राजस्थान: फर्जी मेडिकल प्रमाणपत्र घोटाले में चार और डॉक्टर गिरफ्तार, 33 आरोपी पकड़े गए
राजस्थान में फर्जी विदेशी मेडिकल स्नातक (एफएमजी) स्क्रीनिंग प्रमाणपत्र के जरिए इंटर्नशिप और मेडिकल काउंसिल में पंजीकरण हासिल करने के कथित घोटाले में स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) ने चार और डॉक्टरों को गिरफ्तार किया है। इसके साथ ही मामले में गिरफ्तार आरोपियों की संख्या बढ़कर 33 हो गई है। पुलिस के अनुसार, आरोपी विदेश से एमबीबीएस की डिग्री लेने के बाद अनिवार्य स्क्रीनिंग परीक्षा पास नहीं कर सके थे।
गिरफ्तार डॉक्टरों की पहचान भरत भूषण, शिवम चौधरी, सौरव शर्मा और हिमांशु शर्मा के रूप में हुई है। जांच के मुताबिक, इन सभी ने किर्गिस्तान, रूस और कजाकिस्तान के विश्वविद्यालयों से एमबीबीएस किया था। आरोप है कि फर्जी प्रमाणपत्र हासिल करने के लिए उन्होंने 27 से 30 लाख रुपये तक का भुगतान किया। इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर आरोपियों ने दौसा, धौलपुर, जयपुर और अलवर के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में इंटर्नशिप प्राप्त की।
पुलिस के मुताबिक, अब तक गिरफ्तार किए गए 33 आरोपियों में 28 विदेशी मेडिकल स्नातक, राजस्थान मेडिकल काउंसिल का एक पूर्व रजिस्ट्रार, दो कर्मचारी और कथित बिचौलिये शामिल हैं। जांचकर्ताओं ने इस गिरोह से लाभ लेने वाले 100 से अधिक संदिग्धों की पहचान की है। आरोप है कि गिरोह 20 से 30 लाख रुपये लेकर फर्जी प्रमाणपत्र उपलब्ध कराता था। एसओजी मामले में अन्य संदिग्धों की भूमिका की जांच कर रही है।





