



बड़ी खबर…कर्मचारी संगठनों ने आज से हड़ताल के जाने का ऐलान किया
विजिलेंस कार्रवाई के विरोध में कर्मचारियों का गुस्सा भड़का
रात भर विजिलेंस कर्मचारियों को बंधक बनाया
सितारगंज
तहसील
में विजिलेंस द्वारा वरिष्ठ सहायक और संग्रह अमीन को रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किए जाने के बाद कर्मचारियों का गुस्सा भड़क गया है कर्मचारियों ने जहां विजिलेंस कर्मचारियों को रात भर तहसील में बंधक बनाया इस दौरान पुलिस के साथ तीखी झड़पे भी हुई वही मामले की जांच की मांग को लेकर कर्मचारियों का विरोध अब प्रदेशव्यापी आंदोलन का रूप लेता दिखाई दे रहा है राजस्व संग्रह अमीन संघ, उत्तराखंड लेखपाल संघ तथा उत्तराखंड कलेक्ट्रेट मिनिस्ट्रियल कर्मचारी संघ ने संयुक्त रूप से आंदोलन की घोषणा करते हुए आज से कार्य बहिष्कार का निर्णय लिया है इस संबंध में शासन और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों को ज्ञापन भेजकर निष्पक्ष जांच कराने तथा कर्मचारियों की मांगों पर शीघ्र कार्रवाई की मांग की गई है।
कर्मचारी संगठनों की ओर से जारी संयुक्त पत्र में मुख्य सचिव उत्तराखंड शासन, मुख्यमंत्री, सचिव कार्मिक एवं सतर्कता, आयुक्त एवं सचिव राजस्व परिषद, आयुक्त कुमाऊं मंडल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ऊधमसिंह नगर सहित जनपद के सभी उप जिलाधिकारियों, पुलिस अधीक्षकों, तहसीलदारों और नायब तहसीलदारों को आंदोलन की जानकारी दी गई है। इसके साथ ही प्रदेश अध्यक्ष उत्तराखंड राजस्व संग्रह अमीन संघ, उत्तराखंड लेखपाल संघ तथा उत्तराखंड कलेक्ट्रेट मिनिस्ट्रियल कर्मचारी संघ से प्रदेशभर में विरोध प्रदर्शन और कार्य बहिष्कार को समर्थन देने का अनुरोध किया गया है
कर्मचारी नेताओं का कहना है कि विजिलेंस की कार्रवाई के बाद पूरे राजस्व एवं मिनिस्ट्रियल कर्मचारी वर्ग में भारी रोष व्याप्त है। उनका आरोप है कि मामले की निष्पक्ष जांच पूरी होने से पहले ही कर्मचारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की गई, जिससे कर्मचारियों का मनोबल प्रभावित हुआ है। उनका कहना है कि यदि किसी कर्मचारी के खिलाफ शिकायत है तो उसकी निष्पक्ष और पारदर्शी जांच होनी चाहिए, लेकिन बिना सभी तथ्यों को सामने लाए की गई कार्रवाई उचित नहीं है।
ज्ञापन में कहा गया है कि कर्मचारी संगठन भ्रष्टाचार के पक्षधर नहीं हैं, लेकिन किसी भी कर्मचारी के साथ न्यायसंगत व्यवहार होना चाहिए। यदि जांच में कोई दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई हो, वहीं निर्दोष कर्मचारियों को अनावश्यक रूप से परेशान न किया जाए।
संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि शासन ने कर्मचारियों की मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया और मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित नहीं की गई, तो आंदोलन को पूरे प्रदेश में और तेज किया जाएगा। आवश्यकता पड़ने पर चरणबद्ध आंदोलन, कार्य बहिष्कार तथा अन्य लोकतांत्रिक विरोध कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिसकी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।
ज्ञापन पर उत्तराखंड राजस्व संग्रह अमीन संघ के जिला अध्यक्ष उमाशंकर, उत्तराखंड लेखपाल संघ के प्रांतीय उपाध्यक्ष मंजू बिष्ट तथा उत्तराखंड कलेक्ट्रेट मिनिस्ट्रियल कर्मचारी संघ के जिला अध्यक्ष गौरव रावत सहित कर्मचारी संगठनों के पदाधिकारियों के हस्ताक्षर हैं। कर्मचारियों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर संतोषजनक कार्रवाई नहीं होती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।

