राज्य स्तरीय तलवारबाज़ी प्रतियोगिता में डीपीएस रुद्रपुर का जलवा, पदक जीतकर बढ़ाया उत्तराखंड का गौरव
रुद्रपुर। दिल्ली पब्लिक स्कूल (डीपीएस), रुद्रपुर के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों ने से सितंबर तक देहरादून, उत्तराखंड में आयोजित सी.एम. ट्रॉफी–खेल महाकुंभ राज्य स्तरीय तलवारबाज़ी (फेंसिंग) चैंपियनशिप- में शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण, रजत एवं कांस्य सहित कुल पदक जीतकर विद्यालय, जनपद ऊधम सिंह नगर एवं उत्तराखंड का गौरव बढ़ाया।
राज्यभर से आए प्रतिभागियों के बीच डीपीएस रुद्रपुर के खिलाड़ियों ने अनुशासन, तकनीकी दक्षता और उत्कृष्ट खेल भावना का परिचय देते हुए शानदार प्रदर्शन किया। यह उपलब्धि विद्यालय में खेलों के प्रति समर्पण और उत्कृष्ट प्रशिक्षण का प्रमाण है।
स्वर्ण पदक विजेता खिलाड़ियों में सार्थक जैन (अंडर- फॉइल बालक), वैष्णवी जिमीवाल (अंडर- फॉइल बालिका), मन्नत कौर (अंडर- फॉइल बालिका), गुंजन राजपुरोहित (अंडर- सेबर बालिका) एवं वेदांश राठौर (अंडर-सेबर बालक) शामिल रहे।
रजत पदक विजेता शिविति कुमार ने अंडर-19 फॉइल बालिका वर्ग में शानदार प्रदर्शन करते हुए रजत पदक अपने नाम किया।
कांस्य पदक विजेताओं में वंशिका चिलाना (अंडर-
एपी बालिका), सार्थक गौर (अंडर- एपी बालक), तनरूप कौर (अंडर-14 सेबर बालिका), युविका शाह (अंडर- एपी बालिका) तथा प्रिशा शुक्ला (अंडर- फॉइल बालिका) शामिल रहीं।
इस गौरवपूर्ण उपलब्धि पर विद्यालय के माननीय चेयरमैन सुरजीत सिंह ग्रोवर वाइस चेयरमैन हनुमान सिंह ग्रोवर एवं प्रधानाचार्य श्तन सिंह चौहान जी ने सभी विजेता खिलाड़ियों, उनके प्रशिक्षकों एवं अभिभावकों को हार्दिक बधाई दी। उन्होंने कहा कि डीपीएस रुद्रपुर विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध है तथा शिक्षा के साथ-साथ खेलों में उत्कृष्टता को समान महत्व देता है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि विद्यालय के खिलाड़ी भविष्य में राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन कर विद्यालय, उत्तराखंड एवं देश का नाम रोशन करेंगे।
विद्यालय प्रबंधन ने इस शानदार सफलता का श्रेय खिलाड़ियों की अथक मेहनत, प्रशिक्षकों के समर्पित मार्गदर्शन एवं अभिभावकों के निरंतर सहयोग को दिया। विद्यालय परिवार ने सभी विजेता खिलाड़ियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उन्हें आगामी राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए शुभकामनाएँ दीं।
“हर पदक केवल जीत का प्रतीक नहीं होता, बल्कि वह अनुशासन, समर्पण, अथक परिश्रम और उत्कृष्टता की निरंतर साधना की कहानी कहता है।”





