लता मंगेशकर की आवाज भारतीय संगीत की दुनिया में आज भी खास पहचान रखती है। 60 के दशक में करियर के शिखर पर रहते हुए उन्हें गले की समस्या के चलते कुछ समय के लिए गायिकी से दूरी बनानी पड़ी थी। मशहूर शास्त्रीय गायक उस्ताद आमिर खान की सलाह पर उन्होंने कुछ समय तक रिकॉर्डिंग से ब्रेक लिया।
इसके बाद लता मंगेशकर ने फिल्म ‘बीस साल बाद’ के लिए ‘कहीं दीप जले कहीं दिल’ गाना रिकॉर्ड किया। हेमंत कुमार के संगीत में तैयार यह गीत रिलीज के बाद बेहद लोकप्रिय हुआ और लता की आवाज ने इसे यादगार बना दिया। यह गीत आज भी हिंदी सिनेमा के चर्चित और सदाबहार गीतों में गिना जाता है।
लता मंगेशकर की वापसी के इस गीत ने उनकी गायिकी की लोकप्रियता को एक बार फिर नई ऊंचाई दी। करीब छह दशक बाद भी ‘कहीं दीप जले कहीं दिल’ संगीत प्रेमियों के बीच अपनी खास जगह बनाए हुए है।





