केडीएफ नवरात्रि महोत्सव में पहुंचे रुद्रपुर के मेयर विकास शर्मा, बोले— विकास के साथ संस्कृति और विरासत का संरक्षण भी जरूरी
उभरती प्रतिभाओं को मंच देने और सांस्कृतिक परंपराओं को आगे बढ़ाने के लिए आयोजक मंडल की सराहना, काशीपुर और रुद्रपुर को बताया औद्योगिक विकास के प्रमुख केंद्र
काशीपुर। ऐतिहासिक तीर्थस्थल द्रोणा सागर स्थित ओपन थिएटर में कुमाऊं डेवलपमेंट फोरम (केडीएफ) की ओर से आयोजित नवरात्रि महोत्सव 2026 में रुद्रपुर के मेयर विकास शर्मा ने शिरकत की। इस दौरान उन्होंने महोत्सव के आयोजन की सराहना करते हुए आयोजक मंडल को बधाई दी और कहा कि विकास की दौड़ में आगे बढ़ने के साथ-साथ अपनी संस्कृति, परंपराओं और ऐतिहासिक विरासत को संजोकर रखना भी बेहद जरूरी है। ऐसे आयोजन समाज को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने के साथ ही नई पीढ़ी को अपनी परंपराओं से परिचित कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।महोत्सव के दौरान मीडिया से बातचीत करते हुए मेयर विकास शर्मा ने आयोजक राजीव घई और उनकी पूरी टीम के प्रयासों की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि केडीएफ नवरात्रि महोत्सव केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं है, बल्कि यह क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करने और स्थानीय प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने का एक महत्वपूर्ण मंच भी है। इस तरह के आयोजन समाज में सकारात्मक वातावरण तैयार करते हैं और लोगों को आपसी सहयोग, एकता तथा सांस्कृतिक मूल्यों के साथ जोड़ने का काम करते हैं। मेयर विकास शर्मा ने कहा कि आयोजक मंडल लगातार क्षेत्र की उभरती प्रतिभाओं को सामने लाने और उन्हें अपनी कला का प्रदर्शन करने का अवसर प्रदान करने का सराहनीय कार्य कर रहा है। स्थानीय कलाकारों, युवाओं और प्रतिभाशाली लोगों को मंच मिलने से उनका आत्मविश्वास बढ़ता है और उन्हें अपनी प्रतिभा को व्यापक स्तर पर पहचान दिलाने का अवसर मिलता है। उन्होंने कहा कि किसी भी क्षेत्र की वास्तविक पहचान वहां की प्रतिभाओं, सांस्कृतिक परंपराओं और सामाजिक एकजुटता से बनती है। उन्होंने इस बात पर भी प्रसन्नता व्यक्त की कि काशीपुर के उद्योगपति सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों में आगे आकर सहयोग कर रहे हैं। उनके अनुसार, जब औद्योगिक जगत के लोग सामाजिक सरोकारों से जुड़ते हैं, तो ऐसे आयोजनों को मजबूती मिलती है। इससे शहर की सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के साथ-साथ समाज में सहभागिता और सहयोग की भावना भी विकसित होती है मेयर विकास शर्मा ने कहा कि आज के दौर में विकास प्रत्येक शहर और क्षेत्र की आवश्यकता है। उद्योगों का विस्तार, रोजगार के अवसरों में वृद्धि, बेहतर सुविधाओं का विकास और आधुनिक व्यवस्थाएं किसी भी क्षेत्र की प्रगति के महत्वपूर्ण आधार हैं। हालांकि, विकास करते समय अपनी सांस्कृतिक पहचान, ऐतिहासिक धरोहरों और परंपराओं को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि ऐतिहासिक स्थलों और सांस्कृतिक आयोजनों का संरक्षण आने वाली पीढ़ियों के लिए महत्वपूर्ण है। द्रोणा सागर जैसे ऐतिहासिक तीर्थस्थल पर नवरात्रि महोत्सव का आयोजन धार्मिक आस्था के साथ-साथ क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत को भी नई पहचान देता है। ऐसे आयोजनों से स्थानीय लोगों को अपनी परंपराओं से जुड़ने का अवसर मिलता है और शहर की विशिष्ट पहचान को आगे बढ़ाने में मदद मिलती है। मेयर विकास शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड में विकास और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण को लेकर निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश की प्रगति के लिए आधुनिक विकास योजनाओं के साथ-साथ राज्य की सांस्कृतिक पहचान को सुरक्षित रखना भी आवश्यक है। विकास और विरासत के बीच संतुलन बनाकर ही प्रदेश को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया जा सकता है। काशीपुर और रुद्रपुर की औद्योगिक पहचान का उल्लेख करते हुए मेयर ने कहा कि दोनों शहर उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार से क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर पैदा हो रहे हैं और स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियों को गति मिल रही है। उद्योगों के विकास का लाभ युवाओं, व्यापारियों और विभिन्न क्षेत्रों में काम करने वाले लोगों तक पहुंचता है, जिससे क्षेत्र के सर्वांगीण विकास को बल मिलता है। उन्होंने कहा कि काशीपुर और रुद्रपुर दोनों ही तेजी से प्रगति के पथ पर आगे बढ़ रहे हैं। औद्योगिक विकास के साथ सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों को प्रोत्साहन देना भी आवश्यक है, ताकि शहरों की पहचान केवल उद्योगों तक सीमित न रहे, बल्कि वे अपनी सांस्कृतिक समृद्धि और सामाजिक सहभागिता के लिए भी पहचाने जाएं। अंत में मेयर विकास शर्मा ने केडीएफ नवरात्रि महोत्सव के आयोजकों, इसमें सहयोग देने वाले सभी लोगों और उपस्थित श्रद्धालुओं को नवरात्रि की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने आयोजन समिति के प्रयासों की सराहना करते हुए उम्मीद जताई कि भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रम निरंतर आयोजित होते रहेंगे और क्षेत्र की प्रतिभाओं, संस्कृति तथा ऐतिहासिक विरासत को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।





