राशनकार्ड बनाने के नाम पर तथाकथित इंजीनियर ने की 38 लाख की ठगी, देशभर में ऐसे चलाते थे गिरोह

रुद्रपुर। राशन कार्ड बनाने की एवज में ठगी करने वाले गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। जिसमें गिरोह बनाकर 38 लाख रुपये की ठगी करने वाला तथाकथित इंजीनियर पुलिस के हाथ लगा है, जो देश मे संचालित होने वाले ठगी गिरोह का सदस्य है।
बता दें वादी अक्षय बाबा मैसर्स जीविका इंटरप्राइजेज द्वारा तहरीर सौंपी गई थी, जिसमें बताया था की अभियुक्त ज्ञान प्रकाश निवासी लखनऊ उत्तरप्रदेश व उसके साथियों द्वारा वादी के साथ जालसाजी कर टेक महिन्द्रा कंपनी के साथ कूटरचित कारनामा दिखाकर वादी से ई राशन कार्ड बनाने का ठेका देने के नाम पर सिक्योरिटी मनी के रुप में 38 लाख रुपये की धोखाधड़ी की गई है। जिसमें पुलिस ने गंभीरता को देखते हुए मुकदमा पंजीकृत कर दिया। जिसके बाद पुलिस ने संयुक्त रुप से कार्यवाही कर ज्ञान प्रकाश के मोबाइल को सर्विलांस आदि पर लगाकर लखनऊ से गिरफ्तार किया। पूछताछ में अभियुक्त ज्ञाप प्रकाश ने अर्जित किये 38 लाख रुपये अपने सहयोगी इमरान के खाते में ट्रांसफर करना बताया।
पूरे मामले में प्रेस वार्ता करते हुए एसएसपी डॉ. मंजूनाथ टीसी ने बताया कि यह लोग गिरोह बनाकर कार्य करते हैं, जिसमें खुद को भारत सरकार से समबद्ध व टेक महिंद्रा से समबद्ध बताकर युवा शक्ति के नाम से फर्म के जरिए फर्जी राशन कार्ड आदि बनाने का ठेका लेते हैं, जिसके बाद जिलावार लोगों से संपर्क कर उन्हें ठेका देने के नाम पर जालसाजी कर ठगी आदि को अंजाम देते हैं। वहीं अभियुक्त का कहना है कि वह एक इंस्टीट्यूट से इंजीनियरिंग का छात्र भी है। यह गिरोह देशभर में कार्य करता है, जिसके द्वारा पूर्व में हल्द्वानी में भी ठगी की गई है, जिसकी सूचना हल्द्वानी पुलिस को दी जा रही है। कार्यवाही करने वाली पुलिस टीम को एसएसपी ने पांच हजार रुपये ईनाम देने की घोषणा की है। पुलिस टीम में थानाध्यक्ष सुन्दरम शर्मा, एसआई ललित चौधरी, कांस्टेबल अनिल भारती, कांस्टेबल ललित काण्डपाल आदि शामिल रहे।

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