उत्तराखंड में बड़े पैमाने पर व्याप्त भ्रष्टाचार व घोटालों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने लखनपुर चौक पर भाजपा-कांग्रेस मुर्दाबाद के नारे लगाकर भ्रष्टाचार का पुतला दहन किया

रामनगर। उत्तराखंड में बड़े पैमाने पर व्याप्त भ्रष्टाचार व घोटालों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने लखनपुर चौक पर भाजपा-कांग्रेस मुर्दाबाद के नारे लगाकर भ्रष्टाचार का पुतला दहन किया। इस दौरान आम आदमी पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष एसपीएस रावत ने कहा है कि उत्तराखंड राज्य भ्रष्टाचार की चपेट में है जहां लाखों युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ किया जा रहा है। भाजपा और कांग्रेस बड़े-बड़े झुठे वादे करके युवाओं के माध्यम से सत्ता हासिल करते हुए आई है।आज भी दोनों सत्ताधारी पार्टियों ने युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया है। एक के बाद एक घोटाला होता जा रहा है।
पहले इन दोनों राजनीतिक दलों ने उत्तराखंड को पलायन करने पर मजबूर किया। अब इस तरह की घोटालाबाजी कर युवाओं का भविष्य दांव पर लगा दिया है। अगर सरकारी नौकरी दी है तो सिर्फ अपने रिश्तेदारों और चाहने वालों को। गरीब का बच्चा आज भी रोजगार के लिए दर-दर की ठोकरे खा रहा है, जो कि उत्तराखंड के लिए बेहद शर्मनाक बात है। मुख्यमंत्री दबी जुबान में कहते हैं कि सीबीआई जांच करवाएंगे लेकिन आज डेढ़ महीने से ज्यादा हो गया, चार दर्जन से ज्यादा अपराधी गिरफ्तार हो चुके हैं लेकिन सीबीआई की जांच नहीं हो रही है। वहीं केंद्र सरकार राज्य की सरकारों का हनन कर सरकारें तोड़ने के लिए विधायकों को खरीदने का काम कर रही है। अगर कोई भाजपा की बात नहीं मानता है तो झूठे मुकदमे सीबीआई और ईडी के छापे डलवाए जाते हैं, जो कि लोकतंत्र के लिए खतरा है। आम आदमी पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष एसपीएस रावत ने कहा कि आम आदमी पार्टी उत्तराखंड में हुए भ्रष्टाचार व घोटालों की सीबीआई जांच की मांग के साथ साथ हाईकोर्ट के सिटिंग जज से जांच कराने की मांग कर रही है। श्री रावत ने कहा कि आम आदमी पार्टी उत्तराखंड में हुए घोटालों पर बारीकी से नजर बनाए हुए है। भाजपा व कांग्रेस जिस प्रकार बारी-बारी से उत्तराखंड को लूटने का काम कर रही है। अब इस काम को अरविंद केजरीवाल जी के कार्यकर्ता रोकने का काम करेंगे। पुतला दहन करने वालों में नवीन नथानी,भास्कर जोशी, दान सिंह बिष्ट, मंजू रावत, नीरू रावत, नरेंद्र सुंद्रियाल, जुल्फिकार अली राजवीर सिब्बल, कलीम सैफी सहित कई कार्यकर्ता मौजूद थे।

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