्खलन की दृष्टि से बेहद संवेदनशील है और कई बार प्रशासन को स्थायी समाधान के लिए अवगत कराया जा चुका है, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।

उन्होंने बताया कि वर्तमान में तीन परिवार सीधे प्रभावित हुए हैं, जबकि गांव के करीब 25 परिवार अब भी भूस्खलन के खतरे की जद में हैं। ग्राम प्रधान ने प्रशासन से प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत, उचित मुआवजा और क्षेत्र के स्थायी विस्थापन एवं सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने की मांग की है।

पीड़ितों ने सुरक्षित आवास की लगाई गुहार

पीड़ित सविता देवी ने बताया कि रात करीब तीन बजे से तेज बारिश हो रही थी। अचानक हुए भूस्खलन से उनका घर खतरे में आ गया। उन्होंने कहा कि छोटे-छोटे बच्चों के साथ अब वहां रहना सुरक्षित नहीं है और सरकार उन्हें सुरक्षित आवास उपलब्ध कराए।

एक अन्य पीड़िता पूनम ने बताया कि बारिश से उनके घर के पीछे का हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है। उन्होंने प्रशासन से परिवार को सुरक्षित स्थान पर विस्थापित करने की मांग की।

वर्षों से उठ रही विस्थापन की मांग

पूर्व प्रधान सोहन दास ने कहा कि जंदोली क्षेत्र में आपदा जैसे हालात बन गए हैं। यहां कई परिवार और प्राथमिक विद्यालय वर्षों से भूस्खलन की जद में हैं तथा लंबे समय से विस्थापन की मांग की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस संबंध में जनप्रतिनिधियों को भी कई बार प्रस्ताव दिए गए, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई।

प्रशासन ने शुरू किया नुकसान का आकलन

राजस्व निरीक्षक विजय कुमार पटवाल ने बताया कि देर रात हुई भारी बारिश के कारण जंदोली तोक में भूस्खलन हुआ है। प्रभावित अनुसूचित जाति के परिवारों को एहतियात के तौर पर पंचायत भवन में शिफ्ट कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि दैवीय आपदा के प्रावधानों के तहत प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है तथा नुकसान का आकलन कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।


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