छत्तीसगढ़ में मानव तस्करी का खुलासा
वसुंधरा दीप न्यूज डेस्क
छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में पुलिस ने मानव तस्करी और बंधुआ मजदूरी से जुड़े एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। गरीब और जरूरतमंद परिवारों को कुछ हजार रुपये एडवांस देकर कर्ज के जाल में फंसाया जाता था और बाद में उन्हें दूसरे राज्यों के ईंट भट्ठों पर मजदूरी के लिए भेज दिया जाता था। मामले का खुलासा 15 साल की नाबालिग के गर्भवती होने के बाद हुआ।
पुलिस के मुताबिक, मजदूर परिवारों को महासमुंद से उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, जम्मू-कश्मीर और गुजरात जैसे राज्यों में भेजा जाता था। नाबालिग को भी परिवार के साथ उत्तर प्रदेश के एक ईंट भट्ठे पर भेजा गया था, जहां उसके शोषण का आरोप सामने आया। इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच तेज की।
जांच के दौरान ओडिशा तक फैले नेटवर्क का पता चला और पुलिस ने 10 ठिकानों पर छापेमारी की। कार्रवाई में 1 करोड़ 48 लाख 54 हजार 750 रुपये नकद, नोट गिनने की मशीन, मजदूरों से जुड़े रिकॉर्ड, बैंक पासबुक, चेकबुक, एटीएम कार्ड और अन्य दस्तावेज बरामद हुए। पुलिस ने मामले में पांच मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है।





