



समाजसेवी बाबूराम के सुपुत्र आनन्द कुमार एडवोकेट ने शिव भक्तों के लिए विशाल भंडारे का आयोजन किया
काशीपुर। महाशिवरात्रि पर्व रविवार को मनाया जाएगा। उत्साहित शिवभक्त हरिद्वार से कांवड़ में गंगा जल लाकर शिवालयों में भगवान शिव का जलाभिषेक करेंगे, इसे लेकर तैयारियां जोरों पर हैं। बम-बम भोले के जयकारों के साथ कांवड़िये हरिद्वार से तेजी संग वापस लौट रहे हैं। इसके मद्देनजर पुलिस ने यात्रा मार्ग पर सुरक्षा और बढ़ा दी है। शिवभक्त नाचते-गाते मंजिल की ओर बढ़ रहे हैं। हर तरफ बम-बम भोले का जयघोष गूंज रहा है। कांवरियों के लिए शिवभक्तों ने जगह-जगह भंडारे, विश्राम व मेडिकल सुविधा के लिए पंडाल लगाए हैं। इन पंडालों में श्रद्धालु जन कांवरियों की आवभगत कर रहे हैं। इसी क्रम में पूर्व वर्षों की भांति इस वर्ष भी जसपुर खुर्द में दिवंगत समाजसेवी बाबूराम जी के सुपुत्र आनन्द कुमार एडवोकेट एडवोकेट ने सभी शिव भक्तों के लिए विशाल भंडारे का आयोजन किया है, जिसमें भारी संख्या में कांवरिया व अन्य जन प्रसाद ग्रहण कर रहे हैं। आयोजन के दौरान उपस्थित वरिष्ठ भाजपा नेता एवं पीसीयू चेयरमैन राम मेहरोत्रा ने समस्त क्षेत्रवासियों को महाशिवरात्रि पर्व की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि हर साल महाशिवरात्रि पर लगभग पूरे उत्तराखंड प्रदेश एवं उत्तर प्रदेश के शिवभक्त कांवर में गंगाजल लेकर गंतव्य को जाते हैं और जहां पर भी जो शिव मंदिर होता है उस पर जल चढ़ाते हैं। कांवरियों की सेवार्थ जगह-जगह श्रद्धा भाव से भंडारे कराए जा रहे हैं। फलाहार बांटे जा रहे हैं। इस बार बहुत बड़ी तादाद में शिव भक्त कांवर ला रहे हैं। काशीपुर में मोटेश्वर महादेव मंदिर, बांसियोवाला मंदिर समेत अन्य शिव मंदिरों में गंगाजल चढ़ाते हैं। उन्होंने लगातार कई वर्षों से कांवर लाने वाले शिवभक्तों के जोश की सराहना करते हुए उन्हें बधाई दी। वहीं , आयोजक आनंद कुमार एडवोकेट ने कहा कि बहुत ही धूमधाम से भोले हरिद्वार से गंगाजल लेकर यहां मोटेश्वर बाबा पर चढ़ाने जा रहे हैं। इस बीच जसपुर खुर्द स्थित हमारे प्रतिष्ठान पर लगातार 15, 20 साल से प्रतिवर्ष भंडारे का आयोजन किया जाता है। उन्होंने बताया कि यह परंपरा हमारे पिता श्री बाबूराम जी ने शुरू की थी। उन्होंने समस्त प्रदेश व क्षेत्रवासियों को महाशिवरात्रि की शुभकामनाएं भी दीं। उधर, मोटेश्वर महादेव मंदिर पर मेला लग चुका है। भगवान शिव का जलाभिषेक करने को कांवरिया पहुंचने लगे हैं। आज मध्यरात्रि से जलाभिषेक का क्रम आरंभ हो जाएगा। मंदिर प्रबंधन एवं प्रशासन की ओर से कांवरियों एवं आमजन की सुविधा एवं सुरक्षा हेतु भरपूर इंतजाम किए जा रहे हैं।

