पाकिस्तान: सऊदी में 8,000 सैनिकों की तैनाती के बीच हूतियों पर हमले से इनकार
यमन संघर्ष में पाकिस्तान की भूमिका को लेकर सवाल उठ रहे हैं। पाकिस्तान सरकार ने अमेरिकी अखबार ‘द न्यूयॉर्क टाइम्स’ की उस रिपोर्ट को खारिज किया है, जिसमें दावा किया गया था कि पाकिस्तानी सेना ने यमन में हूती विद्रोहियों के खिलाफ सीधे सैन्य कार्रवाई की है। यह मामला ऐसे समय सामने आया है, जब लाल सागर और सऊदी अरब के ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर हूतियों के ड्रोन और मिसाइल हमलों को लेकर क्षेत्रीय तनाव बना हुआ है।
यमन में संघर्ष की जड़ें लंबे समय से चले आ रहे सत्ता विवाद और सऊदी अरब तथा ईरान के बीच क्षेत्रीय प्रतिद्वंद्विता से जुड़ी हैं। हूती आंदोलन ने 2014 में राजधानी सना पर कब्जा कर लिया था। इसके बाद यमन में संघर्ष तेज हुआ और देश गंभीर मानवीय संकट की चपेट में आ गया। वर्ष 2026 में भी हूतियों की गतिविधियों और समुद्री मार्गों की सुरक्षा को लेकर चिंताएं बनी हुई हैं।
पाकिस्तान की ओर से सीधे सैन्य कार्रवाई की रिपोर्ट का खंडन किए जाने के बाद उसकी भूमिका को लेकर चर्चा तेज हुई है। सऊदी अरब के साथ पाकिस्तान के सुरक्षा संबंधों और यमन में हूतियों के खिलाफ कार्रवाई के सवाल को अलग-अलग समझना जरूरी है। उपलब्ध जानकारी के आधार पर पाकिस्तान की कथित प्रत्यक्ष सैन्य कार्रवाई की पुष्टि नहीं हुई है।





