नवरात्र का त्योहार आते ही गरबा और डांडिया की रौनक बढ़ जाती है। गुजरात में गरबा केवल नृत्य नहीं, बल्कि वहां की संस्कृति और परंपरा का अहम हिस्सा है। हर साल नवरात्र के दौरान पारंपरिक गीतों के साथ बॉलीवुड के गरबा गाने भी खूब बजते हैं। इन्हीं में आलिया भट्ट की फिल्म ‘गंगूबाई काठियावाड़ी’ का गीत ‘झूमे रे गोरी’ खास पहचान बना चुका है।

नवरात्र का त्योहार आते ही गरबा और डांडिया की रौनक बढ़ जाती है। गुजरात में गरबा केवल नृत्य नहीं, बल्कि वहां की संस्कृति और परंपरा का अहम हिस्सा है। हर साल नवरात्र के दौरान पारंपरिक गीतों के साथ बॉलीवुड के गरबा गाने भी खूब बजते हैं। इन्हीं में आलिया भट्ट की फिल्म ‘गंगूबाई काठियावाड़ी’ का गीत ‘झूमे रे गोरी’ खास पहचान बना चुका है।

गुजराती रंग और पारंपरिक अंदाज से सजे इस गीत ने कम समय में गरबा प्रेमियों के बीच लोकप्रियता हासिल की। इसकी धुन और जोशीली लय लोगों को गरबा करने के लिए उत्साहित करती है। नवरात्र के आयोजनों में यह गीत गुजरात की सांस्कृतिक झलक पेश करने वाले पसंदीदा गानों में शामिल रहता है।

11 अक्टूबर से शुरू हो रहे नवरात्र के साथ एक बार फिर गरबा और डांडिया की धूम देखने को मिलेगी। मां दुर्गा की आराधना के बीच ऐसे गीत उत्सव का उत्साह बढ़ाते हैं। ‘झूमे रे गोरी’ भी अपनी खास धुन और गुजराती अंदाज के कारण नवरात्र के माहौल में लोगों की पसंद बना हुआ है।

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